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Bulandshahar News: नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कारावास, 49 हजार का अर्थदंड
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बुलंदशहर। वर्ष 2022 में किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में अब अपर सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम-1 मनोज कुमार सिंह तृतीय ने आरोपी युवक को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने स्कूल जा रही नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दोषी सागर उर्फ सिद्धार्थ को 20 साल के कठोर कारावास और 49 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
नगर कोतवाली क्षेत्र निवासी वादी मुकदमा ने वर्ष 2022 में अपनी पुत्री के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि उनकी पुत्री एक स्थानीय स्कूल में हाईस्कूल की छात्रा है। वह सुबह स्कूल गई, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटी।
पीड़ित ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन कॉल आती थी, जिस पर कॉल करने वाला गाली गलौज कर धमकी देता था। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में मोहल्ला कोठियात कोतवाली नगर निवासी सागर उर्फ सिद्धार्थ और उसके पिता लोकेश बंसल का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने तलाश शुरू की और जल्द ही नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। जांच और चिकित्सकीय परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने जांच पूरी की और आरोपी सागर उर्फ सिद्धार्थ और उसके पिता लोकेश बंसल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
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अपर सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम-1 मनोज कुमार सिंह तृतीय की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए गवाहों के बयानों, सभी भौतिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन किया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सागर उर्फ सिद्धार्थ को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने अभियुक्त सागर उर्फ सिद्धार्थ को पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 49 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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नगर कोतवाली क्षेत्र निवासी वादी मुकदमा ने वर्ष 2022 में अपनी पुत्री के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि उनकी पुत्री एक स्थानीय स्कूल में हाईस्कूल की छात्रा है। वह सुबह स्कूल गई, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटी।
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पीड़ित ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन कॉल आती थी, जिस पर कॉल करने वाला गाली गलौज कर धमकी देता था। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में मोहल्ला कोठियात कोतवाली नगर निवासी सागर उर्फ सिद्धार्थ और उसके पिता लोकेश बंसल का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने तलाश शुरू की और जल्द ही नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। जांच और चिकित्सकीय परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने जांच पूरी की और आरोपी सागर उर्फ सिद्धार्थ और उसके पिता लोकेश बंसल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
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अपर सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम-1 मनोज कुमार सिंह तृतीय की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए गवाहों के बयानों, सभी भौतिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन किया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सागर उर्फ सिद्धार्थ को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने अभियुक्त सागर उर्फ सिद्धार्थ को पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 49 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।