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Bulandshahar News: जलाभिषेक आज, गंगा घाटों व कांवड़ मार्गों पर हर-हर महादेव
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नरौरा केरामघाट पर कांवड़ भरने के लिए उमड़ी शिवभक्तों की भीड़। संवाद
बुलंदशहर/नरौरा/अनूपशहर/अहार/शिकारपुर। महाशिवरात्रि को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार भोर से ही श्रद्धालु शिवालयों में जल चढ़ाना शुरू कर देंगे। कांधे पर कांवड़ और बाबा शिव के जयकारों के साथ शिवभक्त अपने-अपने गंतव्य पहुंच गए। शिवालयों पर मेले भी गुलजार हो गए हैं।
पिछले कई दिनों से जिला शिवमय है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए जल लेकर ज्यादातर कांवड़िये लौट आए हैं। जिले में चारों तरफ हर-हर महादेव और बोल-बम के जयकारों की गूंज सुनाई पड़ रही है। मंगलवार को जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में कमेटी के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे रहे। बुधवार भोर में ही मंदिरों के कपाट खुल जाएंगे।
वहीं, अहार, कर्णवास और नरौरा से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अलावा राजस्थान व मध्य प्रदेश तक के श्रद्धालु रामघाट से कांवड़ भरकर अपने-अपने गंतव्य को हुए। गंगा घाटों पर भीड़ रही। अधिकारी व अधीनस्थ गंगा घाट पर व्यवस्थाएं संभालते रहे। वहीं, नावों पर तैनात तैराक शिवभक्तों की सुरक्षा में लगे रहे। मंगलवार को सबसे अधिक कांवड़ लेने वाले शिवभक्तों की भीड़ रामघाट और अनूपशहर में रही।
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शिवभक्तों को चार मुखी रुद्राक्ष का होगा वितरण
गांव गंगेरूआ स्थित श्री द्वादश महालिंगेश्वर सिद्ध महापीठ के पीठाधीश आचार्य मंजीत धर्मध्वज ने बताया कि जलाभिषेक करने आने वाले भक्तों को दिव्य चार मुखी रुद्राक्ष का वितरण किया जाएगा। चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से आर्थिक, मानसिक व शारीरिक उन्नति होती है और नकारात्मकता दूर होती ही है। वहीं, दूसरी ओर अहार क्षेत्र के अंबकेश्वर महादेव मंदिर और शिकारपुर क्षेत्र के गांव बरासऊ स्थित बड़ा महादेव मंदिर समेत जिले के सभी शिवालयों में जलाभिषेक की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
कंधे पर शिव की मूर्ति लेकर 60 किमी की यात्रा पर निकले श्रद्धालु
अनूपशहर। कांवड़ मेले से 50 हजार से अधिक भक्त कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। वहीं, खुर्जा निवासी सूरज नाम के श्रद्धालु विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वे भगवान शिव की प्रतिमा को अपने कंधों पर लेकर यात्रा पर निकले हैं। सूरज ने बताया कि छह महीने पहले सावन की शिवरात्रि में भी वे हरिद्वार से खुर्जा तक इसी तरह यात्रा कर चुके हैं। इस बार वे अनूपशहर से खुर्जा तक 60 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।
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पिछले कई दिनों से जिला शिवमय है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए जल लेकर ज्यादातर कांवड़िये लौट आए हैं। जिले में चारों तरफ हर-हर महादेव और बोल-बम के जयकारों की गूंज सुनाई पड़ रही है। मंगलवार को जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में कमेटी के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे रहे। बुधवार भोर में ही मंदिरों के कपाट खुल जाएंगे।
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वहीं, अहार, कर्णवास और नरौरा से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अलावा राजस्थान व मध्य प्रदेश तक के श्रद्धालु रामघाट से कांवड़ भरकर अपने-अपने गंतव्य को हुए। गंगा घाटों पर भीड़ रही। अधिकारी व अधीनस्थ गंगा घाट पर व्यवस्थाएं संभालते रहे। वहीं, नावों पर तैनात तैराक शिवभक्तों की सुरक्षा में लगे रहे। मंगलवार को सबसे अधिक कांवड़ लेने वाले शिवभक्तों की भीड़ रामघाट और अनूपशहर में रही।
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शिवभक्तों को चार मुखी रुद्राक्ष का होगा वितरण
गांव गंगेरूआ स्थित श्री द्वादश महालिंगेश्वर सिद्ध महापीठ के पीठाधीश आचार्य मंजीत धर्मध्वज ने बताया कि जलाभिषेक करने आने वाले भक्तों को दिव्य चार मुखी रुद्राक्ष का वितरण किया जाएगा। चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से आर्थिक, मानसिक व शारीरिक उन्नति होती है और नकारात्मकता दूर होती ही है। वहीं, दूसरी ओर अहार क्षेत्र के अंबकेश्वर महादेव मंदिर और शिकारपुर क्षेत्र के गांव बरासऊ स्थित बड़ा महादेव मंदिर समेत जिले के सभी शिवालयों में जलाभिषेक की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
कंधे पर शिव की मूर्ति लेकर 60 किमी की यात्रा पर निकले श्रद्धालु
अनूपशहर। कांवड़ मेले से 50 हजार से अधिक भक्त कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। वहीं, खुर्जा निवासी सूरज नाम के श्रद्धालु विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वे भगवान शिव की प्रतिमा को अपने कंधों पर लेकर यात्रा पर निकले हैं। सूरज ने बताया कि छह महीने पहले सावन की शिवरात्रि में भी वे हरिद्वार से खुर्जा तक इसी तरह यात्रा कर चुके हैं। इस बार वे अनूपशहर से खुर्जा तक 60 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।