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Bulandshahar News: अब ऑनलाइन मिलेगी पोस्टमॉर्टम व मेडिकोलीगल रिपोर्ट
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बुलंदशहर। जिले में अब पोस्टमार्टम और मेडिकोलीगल की रिपोर्ट ऑनलाइन जारी की जाएगी। इससे रिपोर्ट में अब छेड़छाड़ और देरी से मिलने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। इसके लिए संबंधित चिकित्सकों को मेडलीएपीआर में अपनी व्यक्तिगत आईडी बनानी होगी। इससे पुलिस अधिकारियों को भी जांच में आसानी होगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल पाएगा।
पोस्टमॉर्टम और मेडिकोलीगल की रिपोर्ट का डाटा ऑनलाइन दर्ज करने के लिए पहले चरण में जिला स्तरीय चार नोडल चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिला अस्पताल के पोस्टमॉर्टम हाउस में इंटरनेट लगवाया जा रहा है।
जिला अस्पताल में बने पोस्टमॉर्टम हाउस में जिलेभर से सड़क हादसों में एवं अन्य मामलों में मृत लोगों के शव लाकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया की जाती है। साथ ही प्रत्येक सरकारी चिकित्सालय में घायल एवं जख्मी लोगों का मेडिकल होता है।
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इन सभी की रिपोर्ट अभी तक हार्ड कापी में रिकार्ड रखा जाता है। इसमें अक्सर छेड़छाड़ की संभावना बनी रहती तो कई मामलों में विलंब से रिपोर्ट मिलने के कारण पुलिस कार्रवाई में भी देर हो जाती थी। अब प्रदेश सरकार की ओर से एकीकृत सॉफ्टवेयर मेडलीएपीआर (मेडिको-लीगल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट) तैयार किया गया है। शव के पोस्टमॉर्टम और मेडिकोलीगल की रिपोर्ट को सॉफ्टवेयर के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
इससे रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी व छेड़छाड़ की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। पोर्टल के माध्यम से पोस्टमॉर्टम व मेडिकोलीगल की रिपोर्ट कोर्ट, पुलिस व फॉरेंसिक विभाग तक सीधे पहुंच जाएगी। जिले के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को तत्काल उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जा रही है। (संवाद)
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पोस्टमॉर्टम और मेडिकोलीगल की रिपोर्ट का डाटा ऑनलाइन दर्ज करने के लिए पहले चरण में जिला स्तरीय चार नोडल चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिला अस्पताल के पोस्टमॉर्टम हाउस में इंटरनेट लगवाया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में बने पोस्टमॉर्टम हाउस में जिलेभर से सड़क हादसों में एवं अन्य मामलों में मृत लोगों के शव लाकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया की जाती है। साथ ही प्रत्येक सरकारी चिकित्सालय में घायल एवं जख्मी लोगों का मेडिकल होता है।
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इन सभी की रिपोर्ट अभी तक हार्ड कापी में रिकार्ड रखा जाता है। इसमें अक्सर छेड़छाड़ की संभावना बनी रहती तो कई मामलों में विलंब से रिपोर्ट मिलने के कारण पुलिस कार्रवाई में भी देर हो जाती थी। अब प्रदेश सरकार की ओर से एकीकृत सॉफ्टवेयर मेडलीएपीआर (मेडिको-लीगल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट) तैयार किया गया है। शव के पोस्टमॉर्टम और मेडिकोलीगल की रिपोर्ट को सॉफ्टवेयर के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
इससे रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी व छेड़छाड़ की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। पोर्टल के माध्यम से पोस्टमॉर्टम व मेडिकोलीगल की रिपोर्ट कोर्ट, पुलिस व फॉरेंसिक विभाग तक सीधे पहुंच जाएगी। जिले के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को तत्काल उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जा रही है। (संवाद)