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एक दिन की बारिश से गड्ढे में धंसने लगी 586 करोड़ की सीवर लाइन
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एक दिन की बारिश से गड्ढे में धंसने लगी 586 करोड़ की सीवर लाइन
बुलंदशहर। शहर के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली सीवर लाइन योजना फिलहाल लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। हालात यह हैं कि एक दिन के बारिश के बाद शहर की सड़कें धंस चुकी हैं, जबकि सीवर लाइन के मैनहोल पर लगाए गए ढक्कन पूरी तरह से टूट चुके हैं। जबकि सीवर लाइन चालू करना तो दूर अभी तक सीवर लाइन बिछाने का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है।
करीब तीन वर्ष पूर्व शहर के विकास के दावों के साथ शुरू की गई 586 करोड़ की सीवर योजना, फिलहाल लोगों की सुविधाओं से खिलवाड़ कर रही है। मानकों की अनदेखी के साथ अधिकारियों के आंखें मूंद लेने के साथ ठेकेदार की लापरवाही हल्की बारिश में खुलकर सामने आ गई। शहर में दर्जनों जगहों पर सीवरलाइन बिछाने के बाद बनाई गई सड़क बारिश के बाद गड्ढों में तब्दील हो गई। इसके अलावा सीवर लाइन के मेन होल पर लगाए गए ढक्कन भी हल्के वाहनों के गुजरने के बाद चकनाचूर हो गए। जिससे सीवर लाइन के भविष्य पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
इन स्थानों पर गड्ढों में तब्दील हुई सड़क
जिला अस्पताल के सामने से गुजर रही सड़क पर सीवर के मैन होल के किनारे से पूरी मिट्ठी के साथ सड़क धंस गई। इसके अलावा दिल्ली रोड, स्याना अड्डा रोड, मोहल्ला देवीपुरा में शास्त्री पार्क के निकट, आवास विकास कॉलोनी, भूड़ चौराहा, चांदपुर रोड समेत दर्जनों स्थानों पर सड़क धंस चुकी है।
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बोले सभासद व लोग
कोई कुछ नहीं बोल रहा
सीवर लाइन लोगों के भले के लिए बिछाने का दावा किया गया था। इसके बाद भी सीवर लाइन बिछाने के दौरान मानक और लोगों के स्वास्थ्य का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। सरकार से मिले अरबों रुपये के बजट को बस ठिकाने लगाया जा रहा है। अधिकारी और नेता भी कुछ नहीं बोल रहे हैं। - सुनील शर्मा, सभासद
खतरा हैं ये गड्ढे
बारिश के बाद सड़कों में गड्ढे होने से लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। दोबारा बारिश होने की स्थिति में लोगों को आने-जाने के दौरान गड्ढे नहीं दिखेंगे, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। सीवर लाइन के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है, लेकिन अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। - अजय अग्रवाल
हो सकता है बड़ा हादसा
बारिश के दौरान सड़क से गुजरना काफी मुश्किल भरा हो रहा था। पता ही नहीं चल रहा था कि कहां पर सड़क ठीक है और कहां गड्ढा हो चुका है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति गड्ढे में गिरता है तो उसे काफी चोटें आएंगी, संभव है कि उसकी जान भी चली जाए। अधिकारियों को इसे ठीक कराने के लिए कदम उठाने चाहिए। - आदेश कुमार शर्मा
लोगों के हितों में नहीं दिया ध्यान
सीवर लाइन में लोगों के हित को ध्यान में नहीं रखा गया। जिसके चलते कार्यदायी संस्था लाइन बिछाने के बाद सड़कों को ठीक प्रकार से नहीं बना रही है। इसके अलावा सीवर लाइन में भी घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। भविष्य यह सीवर लाइन लोगों के लिए बीमारी की लाइन साबित होगी। - ऋषिपाल सिंह, सभासद
कुछ स्थानों पर बारिश के कारण सड़कों के धंसने की सूचना मिली है। बारिश के दौरान मैने खुद अस्पतालों के आसपास की सड़कों को ठीक कराने के लिए दौरा किया था। मिट्टी से नमी खत्म होने के बाद जीएलवी फिलिंग कराते हुए दोबारा से सड़कों का निर्माण करा दिया जाएगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। - मौ. मुईज, एक्सईएन, जल निगम
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बुलंदशहर। शहर के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली सीवर लाइन योजना फिलहाल लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। हालात यह हैं कि एक दिन के बारिश के बाद शहर की सड़कें धंस चुकी हैं, जबकि सीवर लाइन के मैनहोल पर लगाए गए ढक्कन पूरी तरह से टूट चुके हैं। जबकि सीवर लाइन चालू करना तो दूर अभी तक सीवर लाइन बिछाने का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है।
करीब तीन वर्ष पूर्व शहर के विकास के दावों के साथ शुरू की गई 586 करोड़ की सीवर योजना, फिलहाल लोगों की सुविधाओं से खिलवाड़ कर रही है। मानकों की अनदेखी के साथ अधिकारियों के आंखें मूंद लेने के साथ ठेकेदार की लापरवाही हल्की बारिश में खुलकर सामने आ गई। शहर में दर्जनों जगहों पर सीवरलाइन बिछाने के बाद बनाई गई सड़क बारिश के बाद गड्ढों में तब्दील हो गई। इसके अलावा सीवर लाइन के मेन होल पर लगाए गए ढक्कन भी हल्के वाहनों के गुजरने के बाद चकनाचूर हो गए। जिससे सीवर लाइन के भविष्य पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
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इन स्थानों पर गड्ढों में तब्दील हुई सड़क
जिला अस्पताल के सामने से गुजर रही सड़क पर सीवर के मैन होल के किनारे से पूरी मिट्ठी के साथ सड़क धंस गई। इसके अलावा दिल्ली रोड, स्याना अड्डा रोड, मोहल्ला देवीपुरा में शास्त्री पार्क के निकट, आवास विकास कॉलोनी, भूड़ चौराहा, चांदपुर रोड समेत दर्जनों स्थानों पर सड़क धंस चुकी है।
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बोले सभासद व लोग
कोई कुछ नहीं बोल रहा
सीवर लाइन लोगों के भले के लिए बिछाने का दावा किया गया था। इसके बाद भी सीवर लाइन बिछाने के दौरान मानक और लोगों के स्वास्थ्य का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। सरकार से मिले अरबों रुपये के बजट को बस ठिकाने लगाया जा रहा है। अधिकारी और नेता भी कुछ नहीं बोल रहे हैं। - सुनील शर्मा, सभासद
खतरा हैं ये गड्ढे
बारिश के बाद सड़कों में गड्ढे होने से लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। दोबारा बारिश होने की स्थिति में लोगों को आने-जाने के दौरान गड्ढे नहीं दिखेंगे, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। सीवर लाइन के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है, लेकिन अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। - अजय अग्रवाल
हो सकता है बड़ा हादसा
बारिश के दौरान सड़क से गुजरना काफी मुश्किल भरा हो रहा था। पता ही नहीं चल रहा था कि कहां पर सड़क ठीक है और कहां गड्ढा हो चुका है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति गड्ढे में गिरता है तो उसे काफी चोटें आएंगी, संभव है कि उसकी जान भी चली जाए। अधिकारियों को इसे ठीक कराने के लिए कदम उठाने चाहिए। - आदेश कुमार शर्मा
लोगों के हितों में नहीं दिया ध्यान
सीवर लाइन में लोगों के हित को ध्यान में नहीं रखा गया। जिसके चलते कार्यदायी संस्था लाइन बिछाने के बाद सड़कों को ठीक प्रकार से नहीं बना रही है। इसके अलावा सीवर लाइन में भी घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। भविष्य यह सीवर लाइन लोगों के लिए बीमारी की लाइन साबित होगी। - ऋषिपाल सिंह, सभासद
कुछ स्थानों पर बारिश के कारण सड़कों के धंसने की सूचना मिली है। बारिश के दौरान मैने खुद अस्पतालों के आसपास की सड़कों को ठीक कराने के लिए दौरा किया था। मिट्टी से नमी खत्म होने के बाद जीएलवी फिलिंग कराते हुए दोबारा से सड़कों का निर्माण करा दिया जाएगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। - मौ. मुईज, एक्सईएन, जल निगम