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Bulandshahar News: समय से पूर्व सात ईंट भट्ठों का हुआ संचालन, कार्रवाई की तैयारी
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स्याना क्षेत्र में ईट भट्ठे से निकलता धुंआ। स्त्रोत - प्राधिकरण
बुलंदशहर। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद जिले के सात ईंट भट्ठों का एक सप्ताह पूर्व ही संचालन शुरू कर दिया। शिकायत मिलने पर जांच में प्रदूषण विभाग के अफसरों को छह ईंट भट्ठे संचालित मिले। संबंधित पर कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर अन्य विभागों को पत्र भेजा है। साथ ही भट्टा संचालकों पर वायु प्रदूषण अधिनियम के तहत अभियोजन दर्ज कराने की संस्तुति की रिपोर्ट लखनऊ भेजी है।
जिलेभर में करीब 400 ईंट भट्ठे हैं। इनमें 300 के करीब जिगजैग वाले भट्ठों में जल एवं वायु की सहमति प्राप्त करने वाले 271 भट्ठा संचालकों को संचालन की अनुमति मिली। जानकारी के अनुसार दो वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने एक मार्च से 30 जून तक ईट भट्ठों का संचालन करने का आदेश जारी किया। बारिश होने पर इन्हें बंद करवा दिया जाता है। इस बार भी इसके संचालन को लेकर आदेश जारी हुए। लेकिन कई भट्ठा संचालकों ने इसकी अनदेखी करते हुए संचालन शुरू कर दिया।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर जिलाधिकारी ने ईंट भट्ठों का संचालन कराने के लिए एसएसपी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, सभी तहसील क्षेत्रों के एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जिला पंचायत के एएमए, संयुक्त आयुक्त व्यापार कर, क्षेत्रीय अधिकारी उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला खनन अधिकारी सहित ईंट भट्ठा निर्माता समिति के जिलाध्यक्ष को जिम्मेदारी सौंपी।
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साथ ही अनधिकृत एवं डिफाल्टर भट्ठों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रदूषण विभाग की टीम ने खुर्जा, डिबाई, सिकंदराबाद व स्याना तहसील में निरीक्षण किया तो लापरवाही मिली।
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सात भट्ठे मिले संचालित, कार्रवाई की संस्तुति
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसओ गीतेश चंद्रा ने बताया कि जिले में सात ईंट भट्ठों का संचालन समय से पूर्व किया गया। इनमें खुर्जा तहसील क्षेत्र के गांव सलैमपुर स्थित मैसर्स केपीएस ईंट उद्योग व गांव कनैनी स्थित मैसर्स आनंदी देवी ईंट उद्योग, सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के गांव नगला स्थित मैसर्स भोले ईंट उद्योग व गांव दुल्हैरा स्थित मैसर्स आरएसएस ब्रिक फील्ड, स्याना तहसील क्षेत्र के गांव सैदपुर स्थित मैसर्स एसएम ब्रिक फील्ड व मैसर्स एसएम ब्रिक फील्ड-प्रथम और डिबाई तहसील स्थित गांव नगला भोपतपुर स्थित मैसर्स श्री राधानी ईंट उद्योग-पूर्व नाम न्यू प्रधान ईंट उद्योग शामिल है।
सभी को नोटिस जारी कर दिया गया है। साथ ही इन सभी पर 6250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा वायु अधिनियम के तहत अभियोजन दर्ज करने की संस्तुति बोर्ड मुख्यालय लखनऊ को की है। अन्य कार्रवाई के लिए संबंधित एसडीएम, क्षेत्राधिकारी पुलिस, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, जीएसटी विभाग एवं जिला खनन अधिकारी को पत्र लिखा है।
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Iसमय से पूर्व ईंट भट्ठों का संचालन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। जिले के सात भट्ठों का संचालन समय से पूर्व किए जाने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है। संबंधित पर अभियोजन दर्ज कराने की संस्तुति कर रिपोर्ट लखनऊ भेज दी है। - उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्डI
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जिलेभर में करीब 400 ईंट भट्ठे हैं। इनमें 300 के करीब जिगजैग वाले भट्ठों में जल एवं वायु की सहमति प्राप्त करने वाले 271 भट्ठा संचालकों को संचालन की अनुमति मिली। जानकारी के अनुसार दो वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने एक मार्च से 30 जून तक ईट भट्ठों का संचालन करने का आदेश जारी किया। बारिश होने पर इन्हें बंद करवा दिया जाता है। इस बार भी इसके संचालन को लेकर आदेश जारी हुए। लेकिन कई भट्ठा संचालकों ने इसकी अनदेखी करते हुए संचालन शुरू कर दिया।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर जिलाधिकारी ने ईंट भट्ठों का संचालन कराने के लिए एसएसपी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, सभी तहसील क्षेत्रों के एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जिला पंचायत के एएमए, संयुक्त आयुक्त व्यापार कर, क्षेत्रीय अधिकारी उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला खनन अधिकारी सहित ईंट भट्ठा निर्माता समिति के जिलाध्यक्ष को जिम्मेदारी सौंपी।
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साथ ही अनधिकृत एवं डिफाल्टर भट्ठों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रदूषण विभाग की टीम ने खुर्जा, डिबाई, सिकंदराबाद व स्याना तहसील में निरीक्षण किया तो लापरवाही मिली।
सात भट्ठे मिले संचालित, कार्रवाई की संस्तुति
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसओ गीतेश चंद्रा ने बताया कि जिले में सात ईंट भट्ठों का संचालन समय से पूर्व किया गया। इनमें खुर्जा तहसील क्षेत्र के गांव सलैमपुर स्थित मैसर्स केपीएस ईंट उद्योग व गांव कनैनी स्थित मैसर्स आनंदी देवी ईंट उद्योग, सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के गांव नगला स्थित मैसर्स भोले ईंट उद्योग व गांव दुल्हैरा स्थित मैसर्स आरएसएस ब्रिक फील्ड, स्याना तहसील क्षेत्र के गांव सैदपुर स्थित मैसर्स एसएम ब्रिक फील्ड व मैसर्स एसएम ब्रिक फील्ड-प्रथम और डिबाई तहसील स्थित गांव नगला भोपतपुर स्थित मैसर्स श्री राधानी ईंट उद्योग-पूर्व नाम न्यू प्रधान ईंट उद्योग शामिल है।
सभी को नोटिस जारी कर दिया गया है। साथ ही इन सभी पर 6250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा वायु अधिनियम के तहत अभियोजन दर्ज करने की संस्तुति बोर्ड मुख्यालय लखनऊ को की है। अन्य कार्रवाई के लिए संबंधित एसडीएम, क्षेत्राधिकारी पुलिस, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, जीएसटी विभाग एवं जिला खनन अधिकारी को पत्र लिखा है।
Iसमय से पूर्व ईंट भट्ठों का संचालन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। जिले के सात भट्ठों का संचालन समय से पूर्व किए जाने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है। संबंधित पर अभियोजन दर्ज कराने की संस्तुति कर रिपोर्ट लखनऊ भेज दी है। - उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्डI