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पहासू-बुलंदशहर भी डार्क जोन

Tue, 19 Jul 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर Updated Tue, 19 Jul 2016 11:14 PM IST
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Phasu-Bulandshahr in Dark Zone
हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला

पानी का अत्यंत दोहन होने से जनपद के बुलंदशहर और पहासू ब्लॉक में  भू-गर्भ का जल स्तर 200 फीट से नीचे खिसक गया है। इसके चलते दोनों ब्लॉकों को डार्क जोन में शामिल कर लिया गया है। इससे जिले में डार्क जोन की संख्या बढ़ कर आठ हो गई है। इस क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।

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बता दें कि डार्क ब्लॉकों में किसानों को नलकूप के लिए बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा, साथ ही किसानों को कम सिंचाई वाली फसलों की बुवाई करनी पड़ेगी। अब तक गुलावठी, खुर्जा, सिकंदराबाद, दानपुर, बीबीनगर और शिकारपुर ब्लॉक को डार्क जोन की श्रेणी में रखा गया था।
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हाल ही जारी की गई डार्क ब्लॉकों की सूची में बुलंदशहर और पहासू ब्लॉक को शामिल कर लिया गया है। पानी का अतिदोहन होने से स्याना, ऊंचागांव और डिबाई ब्लॉक सेमी क्रिटिकल जोन में पहुंच गए है। मतलब, हालात नहीं सुधरे तो स्याना, ऊंचागांव और डिबाई ब्लॉक भी डार्क जोन में पहुंच जाएगे।
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खास बात यह है कि डिबाई, स्याना और  ऊचागांव क्षेत्र से गंगा होकर गुजरती है। तराई इलाकों में भू-गर्भ का जलस्तर घटना चिंता का विषय है। बुलंदशहर क्षेत्र में दो-दो गंगा कैनाल गुजर रही हैं। इसके बावजूद बुलंदशहर भू-गर्भ का जल स्तर डार्क जोन में पहुंच गया है।

प्रशासन के प्रयास बेअसर
डार्क ब्लाकाें में नलकूप और समर्सिबल लगाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद हर रोज इन ब्लाकाें में समरसिबल के लिए बोरिंग किए जा रहे हैं। कृषि प्रोग्राम के तहत इन ब्लाकों में कम सिंचाई चाहने वाली फसलों को प्रोत्साहित करना था लेकिन इसपर भी कुछ नहीं हुई।

तिलहन और दहलन का रकबा सिमट गया और धान की खेती का दायरा बढ़ गया। बता दें कि धान को अधिक पानी और दलहन तिलहन की फसलों को कम सिंचाई की जरूरत होती है। निजी और सरकारी भवनों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगने थे। मगर यह भी बेमानी ही साबित हुए।


11 ब्लाको में संकट
जनपद में विकास खंडों की संख्या 16 है। इनमें से आठ ब्लॉक डार्क हैं, तीन ब्लॉक सेमी क्रिटिकल जोन में हैं। मात्र पांच ब्लॉकों में ही स्थिति सामान्य है।

1746 हैंडपंप बेकार
घटते जल स्तर के चलते जिले के 757 में से 260 नलकूप बंद हैं। बता दें कि बोरिंग 200 फीट से भी नीचे पहुंच गया है।  इसके चलते अरनिया, बीबीनगर, शिकारपुर, पहासू, सिकंदराबाद, ऊचागांव,  अनूपशहर, जहांगीराबाद, गुलावठी, अगौता, स्याना, डिबाई, बुलंदशहर, लखावटी,  दानपुर, खुर्जा, अगौता, स्याना और बुलंदशहर में लगे 33858 हैंडपंपों में से 1746 हैंडपंप ने पानी उगलना बंद कर दिया है।

अब डार्क ब्लॉकों की संख्या छह से बढ़कर आठ पहुंच गई है। तीन ब्लाक सेमी क्रिटिकल जोन की श्रेणी में हैं। - श्यौदान सिंह, इंजीनियर, लघु सिंचाई


 

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