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लांस नायक का शव अनीवास नहर पर रख ग्रामीणों ने लगाया जाम
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गांव अनिवास में धरना देते ग्रामीण।
- फोटो : BULANDSHAHR
लांस नायक का शव अनीवास नहर पर रख ग्रामीणों ने लगाया जाम
अनूपशहर। राजौरी सेक्टर में सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट में तैनात लांस नायक निशांक ठाकुर का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को उनके पैतृक गांव अनीवास लाया गया। ग्रामीणों ने निशांक की अंतिम विदाई सैन्य सम्मान के साथ न किए जाने का आरोप लगाते हुए बुलंदशहर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। देर शाम मौके पर पूर्व विधायक गुड्डू पंडित भी पहुंचे। एडीएम प्रशासन रविंद्र कुमार ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की बात मान ली। लखनऊ में मौजूद अनूपशहर विधायक संजय शर्मा परिजनों से फोन पर बातचीत कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। संजय शर्मा ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात कर उन्हें मामले से अवगत कराया है। आगामी सोमवार या मंगलवार में परिजनों की रक्षा मंत्री से मुलाकात कराई जाएगी। मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
अनीवास निवासी निशांक राघव सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट में लांसनायक के पद पर जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में तैनात थे। मंगलवार को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी। ग्रामीण अपने लाल को अंतिम विदाई देने के लिए पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे। बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे प्राइवेट एंबुलेंस में एक जेसीओ और चार जवानों की एक टुकड़ी निशांक के शव को लेकर गांव पहुंची। ग्रामीणों ने कहा कि शव लेकर आए जवानों ने वर्दी नहीं पहनी हुई थी और न ही निशांक के पार्थिव शरीर पर तिरंगा था। दोपहर करीब 2.30 बजे ग्रामीण बुलंदशहर-अनूपशहर मार्ग पर पहुंचे और शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे थाना पुलिस और तहसील प्रशासन के अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण जमे रहे। ग्रामीणों ने निशांक को शहीद का दर्जा दिए जाने, मौत की सीबीआई जांच कराने और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किए जाने की मांग की। मांग पूरी न होने तक देर शाम तक ग्रामीण व परिजन सड़क पर जमे रहे। देर शाम पूर्व विधायक होशियार सिंह के साथ एडीएम प्रशासन रवींद्र कुमार, एसपी देहात हरेंद्र कुमार, एसडीएम पदम सिंह, सीओ वंदना शर्मा, गोपाल कृष्ण आदि मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि प्रकरण में जिला प्रशासन की परिवार के साथ पूरी सहानुभूति है। जो भी मांगें हैं उन विचार किया जाएगा।
उत्पीड़न और हत्या करने का लगाया आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि निशांक को अवकाश भी नहीं दिया जा रहा था। फरवरी माह में उसकी छुट्टी स्वीकृत हुई, पर बाद में निरस्त कर दी गई। आरोप है कि उसका फोन छीन लिया गया था, वह किसी अन्य के फोन से परिजनों से संपर्क करता था।
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सही सूचना न देने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि पहले उन्हें बताया गया कि निशांक की सड़क दुर्घटना में मौत हुई है। साथ ही बुधवार शाम को बताया गया कि उसकी गोली लगने से मौत हुई है। आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य मेडिकल रिपोर्ट के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
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अनूपशहर। राजौरी सेक्टर में सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट में तैनात लांस नायक निशांक ठाकुर का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को उनके पैतृक गांव अनीवास लाया गया। ग्रामीणों ने निशांक की अंतिम विदाई सैन्य सम्मान के साथ न किए जाने का आरोप लगाते हुए बुलंदशहर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। देर शाम मौके पर पूर्व विधायक गुड्डू पंडित भी पहुंचे। एडीएम प्रशासन रविंद्र कुमार ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की बात मान ली। लखनऊ में मौजूद अनूपशहर विधायक संजय शर्मा परिजनों से फोन पर बातचीत कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। संजय शर्मा ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात कर उन्हें मामले से अवगत कराया है। आगामी सोमवार या मंगलवार में परिजनों की रक्षा मंत्री से मुलाकात कराई जाएगी। मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
अनीवास निवासी निशांक राघव सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट में लांसनायक के पद पर जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में तैनात थे। मंगलवार को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी। ग्रामीण अपने लाल को अंतिम विदाई देने के लिए पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे। बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे प्राइवेट एंबुलेंस में एक जेसीओ और चार जवानों की एक टुकड़ी निशांक के शव को लेकर गांव पहुंची। ग्रामीणों ने कहा कि शव लेकर आए जवानों ने वर्दी नहीं पहनी हुई थी और न ही निशांक के पार्थिव शरीर पर तिरंगा था। दोपहर करीब 2.30 बजे ग्रामीण बुलंदशहर-अनूपशहर मार्ग पर पहुंचे और शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे थाना पुलिस और तहसील प्रशासन के अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण जमे रहे। ग्रामीणों ने निशांक को शहीद का दर्जा दिए जाने, मौत की सीबीआई जांच कराने और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किए जाने की मांग की। मांग पूरी न होने तक देर शाम तक ग्रामीण व परिजन सड़क पर जमे रहे। देर शाम पूर्व विधायक होशियार सिंह के साथ एडीएम प्रशासन रवींद्र कुमार, एसपी देहात हरेंद्र कुमार, एसडीएम पदम सिंह, सीओ वंदना शर्मा, गोपाल कृष्ण आदि मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि प्रकरण में जिला प्रशासन की परिवार के साथ पूरी सहानुभूति है। जो भी मांगें हैं उन विचार किया जाएगा।
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उत्पीड़न और हत्या करने का लगाया आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि निशांक को अवकाश भी नहीं दिया जा रहा था। फरवरी माह में उसकी छुट्टी स्वीकृत हुई, पर बाद में निरस्त कर दी गई। आरोप है कि उसका फोन छीन लिया गया था, वह किसी अन्य के फोन से परिजनों से संपर्क करता था।
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सही सूचना न देने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि पहले उन्हें बताया गया कि निशांक की सड़क दुर्घटना में मौत हुई है। साथ ही बुधवार शाम को बताया गया कि उसकी गोली लगने से मौत हुई है। आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य मेडिकल रिपोर्ट के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।