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Bulandshahar News: ई-रजिस्ट्री के विरोध में अधिवक्ता व लेखकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
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सिकंदराबाद। ई-रजिस्ट्री प्रणाली के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखक व स्टांप विक्रेताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नई व्यवस्था को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा।
दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष ललित शर्मा ने बताया कि मकान, भूमि के बैनामे, रसीद और क्रय-विक्रय संबंधी कार्यों के लिए सरकार ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि नई प्रणाली लागू होने से दस्तावेज लेखक, कंप्यूटर ऑपरेटर, फोटोकॉपी करने वाले, फोटोग्राफर और स्टांप विक्रेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
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इसलिए सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेना चाहिए। बताया कि ई-रजिस्ट्री प्रणाली के वापस लिए जाने की मांग को लेकर वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
धरने को बार एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया। धरने में अमित सैनी, जगदीश सैनी, पवन शर्मा, विनीत शर्मा, पारुल जैन, देवेंद्र स्वरूप, प्रेमचंद, देवेंद्र सैनी, कृष्णपाल, उमेश चौधरी, हरिश्चंद्र, अंकुर सक्सेना, दिनेश शर्मा सहित अनेक दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता व स्टांप विक्रेता मौजूद रहे।
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दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष ललित शर्मा ने बताया कि मकान, भूमि के बैनामे, रसीद और क्रय-विक्रय संबंधी कार्यों के लिए सरकार ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू करने जा रही है।
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उन्होंने कहा कि नई प्रणाली लागू होने से दस्तावेज लेखक, कंप्यूटर ऑपरेटर, फोटोकॉपी करने वाले, फोटोग्राफर और स्टांप विक्रेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
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इसलिए सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेना चाहिए। बताया कि ई-रजिस्ट्री प्रणाली के वापस लिए जाने की मांग को लेकर वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
धरने को बार एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया। धरने में अमित सैनी, जगदीश सैनी, पवन शर्मा, विनीत शर्मा, पारुल जैन, देवेंद्र स्वरूप, प्रेमचंद, देवेंद्र सैनी, कृष्णपाल, उमेश चौधरी, हरिश्चंद्र, अंकुर सक्सेना, दिनेश शर्मा सहित अनेक दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता व स्टांप विक्रेता मौजूद रहे।