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फर्जी तरीके से हैंडओवर कर दिया बिजलीघर
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर
Updated Wed, 08 Jun 2016 10:55 PM IST
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फर्जीवाड़ा
- फोटो : ब्यूरो
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बिना चालू हुए संविदा कर्मियों की तैनाती और उनका वेतन आहरित करने के घपले से चर्चा में आए गंगानगर बिजलीघर में एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस बिजलीघर को फर्जी तरीके से बुलंदशहर विकास प्राधिकरण को हैंडओवर कर दिया गया। इतना ही नहीं बिजलीघर से करीब 50 लाख रुपये के उपकरण गायब हैं।
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निर्माणदायी संस्था ने भुगतान का दावा किया तो मामला खुला। पड़ताल हुई तो विभाग से हैंडओवर संबंधी पत्रावली गायब थीं, जबकि ठेकेदार ने उसकी एक कॉपी अपने पास होने का दावा किया। ऐसे में वीसी, बीडीए ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए हैं। इस मामले में एई और जेई भी कार्रवाई की जद में आ रहे हैं।
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बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की ओर से करीब तीन करोड़ की लागत से गंगानगर कॉलोनी के लिए बिजलीघर का निर्माण किया गया था। बिजलीघर निर्माण को सालों बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक यह ऊर्जीकृत नहीं हो सका। बिजलीघर निर्माण करने वाली संस्था ने कुछ दिन पूर्व भुगतान के लिए दावा किया तो वीसी ने इसे बीडीए के हैंडओवर करने की बात कही।
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इसके बाद संस्था द्वारा बताया गया कि बिजलीघर तो करीब एक साल पहले ही हैंडओवर हो चुका है, जिसके बाद वीसी भौंचक्के रह गए। दरअसल, बीडीए वीसी की गैरमौजूदगी में बीडीए के एई और जेई ने फर्जी तरीके से बिजलीघर को हैंडओवर कर लिया।
वीसी ने जब इसकी पत्रावलियां तलब की तो यह भी गायब मिलीं। वीसी ने निर्माणदायी संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
वीसी ने कराई ऑनलाइन एफआईआर
बीडीए वीसी शैलेंद्र चौधरी के निर्देश पर प्राधिकरण कर्मियों ने जिले के एक बड़े पुलिस अधिकारी को इस बाबत तहरीर दी। इस अधिकारी ने तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने की जगह ठेकेदार की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। जिसके बाद मामले में वीसी ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। बृहस्पतिवार तक मामले में रिपोर्ट दर्ज हो जाएगी।
चली गई थी एक्सईएन की कुर्सी
गंगानगर बिजलीघर फर्जीवाड़ा पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। तब एक्सईएन यतेन्द्र गर्ग ने बिना ऊर्जीकृत बिजलीघर पर संविदाकर्मी तक तैनात कर दिए थे। जांच में एक्सईएन यतेंद्र दोषी पाए गए और उन पर करीब 6 लाख रुपये की रिकवरी निकली थी।
बिजलीघर को एई और जेई द्वारा गलत तरीके से हैंडओवर कर लिया गया। निर्माणदायी संस्था निर्माण का हिसाब तक नहीं दे पा रही है। ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इसके अलावा ठेकेदार के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई है। -शैलेंद्र चौधरी, उपाध्यक्ष, बुलंदशहर विकास प्राधिकरण