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Bulandshahar News: अनिल हत्याकांड में दोषी को आजीवन कारावास
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बुलंदशहर। खुर्जा देहात क्षेत्र के गांव नगला शेखू में जून 2019 को गांव निवासी अनिल उर्फ पीके की हत्या कर दी गई थी। गांव निवासी चार नामजद आरोपियों ने उसका शव गन्ने के खेत में छिपा दिया था। इस प्रकरण में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सुरेश कुमार शर्मा के न्यायालय ने एक अभियुक्त को दोषी करार दिया है। जिसे आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है। जबकि दो अभियुक्तों को बरी कर दिया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी देवेंद्र कुमार माहुर व प्रवीन कुमार राणा ने बताया कि वादी मुकदमा अमित निवासी गांव नगला शेखू ने 19 जून 2019 को खुर्जा देहात थाने पर तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि उनका भाई अनिल उर्फ पीके 17 जून से लापता है। साथ ही उन्होंने बताया था कि उनके भाई को 17 जून की शाम करीब पांच बजे गांव निवासी अजब सिंह ने अपने घर बुलाया था। वहां पहले से ही गांव निवासी आरोपी ओमवीर, जीतू खज्जू व सुधीर मौजूद थे। इसके बाद से ही उसके भाई का कोई सुराग नहीं लग सका है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। पुलिस ने पूछताछ के लिए जीतू को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ के बाद उसने जुर्म कुबूल किया। साथ ही उसकी निशानदेही पर अनिल का शव गन्ने के खेत से बरामद किया था। आरोपी ने बताया था कि उन्होंने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिस पर अब न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त जीतू को देाषी करार दिया है। साथ ही उसे आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। जबकि, दो आरोपी खज्जू शर्मा व सुधीर को बाइज्जत बरी कर दिया गया है। एक आरोपी की पूर्व में विचारण के दौरान मृत्यु हो चुकी है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी देवेंद्र कुमार माहुर व प्रवीन कुमार राणा ने बताया कि वादी मुकदमा अमित निवासी गांव नगला शेखू ने 19 जून 2019 को खुर्जा देहात थाने पर तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि उनका भाई अनिल उर्फ पीके 17 जून से लापता है। साथ ही उन्होंने बताया था कि उनके भाई को 17 जून की शाम करीब पांच बजे गांव निवासी अजब सिंह ने अपने घर बुलाया था। वहां पहले से ही गांव निवासी आरोपी ओमवीर, जीतू खज्जू व सुधीर मौजूद थे। इसके बाद से ही उसके भाई का कोई सुराग नहीं लग सका है।
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पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। पुलिस ने पूछताछ के लिए जीतू को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ के बाद उसने जुर्म कुबूल किया। साथ ही उसकी निशानदेही पर अनिल का शव गन्ने के खेत से बरामद किया था। आरोपी ने बताया था कि उन्होंने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिस पर अब न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त जीतू को देाषी करार दिया है। साथ ही उसे आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। जबकि, दो आरोपी खज्जू शर्मा व सुधीर को बाइज्जत बरी कर दिया गया है। एक आरोपी की पूर्व में विचारण के दौरान मृत्यु हो चुकी है।
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