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Bulandshahar News: 914 करोड़ के बजट से रफ्तार पकड़ेगी रैपिड रेल
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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में गाजियाबाद को भी कई सौगात मिली हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण पहले से चल रही रैपिड रेल के काम के लिए 914 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जाना है। इससे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल काॅरिडोर के दूसरे और तीसरे चरण का काम नई रफ्तार पकड़ेगा। माना जा रहा है कि दो महीने में मोदीनगर से मेरठ साउथ तक का सफर शुरू हो सकता है। इसके साथ ही तीसरे चरण का काम भी तेज गति पकड़ लेगा।
दिल्ली से मेरठ तक का यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में गाजियाबाद में रैपिड रेल चल चुकी है। दूसरे चरण में मेरठ पहुंचनी है। तीसरे में दिल्ली से गाजियाबाद का सफर तय होना है। दूसरे चरण का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन का ट्रायल किया जा रहा है।
पूरे प्रोजेक्ट में यूपी सरकार की हिस्सेदारी 16.50 फीसदी है। इसी के तहत 914 करोड़ का बजट और स्वीकृत कर दिया गया है। एनसीआरटीसी के मुख्य प्रवक्ता पुनीत वत्स का कहना है कि प्रदेश सरकार ने बजट स्वीकृत किया है। इससे साहिबाबाद से मेरठ तक का काम तय समय से पहले पूरा हो सकेगा। इसका लक्ष्य जून तक का है।
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ऐसे मिला बजट
6,048 करोड़ है यूपी का अंशदान
4,742 करोड़ मिल चुका अब तक
2020 में 900, 21 में 570 करोड़ मिले
100 करोड़ से माॅडल बनेंगी
शहर की चार प्रमुख सड़कें
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। शहर की चार सड़कों को मॉडल रोड के रूप में विकसित कर शहर की तस्वीर बदलने की योजना गति पकड़ेगी। उत्तर प्रदेश के बजट में मुख्यमंत्री-ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (अर्बन) के अंतर्गत 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 100 करोड़ रुपये गाजियाबाद नगर निगम को चार मॉडल सड़कें बनाने के लिए मिलेंगे।
इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी जा चुकी है। जल्द ही इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। नगर निगम के निर्माण विभाग ने मॉडल रोड के लिए चुनी गई सड़कों का सर्वे कर लिया है। चारों ही सड़कें अति व्यस्त हैं और इन सड़कों से स्थानीय यातायात ही नहीं बल्कि दिल्ली व अन्य राज्यों के वाहन भी गुजरते हैं।
सीएम ग्रिड के तहत इन सड़कों को विकसित करने पर 349 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है, इस बजट में इसकी पहली किस्त 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। आमतौर पर सड़कों को बार-बार खोदने सड़कों की गुणवत्ता खराब होती और यातायात पर इसका विपरीत असर पड़ता है लेकिन मॉडल रोड योजना के तहत सभी नागरिक सुविधाओं जैसे, बिजली की लाइनों, सीवर लाइनों, स्टॉर्म वाटर ड्रेनों को एक ही जगह डक्ट बनाकर स्थापित किया जाता है, ताकि इनमें से किसी के लिए भी सड़क को खोदना नहीं पड़े। यातायात को रफ्तार देने के लिए बाधाओं को दूर किया जाएगा।
साथ ही, सड़कों के दोनों ओर हरियाली बढ़ाई जाएगी। फुटपाथ और राजनगर एक्सटेंशन में लगभग सात किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक तैयार किया जाएगा। मॉडल सड़कें नो पार्किंग जोन में तब्दील होंगी। इन सड़कों पर पार्किंग और अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में जुर्माने का प्रावधान भी किया जा सकता है। इन सड़कों पर वाहन रोकना प्रतिबंधित होगा। चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली को बेहतर बनाने के साथ पैदल आवाजाही को सुरक्षित बनाया जाएगा।
माॅडल बनेंगी सड़कें
1- हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से मोहननगर बस स्टैंड
2- शेषनाग द्वार से हिंडन एयरफोरर्स स्टेशन
3- हिंडन मेट्रो स्टेशन से एलिवेटेड रोड चौराहा
4- एलिवेटेड रोड से राजनगर एक्टेंशन तक
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वर्जन
मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट योजना के तहत चार मॉडल सड़कें प्रस्तावित हैं। इस बार बजट में गाजियाबाद नगर निगम को 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जल्द ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा। - विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त
एकीकृत प्रयोगशाला
बनने का रास्ता साफ
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। नया बजट जारी होने पर जिले में एक साल बाद एकीकृत (इंटीग्रेटेड) लैब बनने का रास्ता साफ हो गया है। जिला एमएमजी अस्पताल में कार्यरत इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) विंग में वर्ष 2022-23 में इंटीग्रेटेड हेल्थ लैब बनाने की अनुमति मिली थी। लैब में पानी, मच्छर और रक्त संबंधी सभी प्रकार के संक्रामक रोगों की जांच कराने की योजना बनाई गई थी। अभी सिर्फ डेंगू बुखार की ही जांच हो रही है। अन्य संक्रामक रोगों की जांच के लिए सैंपल दिल्ली और मेरठ भेजे जा रहे हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि जल्द ही जिले में लैब बन सकेगी।
31 आरोग्य मंदिर बनेंगे
नए बजट से 31 आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। अभी तक जिले में 84 में से 53 सेंटर बन चुके हैं, शेष का काम बजट के अभाव में काम शुरू नहीं हो पा रहा था। विभाग की ओर से केंद्रों के लिए स्थान चयनित किए जा चुके हैं। आरोग्य मंदिर के नोडल अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि शासन से बजट मिलने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
ट्रॉमा सेंटर में बढ़ेंगी सुविधाएं
15 वर्ष पूर्व संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में बसपा शासन में ट्रॉमा सेंटर शुरू किया गया था। 15 वर्ष में सिर्फ दो डॉक्टरों की नियुक्ति हो सकी है। सेंटर शुरू कराने के दौरान दावा किया गया था सड़क दुर्घटना या किसी भी हादसे में घायल होने पर समय पर उन्हें इलाज मिल सके। अभी तक सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टर और जरूरी उपकरण नहीं होने से सिर्फ सामान्य इलाज ही मिल पा रहा है।
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दिल्ली से मेरठ तक का यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में गाजियाबाद में रैपिड रेल चल चुकी है। दूसरे चरण में मेरठ पहुंचनी है। तीसरे में दिल्ली से गाजियाबाद का सफर तय होना है। दूसरे चरण का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन का ट्रायल किया जा रहा है।
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पूरे प्रोजेक्ट में यूपी सरकार की हिस्सेदारी 16.50 फीसदी है। इसी के तहत 914 करोड़ का बजट और स्वीकृत कर दिया गया है। एनसीआरटीसी के मुख्य प्रवक्ता पुनीत वत्स का कहना है कि प्रदेश सरकार ने बजट स्वीकृत किया है। इससे साहिबाबाद से मेरठ तक का काम तय समय से पहले पूरा हो सकेगा। इसका लक्ष्य जून तक का है।
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ऐसे मिला बजट
6,048 करोड़ है यूपी का अंशदान
4,742 करोड़ मिल चुका अब तक
2020 में 900, 21 में 570 करोड़ मिले
100 करोड़ से माॅडल बनेंगी
शहर की चार प्रमुख सड़कें
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। शहर की चार सड़कों को मॉडल रोड के रूप में विकसित कर शहर की तस्वीर बदलने की योजना गति पकड़ेगी। उत्तर प्रदेश के बजट में मुख्यमंत्री-ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (अर्बन) के अंतर्गत 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 100 करोड़ रुपये गाजियाबाद नगर निगम को चार मॉडल सड़कें बनाने के लिए मिलेंगे।
इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी जा चुकी है। जल्द ही इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। नगर निगम के निर्माण विभाग ने मॉडल रोड के लिए चुनी गई सड़कों का सर्वे कर लिया है। चारों ही सड़कें अति व्यस्त हैं और इन सड़कों से स्थानीय यातायात ही नहीं बल्कि दिल्ली व अन्य राज्यों के वाहन भी गुजरते हैं।
सीएम ग्रिड के तहत इन सड़कों को विकसित करने पर 349 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है, इस बजट में इसकी पहली किस्त 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। आमतौर पर सड़कों को बार-बार खोदने सड़कों की गुणवत्ता खराब होती और यातायात पर इसका विपरीत असर पड़ता है लेकिन मॉडल रोड योजना के तहत सभी नागरिक सुविधाओं जैसे, बिजली की लाइनों, सीवर लाइनों, स्टॉर्म वाटर ड्रेनों को एक ही जगह डक्ट बनाकर स्थापित किया जाता है, ताकि इनमें से किसी के लिए भी सड़क को खोदना नहीं पड़े। यातायात को रफ्तार देने के लिए बाधाओं को दूर किया जाएगा।
साथ ही, सड़कों के दोनों ओर हरियाली बढ़ाई जाएगी। फुटपाथ और राजनगर एक्सटेंशन में लगभग सात किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक तैयार किया जाएगा। मॉडल सड़कें नो पार्किंग जोन में तब्दील होंगी। इन सड़कों पर पार्किंग और अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में जुर्माने का प्रावधान भी किया जा सकता है। इन सड़कों पर वाहन रोकना प्रतिबंधित होगा। चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली को बेहतर बनाने के साथ पैदल आवाजाही को सुरक्षित बनाया जाएगा।
माॅडल बनेंगी सड़कें
1- हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से मोहननगर बस स्टैंड
2- शेषनाग द्वार से हिंडन एयरफोरर्स स्टेशन
3- हिंडन मेट्रो स्टेशन से एलिवेटेड रोड चौराहा
4- एलिवेटेड रोड से राजनगर एक्टेंशन तक
वर्जन
मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट योजना के तहत चार मॉडल सड़कें प्रस्तावित हैं। इस बार बजट में गाजियाबाद नगर निगम को 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जल्द ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा। - विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त
एकीकृत प्रयोगशाला
बनने का रास्ता साफ
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। नया बजट जारी होने पर जिले में एक साल बाद एकीकृत (इंटीग्रेटेड) लैब बनने का रास्ता साफ हो गया है। जिला एमएमजी अस्पताल में कार्यरत इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) विंग में वर्ष 2022-23 में इंटीग्रेटेड हेल्थ लैब बनाने की अनुमति मिली थी। लैब में पानी, मच्छर और रक्त संबंधी सभी प्रकार के संक्रामक रोगों की जांच कराने की योजना बनाई गई थी। अभी सिर्फ डेंगू बुखार की ही जांच हो रही है। अन्य संक्रामक रोगों की जांच के लिए सैंपल दिल्ली और मेरठ भेजे जा रहे हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि जल्द ही जिले में लैब बन सकेगी।
31 आरोग्य मंदिर बनेंगे
नए बजट से 31 आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। अभी तक जिले में 84 में से 53 सेंटर बन चुके हैं, शेष का काम बजट के अभाव में काम शुरू नहीं हो पा रहा था। विभाग की ओर से केंद्रों के लिए स्थान चयनित किए जा चुके हैं। आरोग्य मंदिर के नोडल अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि शासन से बजट मिलने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
ट्रॉमा सेंटर में बढ़ेंगी सुविधाएं
15 वर्ष पूर्व संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में बसपा शासन में ट्रॉमा सेंटर शुरू किया गया था। 15 वर्ष में सिर्फ दो डॉक्टरों की नियुक्ति हो सकी है। सेंटर शुरू कराने के दौरान दावा किया गया था सड़क दुर्घटना या किसी भी हादसे में घायल होने पर समय पर उन्हें इलाज मिल सके। अभी तक सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टर और जरूरी उपकरण नहीं होने से सिर्फ सामान्य इलाज ही मिल पा रहा है।