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Bulandshahar News: प्रदर्शन कर श्रम संहिताओं की अधिसूचना की प्रतियां जलाईं
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सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पर श्रम संहिताओं को अधिसूचित करने के विरोध मे गजट की प्रतिया जलाते प्
बुलंदशहर। श्रम संहिताएं रद्द कर पुराने श्रम कानून बहाल करने, नोएडा- मानेसर में गिरफ्तार मजदूरों को रिहा करने, न्यूनतम वेतन 26000 रुपये देने, संविदा व आउटसोर्स कर्मचारी को स्थाई कर सामान काम के लिए समान वेतन देने व आशा कर्मचारी को राज्य कर्मचारी घोषित करने आदि मांगों को लेकर श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पर एकत्रित हुए जिलेभर के श्रमिकों ने सीटू के बैनर तले प्रदर्शन कर श्रम संहिताओं की अधिसूचना ( गजट ) की प्रतियां जलाईं।
सीटू के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कहा कि श्रम संहिताओं के लागू होने से मजदूरों का शोषण और तेज होगा। केंद्र की मोदी सरकार देशी ,विदेशी कंपनियों के मुनाफे बढ़ाने के लिए श्रम संहिताओं को अधिसूचित कर रही है। निजी क्षेत्र में पहले ही ठेका मजदूरों को 10 से 12 हजार रुपये महीने पर आठ घंटे की बजाय 12 घंटा काम करवाया जा रहा है। कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाएं तक मजदूरों को उपलब्ध नहीं है। कंपनियों के इसी शोषण के खिलाफ मानेसर,नोएडा व देश के अन्य क्षेत्रों में मजदूर आंदोलन फूट पड़ा।
मजदूर आंदोलन में गिरफ्तार किए गए श्रमिकों को रिहा करने की मांग करते हुए सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मजदूरों को पुलिस के बल पर कुचलना और जेल में डालना समस्याओं का कोई समाधान नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि मजदूरों के हितों की हिफाजत को पुराने श्रम कानूनों को बहाल कर उन्हें सख्ती से लागू किया जाए। इस दौरान मांगों से संबंधित ज्ञापन सहायक श्रम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता तरुणा सिंह ने की। इस मौके पर वीरेंद्र कुमार, रंजना, संजीव कुमार, प्रदीप सागर, सतेंद्र कुमार व निशा वर्मा आदि मौजूद रहे।
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सीटू के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कहा कि श्रम संहिताओं के लागू होने से मजदूरों का शोषण और तेज होगा। केंद्र की मोदी सरकार देशी ,विदेशी कंपनियों के मुनाफे बढ़ाने के लिए श्रम संहिताओं को अधिसूचित कर रही है। निजी क्षेत्र में पहले ही ठेका मजदूरों को 10 से 12 हजार रुपये महीने पर आठ घंटे की बजाय 12 घंटा काम करवाया जा रहा है। कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाएं तक मजदूरों को उपलब्ध नहीं है। कंपनियों के इसी शोषण के खिलाफ मानेसर,नोएडा व देश के अन्य क्षेत्रों में मजदूर आंदोलन फूट पड़ा।
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मजदूर आंदोलन में गिरफ्तार किए गए श्रमिकों को रिहा करने की मांग करते हुए सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मजदूरों को पुलिस के बल पर कुचलना और जेल में डालना समस्याओं का कोई समाधान नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि मजदूरों के हितों की हिफाजत को पुराने श्रम कानूनों को बहाल कर उन्हें सख्ती से लागू किया जाए। इस दौरान मांगों से संबंधित ज्ञापन सहायक श्रम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता तरुणा सिंह ने की। इस मौके पर वीरेंद्र कुमार, रंजना, संजीव कुमार, प्रदीप सागर, सतेंद्र कुमार व निशा वर्मा आदि मौजूद रहे।
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