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Bulandshahar News: नींद की कमी से लोगों में बढ़ रहा तनाव व अवसाद
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बुलंदशहर। खराब दिनचर्या और नींद की कमी लोगों में तनाव व अवसाद का कारण बन रही है। जो लोगों के लिए स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। इससे एक ओर से लोगों की याददाश्त कमजोर हो रही है, वहीं चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। जिला अस्पताल के मनकक्ष में रोज करीब 50 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं।
वर्तमान परिवेश में लोगों की दिनचर्या काफी बदल गई है। लोग अधिकतर समय मोबाइल के साथ व्यतीत कर रहे हैं। देर रात तक मोबाइल देखने के कारण लोगों को अनिद्रा की समस्या हो रही है। इससे लोगों को थकान, चिंता व कम ऊर्जा महसूस हो रही है और वह तनाव व चिड़चिड़ेपन के शिकार हो रहे है। मन कक्ष में संबंधित लक्षण के 50 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नींद कम आने से मस्तिष्क में नकारात्मक विचार आने लगते हैं और लोग अवसाद का शिकार होने लगते हैं, जिससे उनकी याददाश्त प्रभावित होने लगती है। संबंधित बीमारी से बचने के लिए भरपूर नींद लेनी चाहिए।
नींद पूरी न होने से हानि
: कमजोर याददाश्त
: पाचन क्रिया का खराब रहना
: थकान और निराशा महसूस करना
: दिनभर चिड़चिड़ापन रहना
: छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना
बचाव के उपाय
: सुबह योग करें
: रात में चाय और कॉफी का सेवन न करें
: रात में हल्का भोजन करें
: सोने और उठने का समय स्वयं निर्धारित करें
: सोते समय मोबाइल और टीवी न देखें
अपर्याप्त नींद व तनाव के कारण लोग मानसिक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। नींद कम आना चिंता और अवसाद का लक्षण है। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले अधिकतर मरीज अनिद्रा के शिकार हैं। - डॉ. रमित सिंह, नोडल अधिकारी
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वर्तमान परिवेश में लोगों की दिनचर्या काफी बदल गई है। लोग अधिकतर समय मोबाइल के साथ व्यतीत कर रहे हैं। देर रात तक मोबाइल देखने के कारण लोगों को अनिद्रा की समस्या हो रही है। इससे लोगों को थकान, चिंता व कम ऊर्जा महसूस हो रही है और वह तनाव व चिड़चिड़ेपन के शिकार हो रहे है। मन कक्ष में संबंधित लक्षण के 50 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नींद कम आने से मस्तिष्क में नकारात्मक विचार आने लगते हैं और लोग अवसाद का शिकार होने लगते हैं, जिससे उनकी याददाश्त प्रभावित होने लगती है। संबंधित बीमारी से बचने के लिए भरपूर नींद लेनी चाहिए।
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नींद पूरी न होने से हानि
: कमजोर याददाश्त
: पाचन क्रिया का खराब रहना
: थकान और निराशा महसूस करना
: दिनभर चिड़चिड़ापन रहना
: छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना
बचाव के उपाय
: सुबह योग करें
: रात में चाय और कॉफी का सेवन न करें
: रात में हल्का भोजन करें
: सोने और उठने का समय स्वयं निर्धारित करें
: सोते समय मोबाइल और टीवी न देखें
अपर्याप्त नींद व तनाव के कारण लोग मानसिक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। नींद कम आना चिंता और अवसाद का लक्षण है। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले अधिकतर मरीज अनिद्रा के शिकार हैं। - डॉ. रमित सिंह, नोडल अधिकारी
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