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Bulandshahar News: यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर शुल्क के विरोध में प्रदर्शन
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बुलंदशहर। उद्योग व्यापार मंडल नरेंद्र ने दो हजार रुपये से अधिक के पात्र यूपीआई व्यापारिक लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क का विरोध किया। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सरकार से प्रस्तावित व्यवस्था की समीक्षा कर छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत देने की मांग की।
गुरुवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन हुआ। राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों ने डिजिटल इंडिया के संकल्प के तहत यूपीआई और डिजिटल भुगतान को पूरी निष्ठा से अपनाया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत का भार सीमित मार्जिन पर कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
यह मुद्दा केवल 0.4 फीसदी शुल्क का नहीं, बल्कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था में व्यापारियों के विश्वास का भी है। नगर अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने महंगाई, कर्मचारियों के वेतन, बिजली, किराया और जीएसटी अनुपालन जैसे पहले से कई खर्चों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान की अतिरिक्त लागत उनके कारोबार को प्रभावित कर सकती है।
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नगर महामंत्री अमित सिंघल ने सरकार से व्यापारी संगठनों, बैंकों, एनपीसीआई और संबंधित मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श कर व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की। सचिन बंसल ने एमडीआर व्यवस्था लागू करने से पहले छोटे और मध्यम व्यापारियों पर पड़ने वाले वास्तविक आर्थिक प्रभाव का अध्ययन कराने को कहा।
ज्ञापन में 2,000 रुपये से अधिक के पात्र यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4 फीसदी एमडीआर की समीक्षा मांगी गई। इसमें छोटे व्यापारियों के लिए राहत अथवा छूट की स्पष्ट व्यवस्था और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क नहीं डालने की भी मांग की गई। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे डिजिटल भुगतान का विरोध नहीं, बल्कि व्यापारी हितों के अनुरूप व्यवस्था चाहते हैं।
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गुरुवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन हुआ। राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों ने डिजिटल इंडिया के संकल्प के तहत यूपीआई और डिजिटल भुगतान को पूरी निष्ठा से अपनाया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत का भार सीमित मार्जिन पर कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
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यह मुद्दा केवल 0.4 फीसदी शुल्क का नहीं, बल्कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था में व्यापारियों के विश्वास का भी है। नगर अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने महंगाई, कर्मचारियों के वेतन, बिजली, किराया और जीएसटी अनुपालन जैसे पहले से कई खर्चों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान की अतिरिक्त लागत उनके कारोबार को प्रभावित कर सकती है।
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नगर महामंत्री अमित सिंघल ने सरकार से व्यापारी संगठनों, बैंकों, एनपीसीआई और संबंधित मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श कर व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की। सचिन बंसल ने एमडीआर व्यवस्था लागू करने से पहले छोटे और मध्यम व्यापारियों पर पड़ने वाले वास्तविक आर्थिक प्रभाव का अध्ययन कराने को कहा।
ज्ञापन में 2,000 रुपये से अधिक के पात्र यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4 फीसदी एमडीआर की समीक्षा मांगी गई। इसमें छोटे व्यापारियों के लिए राहत अथवा छूट की स्पष्ट व्यवस्था और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क नहीं डालने की भी मांग की गई। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे डिजिटल भुगतान का विरोध नहीं, बल्कि व्यापारी हितों के अनुरूप व्यवस्था चाहते हैं।