फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Now the drains falling into Kali river will be cleaned by taping, Rs 20 crore will be spent

Bulandshahar News: अब टेपिंग से साफ होंगे काली नदी में गिरने वाले नाले, 20 करोड़ होंगे खर्च

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2024 11:24 PM IST
विज्ञापन
Now the drains falling into Kali river will be cleaned by taping, Rs 20 crore will be spent
काली नदी का फोटो।
बुलंदशहर। काली नदी की सफाई के लिए अब तीसरी योजना लागू करने की तैयारी है। योजना के तहत 90 करोड़ खर्च कर नदी में गिरने वाले नालों की टेपिंग की जाएगी। इसके बाद निस्तारित पानी को नदी में छोड़ा जाएगा। इससे पहले नदी की सफाई के लिए 586 करोड़ से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया लेकिन पाइप की गुणवत्ता खराब होने के कारण गिने-चुने घरों का पानी ही प्लांट तक पहुंच रहा है। बीते साल केंद्र सरकार ने भी नदी की सफाई के लिए 90 करोड़ रुपये जारी किए लेकिन अब तक काम शुरू ही नहीं हो सका। फिलहाल नई योजना के तहत ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए सैदपुर रोड पर जमीन की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

स्वच्छ भारत मिशन और नेशनल क्लीन गंगा मिशन (एनसीजीएम) के तहत गंगा नदी की सहायक नदियों को साफ करने के लिए काम किया जा रहा है। पिछले दिनों सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने भी काली नदी को साफ करने के लिए मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। अब एनसीजीएम योजना के तहत अब गुलावठी नगर पालिका क्षेत्र से निकलने वाले और गंदे नाले के पानी को साफ करने की कवायद शुरू की गई है। बताया जा रहा है कि शहरी क्षेत्र से निकलने वाले सभी नालों को पहले नाला टैपिंग के जरिए एक स्थान पर मिलाया जाएगा। इसके बाद एक ही नाले के माध्यम से ट्रीटमेंट प्लांट तक गंदे पानी को ले जाकर उसे निस्तारित किया जाएगा।
विज्ञापन

योजना के तहत 10 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। जिसके लिए 0.5 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी। नगर पालिका द्वारा फिलहाल सैदपुर रोड पर प्लांट के लिए आवश्यक जमीन खरीदने की तैयारी की जा रही है। जमीन खरीदने के बाद ही जल निगम की ओर से इस कार्य के लिए धनराशि की मांग की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



काली नदी में जा रहा गंदा पानी

नगर क्षेत्र में करीब 586 करोड़ की लागत से सीवर लाइन बिछाने के साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया था। सीवर लाइन कागजों में तो चालू हो गई लेकिन धरातल पर स्थिति काफी खराब है। कहीं उपभोक्ताओं ने अपने घरों के सीवर कनेक्शन हटा दिए हैं तो कहीं पाइप टूट गई है। इसके चलते अब भी सीवर, अवैध रूप से संचालित डेयरी, छोटी फैक्टरी समेत अन्य इकाइयों का गंदा पानी नदी में जा रहा है।


न शुरू हुआ काम, न गंदगी डालने वालों पर कार्रवाई
केंद्र सरकार ने काली नदी को साफ करने और दोनों किनारों पर पौधे लगाने के लिए बीते वर्ष करीब 90 करोड़ रुपये जारी किए थे। करीब सालभर बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। नगर से निकलने वाले गंदे नालों की रोकथाम के लिए भी नगर पालिका ने कोई कदम नहीं उठाया। न तो काली नदी को साफ किया गया और न ही नदी में गंदगी डालने वालों पर कार्रवाई की गई।




सीवर लाइन का संचालन हो रहा है। कुछ उपभोक्ताओं के अभी तक कनेक्शन नहीं हुए हैं। जलनिगम की ओर से सीवर कनेक्शन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी का निस्तारण कर नदी में छोड़ा जा रहा है।- डॉ. अश्वनी कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका




नाला टेपिंग योजना के तहत गुलावठी के नालों के पानी का निस्तारण कर काली नदी में डाला जाना है। नेशनल क्लीन गंगा मिशन के तहत इस कार्य के लिए स्वीकृति मिली है लेकिन अभी तक जगह नहीं मिल पाई है। नगर पालिका की ओर से सैदपुर रोड पर जमीन खरीदने के लिए वार्ता की जा रही है। - विनय रावत, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed