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Bulandshahar News: ऋषभ की हालत में सुधार, बाल-बाल बचा जीवन
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बुलंदशहर। गांव मिर्जापुर में शनिवार सुबह हादसे का शिकार हुए 13 वर्षीय किशोर ऋषभ की हालत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। गर्दन के आर-पार सरिया होने के बावजूद चिकित्सकों के सफल ऑपरेशन और समय पर मिले उपचार ने ऋषभ को नई जिंदगी दी है। चिकित्सकों का कहना है कि ऋषभ की स्थिति अब खतरे से बाहर है।
शनिवार सुबह मिर्जापुर में क्रिकेट मैच के दौरान गांव निवासी ऋषभ लोहे के सरिये की चपेट में आ गया था। सरिया उसके दाहिने बाजू के पास से निकलते हुए गर्दन के दूसरी तरफ निकल गया था। इस मंजर को देख वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गई थीं। ग्रामीणों ने सरिया काटकर उसे अस्पताल पहुंचाया था। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया था।
दिल्ली के एक अस्पताल में शनिवार शाम को ऋषभ का आपरेशन हुआ। परिजनों ने बताया कि ऋषभ के आपरेशन के बाद उन्होंने रविवार को फिर से चिकित्सकों से बातचीत की। चिकित्सकों ने बताया कि ऋषभ की गर्दन के पास से घुसा सरिया बेहद संवेदनशील हिस्से से होकर गुजरा था। ऑपरेशन करने वाली टीम ने बताया कि लोहे का सरिया गर्दन के मांस को चीरते हुए निकल गया, लेकिन गनीमत यह रही कि उसने फेफड़े को स्पर्श नहीं किया। फिलहाल, संक्रमण रोकने के लिए उसे विशेष निगरानी में रखा गया है।
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शनिवार सुबह मिर्जापुर में क्रिकेट मैच के दौरान गांव निवासी ऋषभ लोहे के सरिये की चपेट में आ गया था। सरिया उसके दाहिने बाजू के पास से निकलते हुए गर्दन के दूसरी तरफ निकल गया था। इस मंजर को देख वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गई थीं। ग्रामीणों ने सरिया काटकर उसे अस्पताल पहुंचाया था। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया था।
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दिल्ली के एक अस्पताल में शनिवार शाम को ऋषभ का आपरेशन हुआ। परिजनों ने बताया कि ऋषभ के आपरेशन के बाद उन्होंने रविवार को फिर से चिकित्सकों से बातचीत की। चिकित्सकों ने बताया कि ऋषभ की गर्दन के पास से घुसा सरिया बेहद संवेदनशील हिस्से से होकर गुजरा था। ऑपरेशन करने वाली टीम ने बताया कि लोहे का सरिया गर्दन के मांस को चीरते हुए निकल गया, लेकिन गनीमत यह रही कि उसने फेफड़े को स्पर्श नहीं किया। फिलहाल, संक्रमण रोकने के लिए उसे विशेष निगरानी में रखा गया है।
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