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काला फीता बांधकर बिजलीकर्मियों ने किया कार्य
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हाईडिल कॉलोनी में निजीकरण के विरोध में धरने पर बैठे विद्युत कर्मचारी।
- फोटो : BULANDSHAHR
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काला फीता बांधकर बिजलीकर्मियों ने किया कार्य
बुलंदशहर। बिजली कर्मचारी मोर्चा संगठन ने बिजली वितरण को निजी हाथों में सौंपे जाने के निर्णय के विरोध में बुधवार को काली पट्टी बांधकर कार्य किया। कर्मियों का कहना है कि बिजली वितरण को निजी हाथों में नहीं सौंपने दिया जाएगा। सरकार ने मांग नहीं मानी तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
संगठन के प्रदेश मुख्य महामंत्री गोपाल कृष्ण गौतम ने बताया कि जब पूरे देश में ऊर्जा क्षेत्र के दुष्परिणाम स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहे हैं तो सरकार विरोध के बावजूद बिजली वितरण का कार्य निजी हाथों में सौंपना चाहती है। साथ ही वेतन विसंगतियों से लेकर ट्रांसफर, पोस्टिंग तक में आम कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। समस्याओं को लंबित रखने की नीति विभाग में औद्योगिक अशांति का मुख्य कारण बन रही है। बताया कि बिजली वितरण को निजी हाथों में सौंपे जाने के निर्णय के विरोध में कर्मियों द्वारा काली पट्टी बांधकर कार्य किया गया। जल्द ही बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं, दूसरी और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा हाइडिल कॉलोनी में विरोध प्रदर्शन कर एक सभा का आयोजन किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि निजी कंपनी के हवाले होते ही बिजली सेठों के मुनाफे का साधन बन जाएगी। बिजली कर्मचारी किसी भी कीमत पर निजीकरण बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस दौरान सुरेश चंद शर्मा, बलवीर सिंह, शैलेंद्र शर्मा, प्रवेश गौतम, श्रीकृष्ण और राजू सक्सेना समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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बुलंदशहर। बिजली कर्मचारी मोर्चा संगठन ने बिजली वितरण को निजी हाथों में सौंपे जाने के निर्णय के विरोध में बुधवार को काली पट्टी बांधकर कार्य किया। कर्मियों का कहना है कि बिजली वितरण को निजी हाथों में नहीं सौंपने दिया जाएगा। सरकार ने मांग नहीं मानी तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
संगठन के प्रदेश मुख्य महामंत्री गोपाल कृष्ण गौतम ने बताया कि जब पूरे देश में ऊर्जा क्षेत्र के दुष्परिणाम स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहे हैं तो सरकार विरोध के बावजूद बिजली वितरण का कार्य निजी हाथों में सौंपना चाहती है। साथ ही वेतन विसंगतियों से लेकर ट्रांसफर, पोस्टिंग तक में आम कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। समस्याओं को लंबित रखने की नीति विभाग में औद्योगिक अशांति का मुख्य कारण बन रही है। बताया कि बिजली वितरण को निजी हाथों में सौंपे जाने के निर्णय के विरोध में कर्मियों द्वारा काली पट्टी बांधकर कार्य किया गया। जल्द ही बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं, दूसरी और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा हाइडिल कॉलोनी में विरोध प्रदर्शन कर एक सभा का आयोजन किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि निजी कंपनी के हवाले होते ही बिजली सेठों के मुनाफे का साधन बन जाएगी। बिजली कर्मचारी किसी भी कीमत पर निजीकरण बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस दौरान सुरेश चंद शर्मा, बलवीर सिंह, शैलेंद्र शर्मा, प्रवेश गौतम, श्रीकृष्ण और राजू सक्सेना समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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