{"_id":"6064aea08ebc3e8c9775ca8d","slug":"police-good-work-bulandshahr-news-gbd216357928","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिछड़ों को अपनों से मिलवा रही ‘खाकी’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिछड़ों को अपनों से मिलवा रही ‘खाकी’
विज्ञापन
बिछड़ों को अपनों से मिलवा रही ‘खाकी’
बुलंदशहर। अपराधियों की धरपकड़ करने वाली पुलिस बिछड़ों को उनके अपनों से मिलवाने का नेक काम करती नजर आ रही है। अभी तक जिला प्रदर्शनी में अपनों के संग घूमने आए 29 मासूमों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर चुकी है। इस कार्य में महिला सिपाही से लेकर अन्य पुलिसकर्मी भी लगे हुए हैं। वहीं, सुरक्षा को लेकर 135 सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है।
जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी का 12 मार्च को मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने विधिवत शुभारंभ किया था। वहीं, सुरक्षा को लेकर 16 मार्च को मेला थाने का शुभारंभ किया गया। जिसके बाद से पुलिस सीसीटीवी कैमरे के साथ समय-समय पर गश्त करती रहती है। होली से पूर्व भीड़ अधिक होने पर एक साल के बच्चे से लेकर 13 वर्ष तक के बच्चे अपनों से बिछड़ जा रहे थे। बच्चों को सीसीटीवी की निगरानी में अकेला देखकर या गश्त के दौरान रोते हुए मिलने पर उसे मेला थाने में ले आते और संबंधित बच्चे से परिवार के किसी सदस्य का नाम पूछकर लाउडस्पीकर के माध्यम से एनाउंस करवाते। वहीं, खोए हुए बच्चे के सकुशल मिलने पर परिवार खुशी जता रहे हैं। पुलिस द्वारा किए जा रहे इस कार्य की हर जगह प्रशंसा हो रही है।
मंगलवार को मिले सर्वाधिक बच्चे
मेला थाने के क्लर्क जुगेंद्र मलिक ने बताया कि 20 मार्च तक भीड़ कम रही। इसके बाद भीड़ बढ़ने पर छोटे बच्चे अपनों से बिछड़ने लगे। 21 मार्च से 29 मार्च तक एक बच्चे से लेकर अधिकतम पांच बच्चे तक मिले। मंगलवार को सर्वाधिक 11 बच्चे अपनों से बिछड़े हुए मिले। जिन्हें उनके परिजनों के सुपुर्दगी में दे दिया है। बताया कि 27 मार्च को सबसे कम उम्र की बच्ची जो खुर्जा क्षेत्र से परिवार संग आई थी। गुंबद के नजदीक परिवार से बिछड़ गई। रोते हुए बच्ची अपनों को खोज रही थी, जिसपर टीम की नजर पड़ने पर उसे थाने में लाया गया और उसके परिजनों की खोजबीन की गई। बाद में परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
विज्ञापन
तीन स्थानों पर अधिक खो रहे बच्चे
जिला प्रदर्शनी में पुलिस ने 14 स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। जो समय-समय पर गश्त करते रहते हैं। मेला प्रभारी के अनुसार सर्वाधिक मासूम झूला कंपाउंड, मीना बाजार और गुंबद के आसपास क्षेत्र में मिले है। लोगों से अपील है कि अगर प्रदर्शनी में छोटे बच्चों को लेकर आ रहे हैं तो उसकी निगरानी रखे। इस कार्य में महिला कांस्टेबल नेहा, मिनाक्षी, बबीता और पुरुष कांस्टेबल में संदीप राठी, इमरान, दीपक और योगेश शर्मा समेत अन्य पुलिसकर्मियों का सहयोग रहा।
अब तक मिले बच्चों की संख्या
तारीख बच्चों की संख्या
21 मार्च 04
23 मार्च 02
24 मार्च 01
25 मार्च 02
27 मार्च 03
28 मार्च 01
29 मार्च 05
30 मार्च 11
कुल - 29
मेला थाना पुलिस का सराहनीय कार्य है। बच्चे जब अपनों से बिछड़ता है तो दोनों दुखी होते हैं। लोगों से अपील है कि बच्चों को भीड़ वाले क्षेत्र में ले जाने के दौरान ध्यान रखें। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
विज्ञापन
बुलंदशहर। अपराधियों की धरपकड़ करने वाली पुलिस बिछड़ों को उनके अपनों से मिलवाने का नेक काम करती नजर आ रही है। अभी तक जिला प्रदर्शनी में अपनों के संग घूमने आए 29 मासूमों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर चुकी है। इस कार्य में महिला सिपाही से लेकर अन्य पुलिसकर्मी भी लगे हुए हैं। वहीं, सुरक्षा को लेकर 135 सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है।
जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी का 12 मार्च को मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने विधिवत शुभारंभ किया था। वहीं, सुरक्षा को लेकर 16 मार्च को मेला थाने का शुभारंभ किया गया। जिसके बाद से पुलिस सीसीटीवी कैमरे के साथ समय-समय पर गश्त करती रहती है। होली से पूर्व भीड़ अधिक होने पर एक साल के बच्चे से लेकर 13 वर्ष तक के बच्चे अपनों से बिछड़ जा रहे थे। बच्चों को सीसीटीवी की निगरानी में अकेला देखकर या गश्त के दौरान रोते हुए मिलने पर उसे मेला थाने में ले आते और संबंधित बच्चे से परिवार के किसी सदस्य का नाम पूछकर लाउडस्पीकर के माध्यम से एनाउंस करवाते। वहीं, खोए हुए बच्चे के सकुशल मिलने पर परिवार खुशी जता रहे हैं। पुलिस द्वारा किए जा रहे इस कार्य की हर जगह प्रशंसा हो रही है।
विज्ञापन
मंगलवार को मिले सर्वाधिक बच्चे
मेला थाने के क्लर्क जुगेंद्र मलिक ने बताया कि 20 मार्च तक भीड़ कम रही। इसके बाद भीड़ बढ़ने पर छोटे बच्चे अपनों से बिछड़ने लगे। 21 मार्च से 29 मार्च तक एक बच्चे से लेकर अधिकतम पांच बच्चे तक मिले। मंगलवार को सर्वाधिक 11 बच्चे अपनों से बिछड़े हुए मिले। जिन्हें उनके परिजनों के सुपुर्दगी में दे दिया है। बताया कि 27 मार्च को सबसे कम उम्र की बच्ची जो खुर्जा क्षेत्र से परिवार संग आई थी। गुंबद के नजदीक परिवार से बिछड़ गई। रोते हुए बच्ची अपनों को खोज रही थी, जिसपर टीम की नजर पड़ने पर उसे थाने में लाया गया और उसके परिजनों की खोजबीन की गई। बाद में परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
विज्ञापन
तीन स्थानों पर अधिक खो रहे बच्चे
जिला प्रदर्शनी में पुलिस ने 14 स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। जो समय-समय पर गश्त करते रहते हैं। मेला प्रभारी के अनुसार सर्वाधिक मासूम झूला कंपाउंड, मीना बाजार और गुंबद के आसपास क्षेत्र में मिले है। लोगों से अपील है कि अगर प्रदर्शनी में छोटे बच्चों को लेकर आ रहे हैं तो उसकी निगरानी रखे। इस कार्य में महिला कांस्टेबल नेहा, मिनाक्षी, बबीता और पुरुष कांस्टेबल में संदीप राठी, इमरान, दीपक और योगेश शर्मा समेत अन्य पुलिसकर्मियों का सहयोग रहा।
अब तक मिले बच्चों की संख्या
तारीख बच्चों की संख्या
21 मार्च 04
23 मार्च 02
24 मार्च 01
25 मार्च 02
27 मार्च 03
28 मार्च 01
29 मार्च 05
30 मार्च 11
कुल - 29
मेला थाना पुलिस का सराहनीय कार्य है। बच्चे जब अपनों से बिछड़ता है तो दोनों दुखी होते हैं। लोगों से अपील है कि बच्चों को भीड़ वाले क्षेत्र में ले जाने के दौरान ध्यान रखें। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी