{"_id":"65b7e1ecdfc062724a084e49","slug":"life-imprisonment-to-the-third-accused-in-satendra-murder-case-bulandshahr-news-c-133-1-bul1003-110742-2024-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: सतेंद्र हत्याकांड में तीसरे दोषी को भी आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: सतेंद्र हत्याकांड में तीसरे दोषी को भी आजीवन कारावास
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। गांव प्राणगढ़ में अक्तूबर 2013 में हुए सतेंद्र हत्याकांड और सतेंद्र के पिता और दोस्त पर हुए जानलेवा हमले के मामले में न्यायालय ने तीसरे आरोपी सोनू उर्फ मूंछ को दोषी माना है। न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास और 56 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी के दो साथियों को मामले में पहले ही आजीवन कारावास हो चुका है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विमल कुमार ने बताया कि वादी मुकदमा राजवीर सिंह निवासी गांव जौली थाना सिकंदराबाद ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनका बेटा सतेंद्र व उसका दोस्त अमित निवासी गांव जौली सात अक्तूबर 2023 को गांव प्राणगढ़ गए थे। वादी के बेटे सतेंद्र ने करीब एक साल पहले गांव प्राणगढ़ निवासी आरोपी मोटे व उसके भाई निक्की को 36 हजार रुपये उधार दिए थे, जिनका तकादा करने के लिए वह सात अक्तूबर को उनके घर गए थे। आरोपी मोटे, निक्की व उनका साथी सोनू उर्फ मूंछ रास्ते में ही एक अन्य ग्रामीण के मकान के बाहर उन्हें खड़े मिले थे। जहां, सतेंद्र ने आरोपियों से अपने रुपयों वापस मांगे थे। रुपये मांगने पर आरोपी भड़क गए और गाली गलौंज करन लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने तमंचे निकालकर सतेंद्र, राजवीर व अमित पर फायरिंग कर दी।
गोली लगने से सतेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि, वादी मुकदमा व मृतक का साथी बाल-बाल बच गए थे। इसके बाद आरोपी भविष्य में रुपये मांगने पर हत्या की धमकी देकर भाग निकले थे। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने गत 20 जनवरी को दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी मोटे व उसके भाई निक्की व सोनू उर्फ मूंछ को दोषी माना था। लेकिन, उससे पूर्व ही आरोपी सोनू उर्फ मूंछ न्यायालय से बिना बयान दर्ज कराए ही भाग गया था। जिस पर न्यायालय ने आरोपी भाइयों को आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया था। न्यायालय ने आरोपी सोनू की पत्रावली अलग कर दी थी।
विज्ञापन
दो साथियों को सजा होने के बाद न्यायालय से भागे सोनू उर्फ मूंछ ने बीते दिनों न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। न्यायालय ने अब आरोपी सोनू उर्फ मूंछ को भी आजीवन कारावास और 56 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
बुलंदशहर। गांव प्राणगढ़ में अक्तूबर 2013 में हुए सतेंद्र हत्याकांड और सतेंद्र के पिता और दोस्त पर हुए जानलेवा हमले के मामले में न्यायालय ने तीसरे आरोपी सोनू उर्फ मूंछ को दोषी माना है। न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास और 56 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी के दो साथियों को मामले में पहले ही आजीवन कारावास हो चुका है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विमल कुमार ने बताया कि वादी मुकदमा राजवीर सिंह निवासी गांव जौली थाना सिकंदराबाद ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनका बेटा सतेंद्र व उसका दोस्त अमित निवासी गांव जौली सात अक्तूबर 2023 को गांव प्राणगढ़ गए थे। वादी के बेटे सतेंद्र ने करीब एक साल पहले गांव प्राणगढ़ निवासी आरोपी मोटे व उसके भाई निक्की को 36 हजार रुपये उधार दिए थे, जिनका तकादा करने के लिए वह सात अक्तूबर को उनके घर गए थे। आरोपी मोटे, निक्की व उनका साथी सोनू उर्फ मूंछ रास्ते में ही एक अन्य ग्रामीण के मकान के बाहर उन्हें खड़े मिले थे। जहां, सतेंद्र ने आरोपियों से अपने रुपयों वापस मांगे थे। रुपये मांगने पर आरोपी भड़क गए और गाली गलौंज करन लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने तमंचे निकालकर सतेंद्र, राजवीर व अमित पर फायरिंग कर दी।
विज्ञापन
गोली लगने से सतेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि, वादी मुकदमा व मृतक का साथी बाल-बाल बच गए थे। इसके बाद आरोपी भविष्य में रुपये मांगने पर हत्या की धमकी देकर भाग निकले थे। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने गत 20 जनवरी को दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी मोटे व उसके भाई निक्की व सोनू उर्फ मूंछ को दोषी माना था। लेकिन, उससे पूर्व ही आरोपी सोनू उर्फ मूंछ न्यायालय से बिना बयान दर्ज कराए ही भाग गया था। जिस पर न्यायालय ने आरोपी भाइयों को आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया था। न्यायालय ने आरोपी सोनू की पत्रावली अलग कर दी थी।
विज्ञापन
दो साथियों को सजा होने के बाद न्यायालय से भागे सोनू उर्फ मूंछ ने बीते दिनों न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। न्यायालय ने अब आरोपी सोनू उर्फ मूंछ को भी आजीवन कारावास और 56 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है।