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Bulandshahar News: अब एप के माध्यम से लगेगी 60 हजार श्रमिकों की हाजिरी
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अब एप के माध्यम से लगेगी 60 हजार श्रमिकों की हाजिरी
बुलंदशहर। मनरेगा में अब बिना काम किए श्रमिकों की हाजिरी नहीं लग पाएगी। सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जिले के 60 हजार से अधिक श्रमिकों की काम करते हुए दिन में तीन बार मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था की है। नई व्यवस्था शुरू करते हुए इसकी जिम्मेदारी रोजगार सेवक और महिला मेट को सौंपी गई है।
सरकार नए साल में धरातल पर काम कराने व जनता को लाभ पहुंचाने के लिए कई अहम बदलाव कर रही है। इनमें से एक मनरेगा योजना भी है। इसमें अभी तक एक ही मजदूर को अलग-अलग जगह काम देने व बिना काम के भुगतान करने के आरोप लगते रहे हैं। इसे रोकने के लिए सरकार ने मोबाइल एप के माध्यम से कार्य स्थल पर काम करने वाले श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी लेने के आदेश जारी किए हैं। अब मनरेगा के तहत काम करने वाले श्रमिकों की रोजगार सेवक व महिला मेट एक फोटो कार्यस्थल पर काम शुरू होने पर, दूसरी फोटो दोपहर में व तीसरी कार्य समाप्त होने के बाद मोबाइल एप से खींचकर एनएमएमएस एप में अपलोड करेंगे, जिससे फर्जी हाजिरी पर लगाम लग सके।
मनरेगा के नोडल अधिकारी विनय श्रीवास्तव ने बताया कि मनरेगा में अभी श्रमिकों की हाजिरी रजिस्टर व मास्टर रोल में लगाई जाती है। इसमें काफी गलतियां हो जाती हैं। इतना ही नहीं, मनरेगा में कार्य करने वाले श्रमिकों के कार्य के सापेक्ष फीडिंग में लापरवाही बरती जाती है। इससे मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पाती है। ऑनलाइन हाजिरी से मास्टर रोड में पारदर्शिता होगी। शिकायत होने पर कभी भी रिकार्ड जांचा जा सकता है। इससे समय की बचत होगी। मजदूरी का भुगतान भी समय पर होगा। अब मनरेगा को पारदर्शी बनाने के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग साफ्टवेयर (एनएमएमएस) एप से मास्टर रोलों को जोड़ा गया है। मोबाइल एप के माध्यम से कार्य स्थल पर श्रमिकों की हाजिरी लगेगी।
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बुलंदशहर। मनरेगा में अब बिना काम किए श्रमिकों की हाजिरी नहीं लग पाएगी। सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जिले के 60 हजार से अधिक श्रमिकों की काम करते हुए दिन में तीन बार मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था की है। नई व्यवस्था शुरू करते हुए इसकी जिम्मेदारी रोजगार सेवक और महिला मेट को सौंपी गई है।
सरकार नए साल में धरातल पर काम कराने व जनता को लाभ पहुंचाने के लिए कई अहम बदलाव कर रही है। इनमें से एक मनरेगा योजना भी है। इसमें अभी तक एक ही मजदूर को अलग-अलग जगह काम देने व बिना काम के भुगतान करने के आरोप लगते रहे हैं। इसे रोकने के लिए सरकार ने मोबाइल एप के माध्यम से कार्य स्थल पर काम करने वाले श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी लेने के आदेश जारी किए हैं। अब मनरेगा के तहत काम करने वाले श्रमिकों की रोजगार सेवक व महिला मेट एक फोटो कार्यस्थल पर काम शुरू होने पर, दूसरी फोटो दोपहर में व तीसरी कार्य समाप्त होने के बाद मोबाइल एप से खींचकर एनएमएमएस एप में अपलोड करेंगे, जिससे फर्जी हाजिरी पर लगाम लग सके।
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मनरेगा के नोडल अधिकारी विनय श्रीवास्तव ने बताया कि मनरेगा में अभी श्रमिकों की हाजिरी रजिस्टर व मास्टर रोल में लगाई जाती है। इसमें काफी गलतियां हो जाती हैं। इतना ही नहीं, मनरेगा में कार्य करने वाले श्रमिकों के कार्य के सापेक्ष फीडिंग में लापरवाही बरती जाती है। इससे मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पाती है। ऑनलाइन हाजिरी से मास्टर रोड में पारदर्शिता होगी। शिकायत होने पर कभी भी रिकार्ड जांचा जा सकता है। इससे समय की बचत होगी। मजदूरी का भुगतान भी समय पर होगा। अब मनरेगा को पारदर्शी बनाने के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग साफ्टवेयर (एनएमएमएस) एप से मास्टर रोलों को जोड़ा गया है। मोबाइल एप के माध्यम से कार्य स्थल पर श्रमिकों की हाजिरी लगेगी।
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