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सिर्फ छह मोबाइल टॉयलेट, मैले हो जाएंगे गंगा के किनारे
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:45 PM IST
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गंगा घाट
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गंगा किनारे लगने वाला कार्तिक मेला कहीं प्रधानमंत्री के नमामि गंगे मिशन को ध्वस्त न कर दे। कारण कार्तिक पूर्णिमा पर महास्नान के लिए तीन दिनों तक जिले में 15 किलोमीटर के गंगा तट पर कई जगह लगने वाले मेले में सिर्फ छह मोबाइल टॉयलेट स्थापित किए गए हैं।
यह सभी मोबाइल टॉयलेट सिर्फ अनूपशहर में स्थापित किए गए हैं। अन्य घाटों पर खुले में शौच रोकने के लिए व्यवस्था ही नहीं की गई है। इससे गंगा के साथ गंगा घाटों के आसपास का क्षेत्र भी प्रदूषित होने की संभावना है।
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बता दें कि 14 नवंबर को गंगा स्नान से पहले ही खासकर अनूपशहर सहित सिद्धबाबा घाट, माड़ू घाट, अहार में अबंतिका देवी मंदिर, कर्णवास, रामघाट, राजघाट और नरौरा आदि पर श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो जाएंगे।
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श्रद्धालु परिवार सहित घाटों पर डेरा भी डालेंगे और करीब तीन दिन तक श्रद्धालुओं का लगातार आना-जाना भी रहेगा। अनूपशहर के कार्तिक मेले की बात करें तो यहां पर प्रशासन के आदेश पर नगर पालिका ने करीब छह मोबाइल टायलेट रखवाने का निर्णय लिया है। जो काफी कम रहेंगे।
दूसरे घाटों की बात की जाए तो वहां पर अभी तक मोबाइल टायलेट आदि रखने के आदेश अभी जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में श्रद्धालु खुले में ही शौच करने को मजबूर होंगे। जबकि नमामि गंगे के तहत गंगा किनारे बसे गांवों में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) चल रहा है।
यदि सभी घाटों पर शौच को पर्याप्त मोबाइल टायलेट उपलब्ध नहीं करवाए तो खुले में शौच से गंगा के साथ आसपास का क्षेत्र भी प्रदूषित होगा।