फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   RLD MLA Bandhu to enter the electoral battle

चुनावी रण में उतरने के लिए रालोद के हुए विधायक बंधु

Thu, 19 Jan 2017 10:55 PM IST
अमर उजाला/बुलंदशहर
अमर उजाला/बुलंदशहर Updated Thu, 19 Jan 2017 10:55 PM IST
विज्ञापन

सपा से निष्कासित होने के बाद भाजपा में प्रवेश नहीं पा सके विधायक बंधु अब रालोद में चले गए हैं। विधायक बंधुओं के साथ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आशा यादव और खुर्जा से पूर्व बसपा प्रत्याशी रहे मनोज गौतम ने भी रालोद का दामन थाम लिया है। उन्होंने दिल्ली में रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह की मौजूदगी में पार्टी ज्वाइन की।

विज्ञापन


एमएलसी और राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने के बाद सपा से निष्कासित हुए विधायक बंधु श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित और मुकेश पंडित तमाम कोशिशों के बावजूद भाजपा से टिकट तो दूर प्रवेश तक नहीं पा सके। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की नाराजगी के चलते दोनों विधायक भाइयों को पार्टी में शामिल नहीं किया गया।
विज्ञापन


इसके बाद से ही विधायक बंधुओं के राजनीतिक अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। बृहस्पतिवार को विधायक बंधुओं ने चौधरी अजित सिंह की मौजूदगी में रालोद का हैंडपंप थाम लिया। विधायक बंधुओं के अलावा पूर्व जिला पंचायत सदस्य और सपा नेता आशा यादव तथा खुर्जा से पूर्व बसपा प्रत्याशी रहे मनोज गौतम भी रालोद में शामिल हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


माना जा रहा है कि रालोद के टिकट पर गुड्डू पंडित बुलंदशहर से तो उनके भाई मुकेश पंडित शिकारपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। इसके अलावा आशा यादव को सिकंदराबाद सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है। हालांकि अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि तीनों नेता इन्हीं सीटों से चुनाव लड़ेंगे।

रालोद जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी का कहना है कि गुड्डू पंडित, मुकेश पंडित, मनोज गौतम और आशा यादव ने रालोद का दामन थाम लिया है। उन्हें रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह की मौजूदगी में पार्टी ज्वाइन कराई गई। ये लोग किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, अभी तय नहीं है।

सपा छोड़ रालोद का दामन थामने वाली पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आशा यादव के पति हरेंद्र यादव वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। वह सपा के सिंबल पर जिला पंचायत अध्यक्ष बने हैं। माना जा रहा है कि सिकंदराबाद सीट गठबंधन होने पर कांग्रेस के खाते में जाएगी। हरेंद्र यादव की पत्नी आशा यादव को सिकंदराबाद से प्रत्याशी नहीं बनाए जाने पर उन्होंने रालोद का दामन थामा है।

हर चुनाव में नया चोला ओढ़ते हैं गुड्डू पंडित
डिबाई के निवर्तमान विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित हर चुनाव में नया चोला ओढ़ लेते हैं। गुड्डू पंडित ने 2007 का विधानसभा चुनाव डिबाई सीट से बसपा के टिकट पर लड़ा था। जहांगीराबाद ब्लॉक प्रमुख चुनाव में बीडीसी सदस्यों के अपहरण कांड से विधायक गुड्डू पंडित प्रदेशभर में चर्चा में आ गए थे।

बसपा सुप्रीमो मायावती की सरकार में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जिसके बाद उन्हें बसपा से निकाल दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सपा का दामन थाम लिया। 2012 का विधानसभा चुनाव उन्होंने सपा के टिकट पर डिबाई से ही लड़ा और राजवीर सिंह को दूसरी बार हराया।

उनके भाई मुकेश पंडित ने 2012 का चुनाव शिकारपुर से लड़कर जीता। एमएलसी और राज्यसभा सदस्यों के चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने के कारण उन्हें सपा से निष्कासित कर दिया गया। इन्होंने शिवपाल यादव पर हत्या की धमकी देने का भी आरोप लगाया था।


बाद में उन्होंने भाजपा में प्रवेश की कोशिश की, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका। नैया को अटकता देख विधायक बंधुओं ने रालोद को दामन थाम लिया। अब तीसरा चुनाव फिर नए दल से लड़ेंगे।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed