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चपरासी की हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2022 10:18 PM IST
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life imprisonment
चपरासी की हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद
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बुलंदशहर। लूटपाट करने के लिए चपरासी की हत्या के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले पर पीड़ित परिजनों ने संतोष व्यक्त किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नितिन त्यागी ने बताया कि 12 जुलाई 2015 को औरंगाबाद पुलिस को शिकायत देकर रामगढ़ निवासी घनश्याम ने बताया था कि उसके पिता ग्राम विकास संस्थान लखावटी में तैनात थे। 11 जुलाई को रात्रि ड्यूटी के लिए वह घर से प्रधानाचार्य आवास के लिए निकले थे। 12 जुलाई को वह घर नहीं पहुंचे तो उन्हें फोन किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। इसके कुछ समय बाद जीप चालक शेर सिंह ने फोन पर सूचना दी कि उसके पिता की हत्या कर दी गई है और शव प्रधानाचार्य आवास के बाहर पड़ा है। मौके पर पहुंचकर देखा तो पाया कि उसके पिता का मुंह चादर से बांधा गया है और पैरों में रस्सी बंधी थी। प्रधानाचार्य आवास के अंदर सामान बिखरा पड़ा था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूटपाट और हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
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20 जुलाई को पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के पंखे, मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद किया था। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम योगेंद्र और बॉबी बताया। उन्होंने चोरी और चपरासी की हत्या की वारदात को स्वीकार किया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की। अब अपर सत्र न्यायाधीश दानिश हसनैन की कोर्ट ने दोनों को दोषी मानते हुए उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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