{"_id":"61ba1e5d12668329b228d88a","slug":"loot-bulandshahr-news-gbd231104563","type":"story","status":"publish","title_hn":"डंपर लूट : रिपोर्ट दर्ज करने के लिए टरकाती रही पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डंपर लूट : रिपोर्ट दर्ज करने के लिए टरकाती रही पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डंपर लूट : रिपोर्ट दर्ज करने के लिए टरकाती रही पुलिस
बुलंदशहर। सोमवार रात को गन प्वाइंट पर चालक को बंधक बनाकर (डंपर) लूटने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने में एक थाने की पुलिस दूसरी का बताते रही। पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करने की जहमत तक नहीं उठाई। पुलिस अधिकारियों के दबाव पर घटना के 24 घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।
जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गांव बुढ़ाना निवासी संजय पुत्र चतर सिंह ने बताया कि उनके डंपर पर संजय कुमार चालक के रूप में कार्य करता है। गत सोमवार को चालक डंपर लेकर चोला क्षेत्र में मिट्टी डालने गया था। देर रात करीब दो बजे डंपर को खाली कर लौटते समय फ्लाईओवर के निकट कार सवार बदमाशाें ने उसे रोक लिया। साथ ही गन प्वाइंट पर लेकर उसे बंधक बना लिया। साथ ही आरोपी डंपर सहित उसे लेकर पलवल पहुंचे। जहां रास्ते में ही उसे छोड़कर डंपर लूट कर फरार हो गए। सुपरवाइजर की सूचना पर चोला पुलिस ने छानबीन की और पलवल से पीड़ित चालक को अपने साथ लेकर आई। जानकारी होने पर एसएसपी व एसपी सिटी ने चोला पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए। लेकिन, थाना पुलिस ने मंगलवार देर रात करीब एक बजे तक मामला दर्ज नहीं किया। आरोप है कि थाना पुलिस पहले तो पीड़ित पर चोरी की तहरीर देने का दबाव बनाती रही। बाद में तहरीर मिलने पर सीमा विवाद में उलझाते हुए मामले को ककोड़ थाने का बताया जाने लगा। इस दौरान पुलिस ने जीरा एफआईआर दर्ज करने की जहमत तक नहीं उठाई। देर रात पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से फोन पर शिकायत की, जिसके बाद थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट की एफआईआर दर्ज की।
यह होती है जीरो एफआईआर
अधिवक्ता फौजदारी ब्रूनो भूषण ने बताया कि दो थाना क्षेत्रों के बीच कोई वारदात होने पर अगर पुलिस तत्काल उस जगह को अपने या दूसरे थाना क्षेत्र में होना तय नहीं कर पाती है, तो जिस थाने की पुलिस पहले पहुंचती है उसे शून्य क्राइम नंबर देकर रिपोर्ट दर्ज करनी होती है। वहीं जांच के बाद पुष्टि होने पर संबंधित थाने में विवेचना स्थानांतरित कर दी जाती है। ऐसा न करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
विज्ञापन
मामले में मंगलवार देर रात तहरीर के आधार पर लूट की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। यदि किसी तरह की लापरवाही बरती गई है, तो जांच में सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही बदमाशों को पकड़ कर राजफाश कर दिया जाएगा।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
विज्ञापन
बुलंदशहर। सोमवार रात को गन प्वाइंट पर चालक को बंधक बनाकर (डंपर) लूटने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने में एक थाने की पुलिस दूसरी का बताते रही। पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करने की जहमत तक नहीं उठाई। पुलिस अधिकारियों के दबाव पर घटना के 24 घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।
जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गांव बुढ़ाना निवासी संजय पुत्र चतर सिंह ने बताया कि उनके डंपर पर संजय कुमार चालक के रूप में कार्य करता है। गत सोमवार को चालक डंपर लेकर चोला क्षेत्र में मिट्टी डालने गया था। देर रात करीब दो बजे डंपर को खाली कर लौटते समय फ्लाईओवर के निकट कार सवार बदमाशाें ने उसे रोक लिया। साथ ही गन प्वाइंट पर लेकर उसे बंधक बना लिया। साथ ही आरोपी डंपर सहित उसे लेकर पलवल पहुंचे। जहां रास्ते में ही उसे छोड़कर डंपर लूट कर फरार हो गए। सुपरवाइजर की सूचना पर चोला पुलिस ने छानबीन की और पलवल से पीड़ित चालक को अपने साथ लेकर आई। जानकारी होने पर एसएसपी व एसपी सिटी ने चोला पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए। लेकिन, थाना पुलिस ने मंगलवार देर रात करीब एक बजे तक मामला दर्ज नहीं किया। आरोप है कि थाना पुलिस पहले तो पीड़ित पर चोरी की तहरीर देने का दबाव बनाती रही। बाद में तहरीर मिलने पर सीमा विवाद में उलझाते हुए मामले को ककोड़ थाने का बताया जाने लगा। इस दौरान पुलिस ने जीरा एफआईआर दर्ज करने की जहमत तक नहीं उठाई। देर रात पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से फोन पर शिकायत की, जिसके बाद थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट की एफआईआर दर्ज की।
विज्ञापन
यह होती है जीरो एफआईआर
अधिवक्ता फौजदारी ब्रूनो भूषण ने बताया कि दो थाना क्षेत्रों के बीच कोई वारदात होने पर अगर पुलिस तत्काल उस जगह को अपने या दूसरे थाना क्षेत्र में होना तय नहीं कर पाती है, तो जिस थाने की पुलिस पहले पहुंचती है उसे शून्य क्राइम नंबर देकर रिपोर्ट दर्ज करनी होती है। वहीं जांच के बाद पुष्टि होने पर संबंधित थाने में विवेचना स्थानांतरित कर दी जाती है। ऐसा न करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
विज्ञापन
मामले में मंगलवार देर रात तहरीर के आधार पर लूट की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। यदि किसी तरह की लापरवाही बरती गई है, तो जांच में सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही बदमाशों को पकड़ कर राजफाश कर दिया जाएगा।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी