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निजीकरण के विरोध में विद्युतकर्मियों ने घेरा एमडी का कार्यालय
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निजीकरण के विरोध में विद्युतकर्मियों ने घेरा एमडी का कार्यालय
बुलंदशहर। बिजली के निजीकरण के विरोध में अफसर और कर्मियों ने सोमवार को एमडी मेरठ कार्यालय का घेराव किया। इसको लेकर जमकर हंगामा भी हुआ। जिले के सैकड़ों अफसर और कर्मचारी अपना काम छोड़कर एमडी दफ्तर पर दिनभर डेरा डाले रहे। निजीकरण का फैसला वापस नहीं होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी। इस प्रदर्शन में जनपद के भी बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार बिजली के निजीकरण तैयारी कर रही है। सरकार ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। सरकार के इस फैसले का उर्जा निगम के सभी संगठन खुलकर विरोध कर रहे हैं। अभियंता संघ, जेई संघ, विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन और संविदाकर्मी यूनियन ने इस फैसले का खुलकर विरोध किया है। सोमवार को अफसर और कर्मियों ने एमडी दफ्तर पर दिनभर धरना-प्रदर्शन किया, सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी। बुलंदशहर के अफसर और कर्मी भी धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। अभियंता संघ के प्रांतीय नेता शिव कुमार का कहना है कि निजीकरण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के प्रदेश महामंत्री गोपाल कृष्ण गौतम ने कहा कि सरकार सब कुछ निजी हाथों में देने पर तुली हुई है। निजी कंपनी मनमानी करेंगी और उपभोक्ताओं का जमकर शोषण करेंगी। उपभोक्ताओं का शोषण नहीं सहा जाएगा। यदि सब कुछ निजी हो जाएगा तो फिर सरकार के हाथ में क्या बचेगा। संविदाकर्मी यूनियन के नेता कामरेड सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि सरकार निजीकरण का फैसला वापस नही लेगी तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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बुलंदशहर। बिजली के निजीकरण के विरोध में अफसर और कर्मियों ने सोमवार को एमडी मेरठ कार्यालय का घेराव किया। इसको लेकर जमकर हंगामा भी हुआ। जिले के सैकड़ों अफसर और कर्मचारी अपना काम छोड़कर एमडी दफ्तर पर दिनभर डेरा डाले रहे। निजीकरण का फैसला वापस नहीं होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी। इस प्रदर्शन में जनपद के भी बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार बिजली के निजीकरण तैयारी कर रही है। सरकार ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। सरकार के इस फैसले का उर्जा निगम के सभी संगठन खुलकर विरोध कर रहे हैं। अभियंता संघ, जेई संघ, विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन और संविदाकर्मी यूनियन ने इस फैसले का खुलकर विरोध किया है। सोमवार को अफसर और कर्मियों ने एमडी दफ्तर पर दिनभर धरना-प्रदर्शन किया, सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी। बुलंदशहर के अफसर और कर्मी भी धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। अभियंता संघ के प्रांतीय नेता शिव कुमार का कहना है कि निजीकरण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के प्रदेश महामंत्री गोपाल कृष्ण गौतम ने कहा कि सरकार सब कुछ निजी हाथों में देने पर तुली हुई है। निजी कंपनी मनमानी करेंगी और उपभोक्ताओं का जमकर शोषण करेंगी। उपभोक्ताओं का शोषण नहीं सहा जाएगा। यदि सब कुछ निजी हो जाएगा तो फिर सरकार के हाथ में क्या बचेगा। संविदाकर्मी यूनियन के नेता कामरेड सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि सरकार निजीकरण का फैसला वापस नही लेगी तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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