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Bulandshahar News: माध्यमिक विद्यालयों में अब रटने की जगह प्रैक्टिकल पर रहेगा जोर
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बुलंदशहर। जिले के माध्यमिक स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र से पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग छात्र-केंद्रित और व्यावहारिक शिक्षा देने की पहल शुरू करेगा। इस व्यवस्था में बच्चों को प्रोजेक्ट वर्क, प्रयोग, समूह चर्चा और रोजमर्रा के उदाहरणों से पढ़ाया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग का मानना है कि कक्षाओं में नवाचार और प्रयोगात्मक गतिविधियों पर खास जोर रहेगा, ताकि पढ़ाई रोचक बने। पारंपरिक रटने वाली पढ़ाई से बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता विकसित नहीं हो पाती है।
व्यावहारिक ज्ञान देने से न सिर्फ शैक्षणिक गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि छात्र आत्मनिर्भर और कुशल भी बनेंगे। अभिभावकों का भी मानना है कि प्रैक्टिकल नॉलेज से बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा और वे नौकरी के लिए भी बेहतर तैयार हो सकेंगे।
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विनय कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सात विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की गई है। इसके माध्यम से केंद्र सरकार के अटल इनोवेशन मिशन के तहत बनाई जाने वाली प्रयोगशाला में 3-डी प्रिंटर रोबोटिक्स किट इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उपकरण शामिल होंगे। इसकी मदद से विद्यार्थी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग व व्यवसायिक शिक्षा में सशक्त होंगें।
वहीं, एक जुलाई से विद्यालयों में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक व सहगामी गतिविधियों के आयोजन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन, उपस्थिति में वृद्धि व अधिगम स्तर को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा पुस्तकालय गतिविधियों, खेलकूद, स्वच्छता अभियान और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग का मानना है कि कक्षाओं में नवाचार और प्रयोगात्मक गतिविधियों पर खास जोर रहेगा, ताकि पढ़ाई रोचक बने। पारंपरिक रटने वाली पढ़ाई से बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता विकसित नहीं हो पाती है।
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व्यावहारिक ज्ञान देने से न सिर्फ शैक्षणिक गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि छात्र आत्मनिर्भर और कुशल भी बनेंगे। अभिभावकों का भी मानना है कि प्रैक्टिकल नॉलेज से बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा और वे नौकरी के लिए भी बेहतर तैयार हो सकेंगे।
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विनय कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सात विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की गई है। इसके माध्यम से केंद्र सरकार के अटल इनोवेशन मिशन के तहत बनाई जाने वाली प्रयोगशाला में 3-डी प्रिंटर रोबोटिक्स किट इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उपकरण शामिल होंगे। इसकी मदद से विद्यार्थी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग व व्यवसायिक शिक्षा में सशक्त होंगें।
वहीं, एक जुलाई से विद्यालयों में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक व सहगामी गतिविधियों के आयोजन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन, उपस्थिति में वृद्धि व अधिगम स्तर को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा पुस्तकालय गतिविधियों, खेलकूद, स्वच्छता अभियान और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।