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बुलंदशहर: बेटी की गवाही पर पिता की हत्यारी मां और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास
Sat, 30 Oct 2021 07:10 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 30 Oct 2021 07:10 PM IST
सार
सजा सुनाते समय कोर्ट ने टिप्पणी की कि कोई भी पुत्री अपनी मां से बहुत प्रेम करती है। मां के खिलाफ झूठा बयान नहीं दे सकती है। बेटी के सामने मां और उसके प्रेमी द्वारा पिता की हत्या करना जघन्य अपराध है। साथ ही यह पारिवारिक संबंधों को क्षीण करता है। इसलिए ऐसे अपराधियों को सख्त से सख्त सजा देना न्यायोचित है।
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जेल
विस्तार
बुलंदशहर देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव जटापुर में ससुराल में रह रहे रेशमपाल की हत्या के मामले में उसकी बेटी की गवाही के आधार पर कोर्ट ने पत्नी संतोष और उसके प्रेमी राजू उर्फ राजकुमार को दोषी माना है। एडीजे पंचम नीलम ढाका की पीठ ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सजा सुनाते समय कोर्ट ने टिप्पणी की कि कोई भी पुत्री अपनी मां से बहुत प्रेम करती है। मां के खिलाफ झूठा बयान नहीं दे सकती है। बेटी के सामने मां और उसके प्रेमी द्वारा पिता की हत्या करना जघन्य अपराध है। साथ ही यह पारिवारिक संबंधों को क्षीण करता है। इसलिए ऐसे अपराधियों को सख्त से सख्त सजा देना न्यायोचित है।
यह था मामला
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभान सिंह ने बताया कि खुर्जा देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव अच्छेजा घाट निवासी सूरजपाल सिंह ने 19 नवंबर 2016 को कोतवाली देहात बुलंदशहर में तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पुत्र रेशमपाल की शादी कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव जटापुर निवासी महिला संतोष के साथ हुई थी।
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शादी के कुछ दिन बाद से ही करीब 18 वर्ष पूर्व उनका पुत्र रेशमपाल पत्नी के साथ जटापुर स्थित अपनी ससुराल में जाकर रहने लगा था। पीड़ित ने बताया था कि 18 नवंबर को वह अपने बेटे से मिलने जटापुर गया था, लेकिन रातभर न तो उसका पुत्र रेशमपाल घर लौटा और न ही पुत्रवधू संतोष घर आई।
19 नवंबर की सुबह जब वादी खेत पर शौच के लिए गया था उनके पुत्र रेशमपाल का शव वहां पड़ा हुआ था। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने मृतक की पत्नी संतोष व उसके प्रेमी राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
यह गवाह हुए पेश
मामले में वादी पक्ष की ओर से सूरजपाल सिंह वादी, मनु मृतक की पुत्री, कांस्टेबल बनी सिंह, उपनिरीक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. फूल सिंह, निरीक्षक भूपेंद्र सिंह, फील्ड यूनिट प्रभारी सुरेंद्र कुमार, अमरेश कुमार बघेल तत्कालीन निरीक्षक की गवाही कराई गई। जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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सजा सुनाते समय कोर्ट ने टिप्पणी की कि कोई भी पुत्री अपनी मां से बहुत प्रेम करती है। मां के खिलाफ झूठा बयान नहीं दे सकती है। बेटी के सामने मां और उसके प्रेमी द्वारा पिता की हत्या करना जघन्य अपराध है। साथ ही यह पारिवारिक संबंधों को क्षीण करता है। इसलिए ऐसे अपराधियों को सख्त से सख्त सजा देना न्यायोचित है।
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यह था मामला
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभान सिंह ने बताया कि खुर्जा देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव अच्छेजा घाट निवासी सूरजपाल सिंह ने 19 नवंबर 2016 को कोतवाली देहात बुलंदशहर में तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पुत्र रेशमपाल की शादी कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव जटापुर निवासी महिला संतोष के साथ हुई थी।
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शादी के कुछ दिन बाद से ही करीब 18 वर्ष पूर्व उनका पुत्र रेशमपाल पत्नी के साथ जटापुर स्थित अपनी ससुराल में जाकर रहने लगा था। पीड़ित ने बताया था कि 18 नवंबर को वह अपने बेटे से मिलने जटापुर गया था, लेकिन रातभर न तो उसका पुत्र रेशमपाल घर लौटा और न ही पुत्रवधू संतोष घर आई।
19 नवंबर की सुबह जब वादी खेत पर शौच के लिए गया था उनके पुत्र रेशमपाल का शव वहां पड़ा हुआ था। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने मृतक की पत्नी संतोष व उसके प्रेमी राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
यह गवाह हुए पेश
मामले में वादी पक्ष की ओर से सूरजपाल सिंह वादी, मनु मृतक की पुत्री, कांस्टेबल बनी सिंह, उपनिरीक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. फूल सिंह, निरीक्षक भूपेंद्र सिंह, फील्ड यूनिट प्रभारी सुरेंद्र कुमार, अमरेश कुमार बघेल तत्कालीन निरीक्षक की गवाही कराई गई। जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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बेटी मनु ने यह दी थी गवाही
मृतक की पुत्री संतोष ने बताया था कि 18 नवंबर को उसकी मां दवा दिलाने के लिए उसे अपने साथ बुलंदशहर ले गई थी। बुलंदशहर गांव निवासी युवक सोनू के घर मां ने उसे छोड़ दिया था और दवाई लेकर आने की बात कही थी। शाम को उसकी मां लौटी और उसे बस से लेकर गांव पहुंची। बस में पीछे से गांव निवासी युवक राजू उर्फ राजवीर भी आ गया था।
गांव में जब वह पैदल घर की ओर जा रहे थे तो उसके पिता रेशमपाल ने तीनों को एक साथ देख लिया। जिस पर पिता ने उसे डपटा कि तू अपनी मां के साथ कहां घूम रही है। साथ ही मां को भी डांटा था। जिस पर राजवीर उर्फ राजू ने गुस्से में आकर रेशमपाल के हाथ से डंडा छीन लिया और हमला कर दिया।
इससे उसके पिता रेशमपाल बेहोश हो गए। इसके बाद मां संतोष ने राजू के साथ मिलकर दुपट्टे से रेशमपाल का गला दबाकर हत्या कर दी। साथ ही आरोपियों ने किसी को कुछ बताने पर हत्या की धमकी दी थी। इस गवाही के आधार पर ही न्यायालय ने सजा सुनाई है।
गांव में जब वह पैदल घर की ओर जा रहे थे तो उसके पिता रेशमपाल ने तीनों को एक साथ देख लिया। जिस पर पिता ने उसे डपटा कि तू अपनी मां के साथ कहां घूम रही है। साथ ही मां को भी डांटा था। जिस पर राजवीर उर्फ राजू ने गुस्से में आकर रेशमपाल के हाथ से डंडा छीन लिया और हमला कर दिया।
इससे उसके पिता रेशमपाल बेहोश हो गए। इसके बाद मां संतोष ने राजू के साथ मिलकर दुपट्टे से रेशमपाल का गला दबाकर हत्या कर दी। साथ ही आरोपियों ने किसी को कुछ बताने पर हत्या की धमकी दी थी। इस गवाही के आधार पर ही न्यायालय ने सजा सुनाई है।