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किसानों की बात नहीं सुनती सरकार, हक मांगों तो बरसाती है लाठी : जयंत चौधरी

Thu, 04 Mar 2021 08:34 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 04 Mar 2021 08:34 PM IST
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rld leader jayant chaudhary addressing kisan panchayat at bulandshahr attack on government
महापंचायत को संबोधित करते जयंत चौधरी - फोटो : अमर उजाला

कस्बे के रामलीला बाड़ा मैदान में गुरुवार को रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने किसान महापंचायत को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठी सरकार किसानों की बात नहीं मानती है। हक मांगने पर लाठियां बरसाती है और किसानों पर झूठे मुकदमे कराती है। उन्होंने कृषि कानून को काला कानून बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की बात कही। 

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महापंचायत में जयंत चौधरी ने कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार की मुखालफ त करते हुए किसानों को लामबंद करने का प्रयास किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा वालों में गुब्बारे की तरह हवा भरी हुई है, इनकी हवा किसानों को ही निकालनी होगी। उन्होंने जमींदारी विनाश अधिनियम सहित भूमि अधिग्रहण के कानून को आंदोलन से ही बदलने का उदाहरण देते हुए कहा कि कृषि कानून भी सरकार को बदलने होंगे। 
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महापंचायत में शामिल किसानों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया। बोले इन कानूनों की वजह से किसान बर्बाद हो जाएगा। किसानों को फ सलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है और पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने से खेती की लागत भी बढ़ गई है। जयंत ने कहा कि जाति में कुछ नहीं रखा है एकजुटता ही तरक्की के मार्ग खोलता है। उन्होंने कहा केंद्र में अड़ियल सरकार बैठी हुई है, जो किसानों की बात नहीं सुनती है। प्रधानमंत्री ने सदन की गरिमा को भी शर्मसार कर दिया। जहां हक मांगने वाले किसानों को ही आंदोलनजीवी बता दिया है। हक मांगने वालों पर लाठियां बरसाकर देशद्रोही बताया जाता है। अब बहुत हो गया, ऐसे लोगों को सत्ता से दूर जाने का समय आ गया।
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रालोद उपाध्यक्ष ने कहा कि पूरे देश का किसान एक है। उसे पंजाब, हरियाणा, यूपी या जाति में न बांटें। किसान सरकार को सबक सिखाकर रहेंगे। एमएसपी पर कानून बने। आज किसानों को एमएसपी की दर से मूल्य नहीं मिल रहा। जयंत चौधरी से पूर्व रालोद के प्रदेश महासचिव डॉ. राजकुमार सांगवान, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवीर सिंह, आसिफ गाजी, जिलाध्यक्ष अरुण चौधरी, सुनील चरौरा, पूर्व विधायक दिलनवाज खान, अंजू मुस्कान, कुंवर पीके सिंह, अतुल वाल्मीकि, सुशील गुर्जर, भानुप्रताप सिंह, विकास चौधरी, जगपाल सिंह, वीरपाल सिंह व अमित तोमर आदि ने भी अपने विचार रखते हुए कृषि कानूनों की निंदा करते हुए इन्हें किसान हित में वापस लेने को कहा। महापंचायत की अध्यक्षता ओमवीर सिंह व संचालन जिला पंचायत सदस्य सुनील चरौरा ने किया।
 

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मोदी पर तंज कस जयंत ने किसानों से बजवाई ताली

केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकारों पर तीखा हमला करने के साथ ही प्रधानमंत्री के पहनावे पर तंज कसते हुए किसानों से तालियां बजवाई। तंज उन्होंने एक दोहे के माध्यम से किया।  

महापंचायत में महिलाओं ने की खासी शिरकत
किसान महापंचायत में महिलाओं की भीड़ भी खासी रही। महिलाओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने महिला पुलिसकर्मियों की भी भारी संख्या में तैनाती की। एसपी देहात हरेंद्र कुमार व सीओ रमेश चंद त्रिपाठी कैप किए रहे। कार्यक्रम के समापन पर कुछ महिलाओं की भीड़ जयंत चौधरी के पास तक पहुंची और जयंत को आश्वासन दिया कि वह अपनी इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएं। किसानों की आधी आबादी का भी उन्हें पूर्ण समर्थन है। 

सपा नेताओं व पंचों ने बांधी जयंत को पगड़ी
रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को मंच पर आसपास के गांवों के पंचों व सपा नेता हिमायत अली, पूर्व विधायक चौ. होशियार सिंह, शिकारपुर ब्लॉक के पूर्व प्रमुख पिंटू चौधरी, डिबाई से सपा के प्रत्याशी रहे हरीश लोधी, अजित हिमांचल, जुगेंद्र पौसवाल व हसीन सैफी आदि ने अलग-अलग हरी पगड़ी बांधी। इसके अलावा कुछ किसानों ने जयंत को मंच पर गदा भी सौंपी।

पूर्व विधायक दिलनवाज किसानों के साथ जमीन पर बैठे
मंच पर जयंत चौधरी के साथ मंच पर बैठने व फोटो खिंचवाने के लिए जहां नेताओं की भीड़ रही, वहीं रालोद नेता व पूर्व विधायक दिलनवाज खान जमीन पर ही किसानों के साथ बैठे रहे, जिन्हें बाद में सुनील चरौरा ने मंच से पुकारकर ऊपर बुलाया।

ऋषिपाल महाशय-सुंदर जिनाई की रागिनियों ने बांधा समा
महापंचायत में किसानों के मनोरंजन के लिए आयोजकों ने रागिनी कलाकारों को भी बुलाया था। रागिनी सम्राट ऋषिपाल महाशय व सुंदर जिनाई के रागनी गायकों ने एक से बढ़कर एक रागिनी सुनाकर किसानों की जमकर वाह-वाही लूटी। एक रागिनी में जहां कृषि कानून की निंदा की गई तो दूसरी रागिनी में चौ. चरण सिंह की उपलब्धियों का बखान किया गया।

मंच पर सपा नेताओं को नहीं बुलाया गया
किसान महापंचायत में सपा के जिले के कई कद्दावर नेता भी शामिल हुए। आयोजकों ने इन सभी को मंच पर तो स्थान दिया, लेकिन उन्हें मंच से बोलने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। हालांकि इन सपा नेताओं ने मंच पर ही जयंत चौधरी को हरी पगड़ी बांधी।

ब्राह्मण समाज ने जयंत को भेंट की परशुराम की फोटो
क्षेत्र के ब्राह्मण समाज की ओर से गप्पी पंडित गहना ने रालोद नेता जयंत चौधरी को भगवान परशुराम की फोटो भेंट की। फोटो भेंट करने वालों ने कहा कि चौ. चरण सिंह किसान जाति के नेता थे और उन्होंने किसानों के लिए काफी काम किए, जिन्हें कभी भुलाया नही जा सकेगा।

सैदपुर से आए बम बजाने वालों का भी पंचायत में रहा डंका
किसान महापंचायत में अगौता के सैदपुर क्षेत्र से बम व नगाड़े बजाने वालों की टीम भी पहुंची। टीम में शामिल करीब एक दर्जन लोग बीच-बीच में अपने-अपने यंत्रों को बजाकर लगातार किसानों में जोश भरते रहे। उक्त यंत्रों की धुन पंचायत में शामिल होने आए किसानों के बीच खासी लोकप्रिय रही।

किसानों ने जयंत को भेंट की दो लाख रुपये की धनराशि
किसान महापंचायत में अनूपशहर, सिकंदराबाद, स्याना, खुर्जा, शिकारपुर व बुलंदशहर के किसानों ने दो लाख रुपये की धनराशि मंच पर जयंत चौधरी को भेंट की और उन्हे आश्वासन दिया कि जिले के सभी किसान भी इस हक की लड़ाई में पूरी तरह उनके साथ हैं।

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