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Bulandshahar News: 32 साल बाद हत्या का आरोपी संजय निर्दोष करार
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बुलंदशहर। जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 1993 में हुए शकील अहमद हत्याकांड मामले में अभियुक्त संजय को एडीजे पंचम के न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में निर्दोष करार दिया है। वह पिछले करीब दस साल से सलाखों के पीछे था। निजी अधिवक्ता की फीस न भरने के अभाव में उनके मामले की पैरवी लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम ने की।
वर्ष 1993 में जहांगीराबाद के सांखनी निवासी शकील अहमद की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में लच्छोई गांव निवासी कुल पांच लोगों को नामजद किया गया था। चार अभियुक्तों को वर्ष 2007 में ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, संजय का मामला चलता रहा। उन्हें वर्ष 2014 से अब तक जेल में गुजारना पड़ा।
संजय आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अपने अधिवक्ता की फीस नहीं भर पा रहे थे, जिसके कारण उनके मामले की पैरवी अटक गई थी। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम ने उनके मामले को अपने हाथ में लिया। काउंसिल चीफ राजीव कुमार और डिप्टी चीफ आशु मिश्रा ने उनकी पैरवी की। एडीजे पंचम मोहम्मद नसीम ने साक्ष्यों की कमी के आधार पर संजय को बरी करने का फैसला सुनाया है।
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वर्ष 1993 में जहांगीराबाद के सांखनी निवासी शकील अहमद की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में लच्छोई गांव निवासी कुल पांच लोगों को नामजद किया गया था। चार अभियुक्तों को वर्ष 2007 में ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, संजय का मामला चलता रहा। उन्हें वर्ष 2014 से अब तक जेल में गुजारना पड़ा।
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संजय आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अपने अधिवक्ता की फीस नहीं भर पा रहे थे, जिसके कारण उनके मामले की पैरवी अटक गई थी। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम ने उनके मामले को अपने हाथ में लिया। काउंसिल चीफ राजीव कुमार और डिप्टी चीफ आशु मिश्रा ने उनकी पैरवी की। एडीजे पंचम मोहम्मद नसीम ने साक्ष्यों की कमी के आधार पर संजय को बरी करने का फैसला सुनाया है।
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