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Bulandshahar News: धार्मिक स्थलों से उतरवाए लाउडस्पीकर
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लाउडस्पीकर उतरवाते पुलिसकर्मी। स्रोत: पुलिस
बुलंदशहर। शासन के निर्देश पर ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध कड़ा रुख अख्तियार करते हुए जनपद पुलिस ने शुक्रवार सुबह व्यापक अभियान चलाया। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के दौरान जिले भर में मानकों का उल्लंघन कर रहे 127 लाउडस्पीकरों को उतरवाया गया, जबकि 249 यंत्रों की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप कम कराई गई।
शुक्रवार की सुबह से ही जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमें सक्रिय हो गईं। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने कुल 617 धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट और शासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन कराना था।
चेकिंग के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाए गए थे, जिन्हें तत्काल प्रभाव से हटवा दिया गया। पुलिस प्रशासन ने एक सराहनीय पहल करते हुए निर्णय लिया कि उतरवाए गए लाउडस्पीकरों को नष्ट करने के बजाय उनका सदुपयोग किया जाएगा। इन यंत्रों को स्थानीय मदरसों और स्कूलों को दान किया जाएगा, जिससे कि शैक्षिक कार्यों में सहायता मिल सके।
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इसके अतिरिक्त, कुछ लाउडस्पीकरों को शहर के मुख्य चौराहों पर लगवाया जा रहा है, जिससे कि सार्वजनिक सूचनाओं और ट्रैफिक अपडेट्स के लिए इनका उपयोग किया जा सके। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने धर्मगुरुओं और प्रबंधकों के साथ संवाद भी किया। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि बिना वैध अनुमति के कोई भी नया लाउडस्पीकर न लगाया जाए। अनुमति प्राप्त यंत्रों की आवाज भी परिसर की सीमा के भीतर और निर्धारित डेसिबल मानकों के अनुसार ही होनी चाहिए। नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध भविष्य में कानूनी कार्रवाई की जाएगी
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शुक्रवार की सुबह से ही जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमें सक्रिय हो गईं। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने कुल 617 धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट और शासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन कराना था।
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चेकिंग के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाए गए थे, जिन्हें तत्काल प्रभाव से हटवा दिया गया। पुलिस प्रशासन ने एक सराहनीय पहल करते हुए निर्णय लिया कि उतरवाए गए लाउडस्पीकरों को नष्ट करने के बजाय उनका सदुपयोग किया जाएगा। इन यंत्रों को स्थानीय मदरसों और स्कूलों को दान किया जाएगा, जिससे कि शैक्षिक कार्यों में सहायता मिल सके।
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इसके अतिरिक्त, कुछ लाउडस्पीकरों को शहर के मुख्य चौराहों पर लगवाया जा रहा है, जिससे कि सार्वजनिक सूचनाओं और ट्रैफिक अपडेट्स के लिए इनका उपयोग किया जा सके। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने धर्मगुरुओं और प्रबंधकों के साथ संवाद भी किया। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि बिना वैध अनुमति के कोई भी नया लाउडस्पीकर न लगाया जाए। अनुमति प्राप्त यंत्रों की आवाज भी परिसर की सीमा के भीतर और निर्धारित डेसिबल मानकों के अनुसार ही होनी चाहिए। नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध भविष्य में कानूनी कार्रवाई की जाएगी