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मॉल के निर्माण में करोड़ों के घोटाले का आरोप
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मॉल के निर्माण में करोड़ों के घोटाले का आरोप
बुलंदशहर। सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने काला आम चौराहे पर जिला पंचायत की ओर से बनाए गए मॉल के निर्माण में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायत देकर जांच की मांग की है।
जिला पंचायत ने करीब आठ वर्ष पहले मॉल का निर्माण कराया था। करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किया गया था। निर्माण के दौरान इसकी लागत में वृद्धि हुई और कुल लागत करीब 38 करोड़ पर पहुंच गई। निर्माण पूरा होने के बाद मॉल में बने फ्लैट और दुकानों का आवंटन भी कर दिया गया। अभी तक मॉल का संचालन शुरू नहीं हो सका है। सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर जांच कराने की मांग की है। विधायक का आरोप है कि सपा और बसपा सरकार के दौरान में नियुक्त हुए जिला पंचायत अध्यक्ष और तत्कालीन अधिकारियों ने मॉल के निर्माण में करोड़ों रुपये का घोटाला किया। जिला पंचायत प्रदेश की एकमात्र ऐसी पंचायत रही जिसने शहर में मॉल का निर्माण कराया।
आवंटन, टेंडर व लोन की जांच की मांग
विधायक प्रदीप चौधरी ने मॉल के आवंटन में भी फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तत्कालीन सदस्यों के सगे संबंधियों को ही दुकानों व फ्लैटों का आवंटन कर दिया। आवंटन के लिए यदि खुली बोली कराई जाती तो जिला पंचायत को न केवल करोड़ों का राजस्व मिलता, बल्कि लाखों रुपये प्रतिमाह का किराया भी मिलता। उन्होंने मॉल निर्माण के लिए आठ करोड़ का लोन लेने के मामले में भी फर्जीवाड़े और मॉल निर्माण में चहेते ठेकेदार को नियमों को ताक पर रखकर ठेका देने का आरोप लगाया है। कहा कि अभी तक मॉल का संचालन भी शुरू नहीं हुआ और दीवारों से मसाला छूटकर गिरने लगा है।
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मॉल के निर्माण में पूर्व के अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा किया। अध्यक्ष रहते जब मुद्दा उठाया तो मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अब मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है। - प्रदीप चौधरी, विधायक, बुलंदशहर
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मॉल का निर्माण मेरे कार्यकाल से पहले का है। अध्यक्ष बनने के कुछ समय बाद ही चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई थी। यदि मॉल में कोई फर्जीवाड़ा हुआ है तो इसकी जांच में सहयोग करते हुए आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। - डा. अंतुल तेवतिया, अध्यक्ष, जिला पंचायत
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शासन की स्वीकृति से निर्माण कार्य कराया गया है। कमिश्नर स्तर से टीएसी की जांच हो चुकी है। प्रोजेक्ट रेरा से रजिस्टर्ड है। हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि आवंटियों को जल्द से जल्द पजेशन दिया जाए। शिकायतों के कारण विलंब हुआ। सभी शिकायतों की जांच हुई। उसमें क्लीनचिट मिल चुकी है। शासन ने 90 साल के लिए आवंटन कर दिया था। लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। - हरेंद्र यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
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बुलंदशहर। सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने काला आम चौराहे पर जिला पंचायत की ओर से बनाए गए मॉल के निर्माण में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायत देकर जांच की मांग की है।
जिला पंचायत ने करीब आठ वर्ष पहले मॉल का निर्माण कराया था। करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किया गया था। निर्माण के दौरान इसकी लागत में वृद्धि हुई और कुल लागत करीब 38 करोड़ पर पहुंच गई। निर्माण पूरा होने के बाद मॉल में बने फ्लैट और दुकानों का आवंटन भी कर दिया गया। अभी तक मॉल का संचालन शुरू नहीं हो सका है। सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर जांच कराने की मांग की है। विधायक का आरोप है कि सपा और बसपा सरकार के दौरान में नियुक्त हुए जिला पंचायत अध्यक्ष और तत्कालीन अधिकारियों ने मॉल के निर्माण में करोड़ों रुपये का घोटाला किया। जिला पंचायत प्रदेश की एकमात्र ऐसी पंचायत रही जिसने शहर में मॉल का निर्माण कराया।
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आवंटन, टेंडर व लोन की जांच की मांग
विधायक प्रदीप चौधरी ने मॉल के आवंटन में भी फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तत्कालीन सदस्यों के सगे संबंधियों को ही दुकानों व फ्लैटों का आवंटन कर दिया। आवंटन के लिए यदि खुली बोली कराई जाती तो जिला पंचायत को न केवल करोड़ों का राजस्व मिलता, बल्कि लाखों रुपये प्रतिमाह का किराया भी मिलता। उन्होंने मॉल निर्माण के लिए आठ करोड़ का लोन लेने के मामले में भी फर्जीवाड़े और मॉल निर्माण में चहेते ठेकेदार को नियमों को ताक पर रखकर ठेका देने का आरोप लगाया है। कहा कि अभी तक मॉल का संचालन भी शुरू नहीं हुआ और दीवारों से मसाला छूटकर गिरने लगा है।
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मॉल के निर्माण में पूर्व के अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा किया। अध्यक्ष रहते जब मुद्दा उठाया तो मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अब मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है। - प्रदीप चौधरी, विधायक, बुलंदशहर
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मॉल का निर्माण मेरे कार्यकाल से पहले का है। अध्यक्ष बनने के कुछ समय बाद ही चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई थी। यदि मॉल में कोई फर्जीवाड़ा हुआ है तो इसकी जांच में सहयोग करते हुए आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। - डा. अंतुल तेवतिया, अध्यक्ष, जिला पंचायत
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शासन की स्वीकृति से निर्माण कार्य कराया गया है। कमिश्नर स्तर से टीएसी की जांच हो चुकी है। प्रोजेक्ट रेरा से रजिस्टर्ड है। हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि आवंटियों को जल्द से जल्द पजेशन दिया जाए। शिकायतों के कारण विलंब हुआ। सभी शिकायतों की जांच हुई। उसमें क्लीनचिट मिल चुकी है। शासन ने 90 साल के लिए आवंटन कर दिया था। लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। - हरेंद्र यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष