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जिस तहसील में होगा खेत, वहीं बिकेगा धान
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जिस तहसील में होगा खेत, वहीं बिकेगा धान
बुलंदशहर। इस बार शासन ने धान बेचने में होने वाली मनमानी पर रोक लगा दी है। नई व्यवस्था के तहत आदेश जारी किया है कि जिस तहसील क्षेत्र में किसान की जमीन होगी, उसी क्षेत्र के क्रय केंद्र पर धान बेच सकेगा। अभी तक किसान एक से अधिक तहसील क्षेत्र में अपनी जमीन में उगाए जाने वाले धान को एक ही क्रय केंद्र पर बेचते आए हैं।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जेया-ए-करीम ने बताया कि शासन के आदेश पर जिले में एक अक्तूबर से 11 क्रय केंद्राें पर धान की खरीद शुरू होगी। इसके लिए तैयारी पूरी है और धान खरीदने वाली एजेंसियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। अब धान खरीद नीति 2021-22 में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने व्यवस्था में बदलाव कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभी तक किसान दो या इससे अधिक तहसील क्षेत्र की जमीन को एक साथ करके एक ही क्रय केंद्र पर धान बेच देते थे। इससे कई तरह की हेराफेरी और मनमानी भी होती थी। वे दूसरों का धान भी इसमें बेच देते थे। इससे सत्यापन में भी दिक्कत आती थी, लेकिन अब हर तहसील की जमीन के लिए अलग से टोकन लेना होगा। वहीं, किसानों को अपना पंजीकरण उसी नंबर से करना होगा, जिससे उनका आधार कार्ड और बैंक एकाउंट लिंक हो। पंजीकरण कराते समय कोई दूसरा नंबर देने पर रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
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बुलंदशहर। इस बार शासन ने धान बेचने में होने वाली मनमानी पर रोक लगा दी है। नई व्यवस्था के तहत आदेश जारी किया है कि जिस तहसील क्षेत्र में किसान की जमीन होगी, उसी क्षेत्र के क्रय केंद्र पर धान बेच सकेगा। अभी तक किसान एक से अधिक तहसील क्षेत्र में अपनी जमीन में उगाए जाने वाले धान को एक ही क्रय केंद्र पर बेचते आए हैं।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जेया-ए-करीम ने बताया कि शासन के आदेश पर जिले में एक अक्तूबर से 11 क्रय केंद्राें पर धान की खरीद शुरू होगी। इसके लिए तैयारी पूरी है और धान खरीदने वाली एजेंसियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। अब धान खरीद नीति 2021-22 में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने व्यवस्था में बदलाव कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभी तक किसान दो या इससे अधिक तहसील क्षेत्र की जमीन को एक साथ करके एक ही क्रय केंद्र पर धान बेच देते थे। इससे कई तरह की हेराफेरी और मनमानी भी होती थी। वे दूसरों का धान भी इसमें बेच देते थे। इससे सत्यापन में भी दिक्कत आती थी, लेकिन अब हर तहसील की जमीन के लिए अलग से टोकन लेना होगा। वहीं, किसानों को अपना पंजीकरण उसी नंबर से करना होगा, जिससे उनका आधार कार्ड और बैंक एकाउंट लिंक हो। पंजीकरण कराते समय कोई दूसरा नंबर देने पर रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
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