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Bulandshahar News: आरटीई के तहत चयनित 1489 छात्र-छात्राओं का नहीं हुआ प्रवेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा का अधिकार कानून के तहत चयनित किए गए छात्र-छात्राओं को निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों में प्रवेश दिलाने में लापरवाही बरती जा रही है। स्थिति यह है कि 1489 छात्र-छात्राओं का प्रवेश नहीं हो सका है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अब तक यह भी नहीं जानना चाहा कि इन छात्रों का किन कारणों से प्रवेश नहीं हुआ है।
निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत निजी स्कूलों में प्री-नर्सरी और कक्षा एक में सीट के सापेक्ष 25 फीसदी मुफ्त दाखिला कमजोर आय वर्ग के बच्चों को मिलता है। इसका लाभ लेने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। आवेदन मिलने के बाद लॉटरी के माध्यम से छात्र-छात्राओं का चयन प्रवेश के लिए किया जाता है। जिले की बात करें तो यहां पर तीन बार आवेदन प्राप्त किए और उसके बाद लाॅटरी के माध्यम से 3942 छात्र-छात्राओं का चयन निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए किया गया। इनमें से अभी तक मात्र 2453 छात्र-छात्राओं के ही प्रवेश हो सके हैं। जबकि 1489 ऐसे छात्र-छात्रा हैं, जिनके प्रवेश नहीं हो सके। संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों का कहना है कि हो सकता है कि इन छात्र-छात्राओं को मनपसंद स्कूल न मिले हो। ऐसे में उन्होंने प्रवेश नहीं दिलाया है।
तीन लॉटरी से इस तरह हुआ था प्रवेश
लॉटरी - चयनित विद्यार्थी - प्रवेश पाने वाले - प्रवेश से वंचित
पहली लॉटरी - 1914 - 1343 - 571
दूसरी लॉटरी - 1440 - 812 - 628
तीसरी लॉटरी - 588 - 298 - 290
-
चौथी लॉटरी में 28 छात्र-छात्राओं का हुआ चयन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पिछले दिनों आरटीई का लाभ देने के लिए चौथा चरण चला था। इस दौरान 31 छात्र-छात्राओं के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से तीन आवेदन निरस्त हो गए थे। जबकि शेष बचे 28 बच्चों का चौथी लॉटरी के माध्यम से निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए चयन किया गया है। इन छात्र-छात्राओं के प्रवेश कराए जा रहे हैं।
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सीडीओ कुलदीम मीना ने बताया कि आरटीई में प्रवेश नहीं होने के बारे में मुझे जानकारी है। इस संबंध में बीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही सभी चयनित बच्चों को प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए हैं। रक्षाबंधन के बाद टीम बनाकर सभी चयनित बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि आरटीई के तहत चयनित छात्र-छात्राओं के प्रवेश की जानकारी संबंधित निजी स्कूलों से प्राप्त की जा रही है। पता किया जा रहा है वंचित छात्र-छात्राओं के किन कारणों से प्रवेश नहीं लिए हैं। इसके लिए एक टीम भी बनाई गई है। प्रवेश को लेकर कोई शिकायत प्रतीक्षारत नहीं हैं। सभी को प्रवेश दिलाए जाएंगे।
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बुलंदशहर। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा का अधिकार कानून के तहत चयनित किए गए छात्र-छात्राओं को निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों में प्रवेश दिलाने में लापरवाही बरती जा रही है। स्थिति यह है कि 1489 छात्र-छात्राओं का प्रवेश नहीं हो सका है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अब तक यह भी नहीं जानना चाहा कि इन छात्रों का किन कारणों से प्रवेश नहीं हुआ है।
निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत निजी स्कूलों में प्री-नर्सरी और कक्षा एक में सीट के सापेक्ष 25 फीसदी मुफ्त दाखिला कमजोर आय वर्ग के बच्चों को मिलता है। इसका लाभ लेने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। आवेदन मिलने के बाद लॉटरी के माध्यम से छात्र-छात्राओं का चयन प्रवेश के लिए किया जाता है। जिले की बात करें तो यहां पर तीन बार आवेदन प्राप्त किए और उसके बाद लाॅटरी के माध्यम से 3942 छात्र-छात्राओं का चयन निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए किया गया। इनमें से अभी तक मात्र 2453 छात्र-छात्राओं के ही प्रवेश हो सके हैं। जबकि 1489 ऐसे छात्र-छात्रा हैं, जिनके प्रवेश नहीं हो सके। संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों का कहना है कि हो सकता है कि इन छात्र-छात्राओं को मनपसंद स्कूल न मिले हो। ऐसे में उन्होंने प्रवेश नहीं दिलाया है।
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तीन लॉटरी से इस तरह हुआ था प्रवेश
लॉटरी - चयनित विद्यार्थी - प्रवेश पाने वाले - प्रवेश से वंचित
पहली लॉटरी - 1914 - 1343 - 571
दूसरी लॉटरी - 1440 - 812 - 628
तीसरी लॉटरी - 588 - 298 - 290
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चौथी लॉटरी में 28 छात्र-छात्राओं का हुआ चयन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पिछले दिनों आरटीई का लाभ देने के लिए चौथा चरण चला था। इस दौरान 31 छात्र-छात्राओं के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से तीन आवेदन निरस्त हो गए थे। जबकि शेष बचे 28 बच्चों का चौथी लॉटरी के माध्यम से निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए चयन किया गया है। इन छात्र-छात्राओं के प्रवेश कराए जा रहे हैं।
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सीडीओ कुलदीम मीना ने बताया कि आरटीई में प्रवेश नहीं होने के बारे में मुझे जानकारी है। इस संबंध में बीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही सभी चयनित बच्चों को प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए हैं। रक्षाबंधन के बाद टीम बनाकर सभी चयनित बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि आरटीई के तहत चयनित छात्र-छात्राओं के प्रवेश की जानकारी संबंधित निजी स्कूलों से प्राप्त की जा रही है। पता किया जा रहा है वंचित छात्र-छात्राओं के किन कारणों से प्रवेश नहीं लिए हैं। इसके लिए एक टीम भी बनाई गई है। प्रवेश को लेकर कोई शिकायत प्रतीक्षारत नहीं हैं। सभी को प्रवेश दिलाए जाएंगे।