फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Hospital medicine standard 'scale' failure to

सरकारी दवा में नहीं दम बीमारी कैसे हो कम

Wed, 17 Aug 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर Updated Wed, 17 Aug 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
Hospital medicine standard 'scale' failure to
दवा - फोटो : अमर उजाला

सरकारी अस्पतालों में बीमारी को आराम न होने का आरोप लगता रहा है। इसका ठीकरा चिकित्सकों पर फूटता है, जबकि वहां की दवाओं की गुणवत्ता ही खराब है। सरकारी अस्पताल की दवाओं के सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। ऐसी दवाओं से रोगियों को आराम मिलना संभव नहीं है।

विज्ञापन


ऐसी दवाइयां ज्यादातर अस्पतालों को सप्लाई की जा रही हैं। फिलहाल, ड्रग विभाग ने दवा सप्लाई करने वाली फर्मों को प्रतिबंधित कर दिया है। गरीब आदमी महंगे अस्पतालों में उपचार नहीं करा सकता। उनका सहारा सरकारी अस्पताल ही होते हैं। सरकारी अस्पतालों में रोजाना मरीजों की भीड़ लगती है।
विज्ञापन


बीमारी में आराम न आने पर मरीज चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप भी लगाते हैं। शासन स्तर से चिकित्सकों पर अस्पताल से बाहर की दवा लिखने पर रोक है। चिकित्सकों को हर हाल में अस्पताल से ही दवा देनी होगी। सरकारी अस्पतालों को सप्लाई की जा रही दवाएं लैब में फेल हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन दीपक ने बताया कि तीन माह पूर्व जिला अस्पताल से दवाइयों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए थे। इनमें से रिफोटेक्जिम इंजेक्शन 250 एमजी, विटामिन-ए सॉल्यूशन और टारबिनाफिन क्रीम का नमूना अधोमानक और मिस ब्रांड पाया गया है।

ड्रग एंड कास्मेटिक नियमों के दिशा-निर्देशों का प्रकाशन मानक के हिसाब से नहीं था। इसलिए तीनों नमूनों को मिस ब्रांड की श्रेणी में रखा गया है। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि एक मेडिकल स्टोर से लिया गया लिबरोजर गोली का नमूना भी अधोमानक पाया गया है।

शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। सरकारी अस्पताल को दवा सप्लाई करने वाली संबंधित कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। - नरेश मोहन दीपक, ड्रग इंस्पेक्टर, बुलंदशहर

दवा खरीद और सप्लाई से स्थानीय स्तर पर अधिकारियों का लेना-देना नहीं है। शासन स्तर से दवाइयों की सप्लाई की जाती है। सैंपल फेल हो जाने की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। वहां से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - दीपक ओहरी, सीएमओ


सिनारेस्ट और बीटाडिन नकली
सिनारेस्ट और बिटाडिन लॉशन नकली पाया गया है। सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक दवा फैक्ट्री से दोनों दवाइयों के नमूने लिए गए थे। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री को सील किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed