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...हमारी ऊपर तक है सेटिंग, कहीं पर भी कर लो शिकायत
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...हमारी ऊपर तक है सेटिंग, कहीं पर भी कर लो शिकायत
सिकंदराबाद। भले ही प्रदेश सरकार राज्य में जहरीली शराब के कारोबार को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही हो, लेकिन अफसरों की लापरवाही से एक बार फिर जहरीली शराब ने कोतवाली क्षेत्र के गांव जीतगढ़ी में पांच लोगों की जान ले ली। मृतकों के परिजनों की आंखों से बहते आंसू कही ना कही अफसरशाही को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।
घटना के बाद रोती-बिलखती गांव की महिलाओं ने बताया कि गांव में जहरीली शराब का कारोबार लंबे समय चल रहा है। इसे लेकर उन्होंने कई बार शिकायत भी की, लेकिन माफिया ने शराब की बिक्री को बंद करने के बजाए उल्टे उन्हें धमकिया दीं। माफिया का कहना था कि चाहे जिससे शिकायत कर लो हमारा कुछ नहीं बिगड़ने वाला, हमारी सेटिंग ऊपर तक है। महिलाओं ने बताया कि जब वह अपनी पीड़ा को लेकर पुलिस के पास पहुंचीं तो पुलिस ने मामले में खानापूर्ति करते हुए कुछ दिनों के लिए आंशिक रूप से शराब को बंद करा दिया। लेकिन कुछ दिन बाद ही फिर से गांवों में धड़ल्ले से शराब बिकने लगी। महिलाओं ने बताया कि गांव में अवैध शराब की बिक्री को बंद कराने के लिए उन्होंने एक बार तहसील दिवस में भी शिकायत की थी। लेकिन, प्रशासनिक अधिकारियों का हाल भी पुलिस जैसा ही निकला। उन्होंने भी मामले को गंभीरता के साथ नहीं लिया और गांव में जहरीली शराब की बिक्री धड़ल्ले के साथ होती रही। शराब की बिक्री को रोकने के लिए बनाए गए आबकारी विभाग ने पूरी तरह से असंवेदनशीलता दिखाई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कभी आबकारी विभाग नहीं पहुंचा। महिलाओं का कहना था कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की हीलाहवाली ने आज उनके हंसते खेलते परिवार के लोगों को मौत के मुंह में झोक दिया।
25 किमी की दूरी तय करने में पुलिस-प्रशासन को लगे 13 घंटे
सिकंदराबाद। जहरीली शराब पीने से सरजीत और कलुआ की तबीयत बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे बिगड़ गई थी। अस्पताल ले जाते समय दोनों की कुछ समय बाद ही दोनों की मौत हो गई थी। लेकिन पुलिस प्रशासन को बचाव कार्य के लिए 25 किमी की दूरी तय करने में 13 घंटे लग गए।
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ग्रामीण चंद्रपाल, संजय, वीरपाल, राजकुमार, आदि ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को जहरीली शराब पीने के कारण रात आठ बजे पहले सरजीत, फिर कलुआ की तबीयत खराब हुई। अस्पताल ले जाने के दौरान दोनों की रास्ते में ही मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पुलिस गांव में पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। लेकिन, शराब पीने से दो लोगों की मौत होने के मामले को न तो पुलिस और न ही प्रशासन ने गंभीरता से लिया। रात में गांव में न पुलिस और न ही प्रशासन के आलाधिकारी पहुंचे। सुबह करीब चार बजे सुखपाल और सतीश की हालत खराब हुई। दोनों की भी अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि अन्य लोगों की हालत बिगड़ने पर उनके परिजन खुद ही उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। सुबह करीब नौ बजे के आसपास जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, एसएसपी, स्वास्थ्य विभाग, आबकारी विभाग, राजस्व विभाग के अलावा अन्य विभाग के अधिकारियों, कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद गांव में बचाव कार्य शुरू किया गया। गांव से जहरीली शराब खरीदकर पीने वाले लोगों की जानकारी कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों का कहना था कि मामले के इतना गंभीर होने के बावजूद भी प्रशासन को बचाव कार्य प्रारंभ करने में 13 घंटे का समय लगा।
प्रशासन ने कराई मुनादी
सिकंदराबाद। शुक्रवार को सिकंदराबाद के गांव जीतगढ़ी में अवैध शराब पीने से 5 लोगों की मौत के बाद प्रशासन की नींद टूटी और सिकंदराबाद और आसपास के गांव क्षेत्रों में मुनादी कराई गई है। डीएम के निर्देश पर शुक्रवार दोपहर जीतगढ़ी और आसपास के गांवों में मुनादी कराई गई। इसके बाद विभाग की टीम ने घर-घर जाकर लोगों से पूछताछ की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना।
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सिकंदराबाद। भले ही प्रदेश सरकार राज्य में जहरीली शराब के कारोबार को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही हो, लेकिन अफसरों की लापरवाही से एक बार फिर जहरीली शराब ने कोतवाली क्षेत्र के गांव जीतगढ़ी में पांच लोगों की जान ले ली। मृतकों के परिजनों की आंखों से बहते आंसू कही ना कही अफसरशाही को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।
घटना के बाद रोती-बिलखती गांव की महिलाओं ने बताया कि गांव में जहरीली शराब का कारोबार लंबे समय चल रहा है। इसे लेकर उन्होंने कई बार शिकायत भी की, लेकिन माफिया ने शराब की बिक्री को बंद करने के बजाए उल्टे उन्हें धमकिया दीं। माफिया का कहना था कि चाहे जिससे शिकायत कर लो हमारा कुछ नहीं बिगड़ने वाला, हमारी सेटिंग ऊपर तक है। महिलाओं ने बताया कि जब वह अपनी पीड़ा को लेकर पुलिस के पास पहुंचीं तो पुलिस ने मामले में खानापूर्ति करते हुए कुछ दिनों के लिए आंशिक रूप से शराब को बंद करा दिया। लेकिन कुछ दिन बाद ही फिर से गांवों में धड़ल्ले से शराब बिकने लगी। महिलाओं ने बताया कि गांव में अवैध शराब की बिक्री को बंद कराने के लिए उन्होंने एक बार तहसील दिवस में भी शिकायत की थी। लेकिन, प्रशासनिक अधिकारियों का हाल भी पुलिस जैसा ही निकला। उन्होंने भी मामले को गंभीरता के साथ नहीं लिया और गांव में जहरीली शराब की बिक्री धड़ल्ले के साथ होती रही। शराब की बिक्री को रोकने के लिए बनाए गए आबकारी विभाग ने पूरी तरह से असंवेदनशीलता दिखाई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कभी आबकारी विभाग नहीं पहुंचा। महिलाओं का कहना था कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की हीलाहवाली ने आज उनके हंसते खेलते परिवार के लोगों को मौत के मुंह में झोक दिया।
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25 किमी की दूरी तय करने में पुलिस-प्रशासन को लगे 13 घंटे
सिकंदराबाद। जहरीली शराब पीने से सरजीत और कलुआ की तबीयत बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे बिगड़ गई थी। अस्पताल ले जाते समय दोनों की कुछ समय बाद ही दोनों की मौत हो गई थी। लेकिन पुलिस प्रशासन को बचाव कार्य के लिए 25 किमी की दूरी तय करने में 13 घंटे लग गए।
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ग्रामीण चंद्रपाल, संजय, वीरपाल, राजकुमार, आदि ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को जहरीली शराब पीने के कारण रात आठ बजे पहले सरजीत, फिर कलुआ की तबीयत खराब हुई। अस्पताल ले जाने के दौरान दोनों की रास्ते में ही मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पुलिस गांव में पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। लेकिन, शराब पीने से दो लोगों की मौत होने के मामले को न तो पुलिस और न ही प्रशासन ने गंभीरता से लिया। रात में गांव में न पुलिस और न ही प्रशासन के आलाधिकारी पहुंचे। सुबह करीब चार बजे सुखपाल और सतीश की हालत खराब हुई। दोनों की भी अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि अन्य लोगों की हालत बिगड़ने पर उनके परिजन खुद ही उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। सुबह करीब नौ बजे के आसपास जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, एसएसपी, स्वास्थ्य विभाग, आबकारी विभाग, राजस्व विभाग के अलावा अन्य विभाग के अधिकारियों, कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद गांव में बचाव कार्य शुरू किया गया। गांव से जहरीली शराब खरीदकर पीने वाले लोगों की जानकारी कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों का कहना था कि मामले के इतना गंभीर होने के बावजूद भी प्रशासन को बचाव कार्य प्रारंभ करने में 13 घंटे का समय लगा।
प्रशासन ने कराई मुनादी
सिकंदराबाद। शुक्रवार को सिकंदराबाद के गांव जीतगढ़ी में अवैध शराब पीने से 5 लोगों की मौत के बाद प्रशासन की नींद टूटी और सिकंदराबाद और आसपास के गांव क्षेत्रों में मुनादी कराई गई है। डीएम के निर्देश पर शुक्रवार दोपहर जीतगढ़ी और आसपास के गांवों में मुनादी कराई गई। इसके बाद विभाग की टीम ने घर-घर जाकर लोगों से पूछताछ की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना।