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Bulandshahar News: सेवानिवृत्त सीएमएस को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे पांच लाख रुपये

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2024 11:11 AM IST
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Retired CMS defrauded of Rs 5 lakh by digital arrest
बुलंदशहर। साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर पांच लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने मामले की साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि एक महिला आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर पीड़ित को हवाला के धंधे में शामिल होने का आरोप लगाते हुए ठगी की। पीड़ित की शिकायत पर साइबर टीम मामले की जांच कर रही है। हालांकि, अभी आरोपियों की सही शिनाख्त नहीं हो सकी है।
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साइबर थाने में दाल मंडी निवासी सेवानिवृत्त नगर स्वास्थ्य अधिकारी और पुलिस लाइन चिकित्सालय के सीएमएस रह चुके डाॅ. विश्वनाथ रॉय ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि चार सितंबर 2024 की सुबह उनके मोबाइल पर एक फोन आया। इसमें कहा गया कि मुंबई के पते पर उनके नाम से जारी क्रेडिट कार्ड से 1.09 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इस पर उनके द्वारा मुंबई में न रहने और न ही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी गई।
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इस पर आरोपी फोनकर्ता ने उनसे कहा कि उनकी आवाज आर्थिक अपराध नियंत्रण शाखा बांद्रा, महाराष्ट्र को प्रेषित की जा रही है, संबंधित इंस्पेक्टर को जवाब दें। कुछ ही देर बाद मुंबई पुलिस के लोगो और साइबर क्राइम ब्रांच बांद्रा, मुंबई के कार्यालय कक्ष में इंस्पेक्टर की ड्रेस पहने हुए एक व्यक्ति दाखिल हुआ, जिसने खुद को इंस्पेक्टर शिव कुमार तांबले बताया। इस ठग द्वारा सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारी से कहा गया कि उनके एक बैंक के खाते से विदेश में 25 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
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एक हवाला कारोबारी द्वारा 25 हजार करोड़ रुपये हवाला के जरिए भेजे गए। ईडी की छापेमारी में हवाला कारोबारी के घर से उनके नाम की पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड आदि सामान मिला है। ऐसे में उनके नाम वारंट जारी हो चुका है। साइबर ठगों द्वारा सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारी को उनके परिवार की जान को खतरा होने की बात कहकर डराया गया। सेवानिवृत्त अधिकारी से कहा गया कि उनकी सारी बातें टेप की जा रही हैं।
यह बातें किसी को नहीं बतानी हैं, अन्यथा उनके परिवार की जान खतरे में पड़ जाएगी। इसके बाद आरोपी ठग द्वारा सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारी से कमरे के दरवाजे बंद करने की कहते हुए उनकी बातचीत एक कथित महिला डीसीपी से कराई गई। महिला डीसीपी ने सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारी को बैंक पहुंचकर उनके खाते में जमा समस्त धनराशि 5 लाख एक खाते में ट्रांसफर करा लिए।
साइबर ठगों ने 5 लाख रुपये ट्रांसफर कराने के बाद सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारी पर उनकी बैंक में जमा एफडी तोड़कर उसका रुपया भी ट्रांसफर करने के लिए कहा। पीड़ित के अनुसार तथाकथित महिला डीसीपी ने 5 सितंबर को फिर से वीडियो कॉल कर कहा कि एजी साहब ने कहा है कि जांच जारी है। ऐसे में बैंक में जमा एफडी को तुड़वाकर सारा पैसा उनके द्वारा बताए गए खाते में जमा करा दें।

इसके बाद सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारी को ठगी का अहसास हुआ और उनके द्वारा आरोपियों की कॉल रिसीव करना बंद कर दिया गया। करीब 24 घंटे तक सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट बनाए रखा गया। साइबर थाना पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों का भी सुराग लगा लिया जाएगा।
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