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Bulandshahar News: लगातार बारिश से खुर्जा पॉटरी का दस करोड़ का कारोबार प्रभावित
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खुर्जा स्थित पॉटरी में रखे बारिश में भीगे हुए मोल्ड - संवाद
खुर्जा। क्षेत्र में पिछले चार दिनों से हो रही लगातार बारिश से पॉटरी उद्योग का करीब दस करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो गया है। ऐसे में उत्पाद तैयार होने भी बंद हो गए हैं, इस कारण ऑर्डर नहीं भेजे जा रहे हैं। वहीं अन्य प्रदेशों से आने वाला कच्चा माल भी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे सप्लाई, उत्पाद पॉलिश, पैकिंग, मोल्ड तैयार करना आदि कार्य प्रभावित हो गए। कुछ उद्यमियों के उत्पाद व मोल्ड पानी से खराब भी हो गए हैं।
खुर्जा के पॉटरी उद्योग में 300 इकाइयां हैं, जिसमें 130 बड़ी और 170 छोटी इकाइयां हैं। जहां पहले खुर्जा की क्रॉकरी केवल जिले व प्रदेशोंं में चल रही थी। पॉटरी उद्योग से एक साल में औसतन 150 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। छोटी या बड़ी सभी इकाइयों के उत्पाद तैयार होकर अन्य प्रदेशों में भेजे जाते हैं। इसमें सबसे ज्यादा सप्लाई महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, बिहार, झारखंड समेत अन्य प्रदेशों में भेजी जाती है। त्योहारी सीजन के चलते पॉटरी उद्योग का सबसे ज्यादा कारोबार अक्टूबर माह से शुरू होता है, जो अगले साल फरवरी माह तक चलता है। इस अवधी में करीब 70 से 80 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
ऐसे में आगामी त्योहार के चलते विदेशों व देश के अन्य राज्यों से पॉटरी इकाइयों पर ऑर्डर आने शुरू हो गए हैं। मगर बारिश के कारण अभी तक ऑर्डर बनने शुरू नहीं हो पा रहे हैं। जो उत्पाद तैयार हो रहे हैं, उसमें भी कुछ खराब हो गए। ऐसे में उद्यमी काफी चिंतित हैं। बारिश से क्षेत्रों में ट्रांसपोर्ट, व्यावसायिक गतिविधियां और बाजार बंद हो गए हैं। पैकिंग करने वाले कर्मचारियों ने भी काम बंद कर दिया है। बारिश से पॉटरी इकाइयों में पानी भर गया है। जहां मोल्ड रखे रहते हैं। वहां भी पानी भर गया है। पीओपी से तैयार मोल्ड खराब हो गए हैं। बारिश के चलते तैयार माल की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।
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नहीं मिल पा रहा कच्चा माल
1. खुर्जा में क्रॉकरी, बर्तन, गमले, खिलौने और सजावटी वस्तुएं बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की मिट्टी मंगवाई जाती है। इसमें गुजरात, राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ से मिट्टी मंगवाई जाती है। क्षेत्रों में बाढ़ और बारिश के कारण मिट्टी भी नहीं आ रही है, इस कारण उत्पाद तैयार करने में दिक्कत हो रही है।
- दर्शन छतवाल, उद्यमी
2. बारिश के कारण नहीं बन पा रहे उत्पाद - उद्यमी अनुज गोयल ने बताया कि बारिश के कारण महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड और केरल जाने वाला माल रुक गया है। वहीं क्षेत्रीय स्तर पर भी परेशानी हो रही है। गीली मिट्टी से उत्पाद तैयार करके पहले मोल्ड में भरकर धूप में सुखाए जाते हैं। इसके बाद भट्टी में पकाए जाते हैं, लेकिन बारिश के कारण उत्पाद सूखने में दिक्कत हो रही है। गीले मोल्ड सूखने के बाद ही अगला उत्पाद उसमें तैयार होता है। - राजीव गोयल, उद्यमी
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खुर्जा के पॉटरी उद्योग में 300 इकाइयां हैं, जिसमें 130 बड़ी और 170 छोटी इकाइयां हैं। जहां पहले खुर्जा की क्रॉकरी केवल जिले व प्रदेशोंं में चल रही थी। पॉटरी उद्योग से एक साल में औसतन 150 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। छोटी या बड़ी सभी इकाइयों के उत्पाद तैयार होकर अन्य प्रदेशों में भेजे जाते हैं। इसमें सबसे ज्यादा सप्लाई महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, बिहार, झारखंड समेत अन्य प्रदेशों में भेजी जाती है। त्योहारी सीजन के चलते पॉटरी उद्योग का सबसे ज्यादा कारोबार अक्टूबर माह से शुरू होता है, जो अगले साल फरवरी माह तक चलता है। इस अवधी में करीब 70 से 80 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
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ऐसे में आगामी त्योहार के चलते विदेशों व देश के अन्य राज्यों से पॉटरी इकाइयों पर ऑर्डर आने शुरू हो गए हैं। मगर बारिश के कारण अभी तक ऑर्डर बनने शुरू नहीं हो पा रहे हैं। जो उत्पाद तैयार हो रहे हैं, उसमें भी कुछ खराब हो गए। ऐसे में उद्यमी काफी चिंतित हैं। बारिश से क्षेत्रों में ट्रांसपोर्ट, व्यावसायिक गतिविधियां और बाजार बंद हो गए हैं। पैकिंग करने वाले कर्मचारियों ने भी काम बंद कर दिया है। बारिश से पॉटरी इकाइयों में पानी भर गया है। जहां मोल्ड रखे रहते हैं। वहां भी पानी भर गया है। पीओपी से तैयार मोल्ड खराब हो गए हैं। बारिश के चलते तैयार माल की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।
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नहीं मिल पा रहा कच्चा माल
1. खुर्जा में क्रॉकरी, बर्तन, गमले, खिलौने और सजावटी वस्तुएं बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की मिट्टी मंगवाई जाती है। इसमें गुजरात, राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ से मिट्टी मंगवाई जाती है। क्षेत्रों में बाढ़ और बारिश के कारण मिट्टी भी नहीं आ रही है, इस कारण उत्पाद तैयार करने में दिक्कत हो रही है।
- दर्शन छतवाल, उद्यमी
2. बारिश के कारण नहीं बन पा रहे उत्पाद - उद्यमी अनुज गोयल ने बताया कि बारिश के कारण महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड और केरल जाने वाला माल रुक गया है। वहीं क्षेत्रीय स्तर पर भी परेशानी हो रही है। गीली मिट्टी से उत्पाद तैयार करके पहले मोल्ड में भरकर धूप में सुखाए जाते हैं। इसके बाद भट्टी में पकाए जाते हैं, लेकिन बारिश के कारण उत्पाद सूखने में दिक्कत हो रही है। गीले मोल्ड सूखने के बाद ही अगला उत्पाद उसमें तैयार होता है। - राजीव गोयल, उद्यमी