{"_id":"5793b3eb4f1c1bc148c4c9df","slug":"investigation-did-not-get-to-the-doctor-himself-cdo-probe","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीडीओ को जांच के लिए नहीं मिला डॉक्टर खुद करेंगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीडीओ को जांच के लिए नहीं मिला डॉक्टर खुद करेंगी जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में जहर पीने वाले बच्चों का इलाज करते डाक्टर।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन और डीएम के आदेश के बावजूद सीडीओ को जांच टीम के लिए चिकित्सक नहीं मिल पा रहा है। नियमानुसार जांच टीम में एक सर्जन का होना अनिवार्य है। जिला अस्पताल में एक ही सर्जन हैं। उनके खिलाफ ही जांच होनी है, ऐसे में उनको टीम में कैसे शामिल किया जा सकता है।
विज्ञापन
आरोपी सर्जन को ही जांच टीम में नहीं रखा जा सकता, ऐसे में अब सीडीओ ही जांच करेंगी। नगर के पुलिस लाइन रोड निवासी संदीप पुत्र रमेश चंद्र का जिला अस्पताल में अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद संदीप का शरीर सड़ने और फटने लगा।
विज्ञापन
परिजनों के मुताबिक, मेरठ में संदीप का इलाज करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि उसका ऑपरेशन गलत हुआ है। मामले की शिकायत अखिल भारतीय यादव महासभा के सचिव नितिन यादव ने मुख्यमंत्री से की। शासन ने डीएम से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी।
विज्ञापन
डीएम ने इसकी जांच सीडीओ को करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने सीएमएस और सीएमओ को जांच में सहयोग के लिए वरिष्ठ सर्जन उपलब्ध कराने को कहा। स्वास्थ्य अफसरों ने सीडीओ से कहा है कि जिला अस्पताल में एकमात्र सर्जन है, वह खुद जांच में घिरे हुए हैं। ऐसे में जांच टीम के लिए सर्जन उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है। अब सीडीओ को बिना चिकित्सक के ही जांच करनी होगी।
जिला अस्पताल में एकमात्र सर्जन है। वह खुद जांच में घिरे हुए हैं। ऐसे में जांच अधिकारी को सर्जन उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है।
डॉ. प्रीतम सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल