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Bulandshahar News: राधिका एंक्लेव का ध्वस्तीकरण रोकने के लिए अधिकारियों से मिले कॉलोनी के लोग
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बुलंदशहर। राधिका एंक्लेव के गेट पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा होने के बाद से कालोनी में रह रहे 200 परिवारों को बेघर होने की चिंता सताने लगी है। कालोनी के लोग ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने के लिए बुलंदशहर विकास प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि घरों का ध्वस्तीकरण न किया जाए। इसके लिए कोई ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे लोगों का नुकसान न हो। प्राधिकरण ने 18 फरवरी तक निर्माण काे स्वयं हटाने के लिए कहा है।
भूमाफिया सुधीर गोयल ने जिले में 14 अवैध कालोनियों का निर्माण कराया है, जिसमें से गुलावठी रोड स्थिति राधिका एंक्लेव कॉलोनी सबसे ज्यादा विकसित है। इसमें 250 से अधिक परिवार रह रहे हैं। बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के नोटिस के बाद मंगलवार को आरपी सिंह, ओमवीर मलिक, मुकुल गुप्ता, राजीव कौशिक समेत अन्य लोग बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. अंकुर लाठर एवं सक्षम अधिकारी संतोष कुमार से मिले। लोगों ने अधिकारियों से कहा कि सुधीर गोयल ने उन्हें गुमराह करके प्रॉपटी बेची थी। उसने बताया था कि कालोनी स्वीकृत है। भविष्य में किसी भी व्यक्ति को कोई दिक्कत नहीं आएगी। उसने यह भी कहा था कि हम अपने परिवार के साथ स्वयं कालोनी में निवास कर रहे हैं। इससे लोगों को विश्वास हो गया। उनके विश्वास में आकर लोग प्लॉट और मकान व फ्लैट खरीदते रहे। तीन माह पहले तक सब ठीक चल रहा था। किसी को कोई परेशानी नहीं हो रही थी। कुछ लोग अपने घरों का निर्माण भी करा रहे हैं, लेकिन पिछले दिनों हापुड़ के किसान की आत्महत्या के बाद मामला उलझता चला गया। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने खून पसीने की कमाई से घर खरीदे और बनाए हैं। अब उनका ध्वस्तीकरण करना ठीक नहीं है। बुलंदशहर विकास प्राधिकरण और प्रशासनिक अधिकारियों को लोगों की परेशानियों को देखते हुए कुछ हल निकालना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति बेघर न हो। अधिकतर लोगों ने बैंक से लोन लेकर घरों का निर्माण कराया है। अगर, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है तो लोगों के पास मरने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। प्राधिकरण के अधिकारियों को कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए। वहीं प्राधिकरण ने नोटिस चस्पा करके साफ कर दिया है कि 18 फरवरी तक प्राधिकरण की सीमा में आ रहे 200 से अधिक घर और प्लॉट पर हुए निर्माण का स्वयं ध्वस्तीकरण कर दें, नहीं तो प्राधिकरण को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
लोग बोले जिसकी गलती, उसे मिले सजा
हम लोगों ने खून पसीने की कमाई से घर बनाया है। हमारी इसमें कोई गलती नहीं है। जिसकी गलती है, उसे सजा मिलनी चाहिए। अन्य लोग किसी एक व्यक्ति के कारण क्यों सजा भुगतेंगे। शासन प्रशासन को इसमें हमारी मदद करनी चाहिए। नहीं तो सर से छत भी चली जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारियों को ऐसा ही करना था तो पहले करना चाहिए था, जब सुधीर गोयल जेल नहीं गया था। - यश सिंघल
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अवैध है प्राधिकरण का नोटिस
10 साल से प्राधिकरण के अधिकारी कहां सोए थे। जब कॉलोनी काटी जा रही थी, उसमें निर्माण कार्य शुरू हुए थे। आज अधिकारियों को याद आ रहा है कि राधिका एंक्लेव कोई कॉलोनी भी है। अब कालोनी विकसित हो चुकी है तो एक गलती की सजा सबको दी जा रही है। जब तो अधिकारी आकर सुधीर गोयल के दफ्तर में बैठकर चले जाते थे। अब हम लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। - डीपी सिंह
राधिका एंक्लेव कॉलोनी में प्राधिकरण क्षेत्र के हिस्से पर हुए निर्माण को स्वयं हटाने के लिए 18 फरवरी तक का समय दिया गया है। कॉलोनी के लोग अपनी बातें कहने आ रहे हैं। 18 के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। - संतोष कुमार, सक्षम लेखाधिकारी प्राधिकरण
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भूमाफिया सुधीर गोयल ने जिले में 14 अवैध कालोनियों का निर्माण कराया है, जिसमें से गुलावठी रोड स्थिति राधिका एंक्लेव कॉलोनी सबसे ज्यादा विकसित है। इसमें 250 से अधिक परिवार रह रहे हैं। बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के नोटिस के बाद मंगलवार को आरपी सिंह, ओमवीर मलिक, मुकुल गुप्ता, राजीव कौशिक समेत अन्य लोग बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. अंकुर लाठर एवं सक्षम अधिकारी संतोष कुमार से मिले। लोगों ने अधिकारियों से कहा कि सुधीर गोयल ने उन्हें गुमराह करके प्रॉपटी बेची थी। उसने बताया था कि कालोनी स्वीकृत है। भविष्य में किसी भी व्यक्ति को कोई दिक्कत नहीं आएगी। उसने यह भी कहा था कि हम अपने परिवार के साथ स्वयं कालोनी में निवास कर रहे हैं। इससे लोगों को विश्वास हो गया। उनके विश्वास में आकर लोग प्लॉट और मकान व फ्लैट खरीदते रहे। तीन माह पहले तक सब ठीक चल रहा था। किसी को कोई परेशानी नहीं हो रही थी। कुछ लोग अपने घरों का निर्माण भी करा रहे हैं, लेकिन पिछले दिनों हापुड़ के किसान की आत्महत्या के बाद मामला उलझता चला गया। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने खून पसीने की कमाई से घर खरीदे और बनाए हैं। अब उनका ध्वस्तीकरण करना ठीक नहीं है। बुलंदशहर विकास प्राधिकरण और प्रशासनिक अधिकारियों को लोगों की परेशानियों को देखते हुए कुछ हल निकालना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति बेघर न हो। अधिकतर लोगों ने बैंक से लोन लेकर घरों का निर्माण कराया है। अगर, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है तो लोगों के पास मरने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। प्राधिकरण के अधिकारियों को कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए। वहीं प्राधिकरण ने नोटिस चस्पा करके साफ कर दिया है कि 18 फरवरी तक प्राधिकरण की सीमा में आ रहे 200 से अधिक घर और प्लॉट पर हुए निर्माण का स्वयं ध्वस्तीकरण कर दें, नहीं तो प्राधिकरण को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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लोग बोले जिसकी गलती, उसे मिले सजा
हम लोगों ने खून पसीने की कमाई से घर बनाया है। हमारी इसमें कोई गलती नहीं है। जिसकी गलती है, उसे सजा मिलनी चाहिए। अन्य लोग किसी एक व्यक्ति के कारण क्यों सजा भुगतेंगे। शासन प्रशासन को इसमें हमारी मदद करनी चाहिए। नहीं तो सर से छत भी चली जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारियों को ऐसा ही करना था तो पहले करना चाहिए था, जब सुधीर गोयल जेल नहीं गया था। - यश सिंघल
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अवैध है प्राधिकरण का नोटिस
10 साल से प्राधिकरण के अधिकारी कहां सोए थे। जब कॉलोनी काटी जा रही थी, उसमें निर्माण कार्य शुरू हुए थे। आज अधिकारियों को याद आ रहा है कि राधिका एंक्लेव कोई कॉलोनी भी है। अब कालोनी विकसित हो चुकी है तो एक गलती की सजा सबको दी जा रही है। जब तो अधिकारी आकर सुधीर गोयल के दफ्तर में बैठकर चले जाते थे। अब हम लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। - डीपी सिंह
राधिका एंक्लेव कॉलोनी में प्राधिकरण क्षेत्र के हिस्से पर हुए निर्माण को स्वयं हटाने के लिए 18 फरवरी तक का समय दिया गया है। कॉलोनी के लोग अपनी बातें कहने आ रहे हैं। 18 के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। - संतोष कुमार, सक्षम लेखाधिकारी प्राधिकरण