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होली: बसों की छत और खिड़कियों पर लटककर पहुंचे घर
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होली: बसों की छत और खिड़कियों पर लटककर पहुंचे घर
बुलंदशहर। होली पर घर जाने के लिए लोगों का खासी दिक्कत उठानी पड़ी। यात्रियों को प्राइवेट बसों की छत और खिड़कियों पर लटकर यात्रा करनी पड़ी। ऐसे में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बेहद परेशानी हुई।
बुधवार का दिन यात्रियों के लिए मुश्किल भरा रहा। भारी भीड़ के कारण जगह न मिलने से यात्री बसों की छत पर बैठ कर या खिड़की पर लटक कर सफर करते दिखाई दिए। नगर के रोडवेज बस अड्डे से लेकर सदर तहसील स्थित नया बस अड्डा, शिकारपुर बाईपास, भूड़ चौराहा, अनूपशहर अड्डा, स्याना बस अड्डा, खुर्जा बाईपास आदि स्थानों पर यात्री सुबह से शाम तक रोडवेज बसों का इंतजार करने के लिए खड़े नजर आए। इसके चलते यात्रियों का बैरंग वापस लौटना पड़ा या फिर डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कई स्थानों पर सुबह से लेकर शाम तक यात्रियों की घर जाने के लिए भीड़ दिखाई दी। किसी तरह उन्हें वाहन मिला और उसके बाद ही वह अपने गंतव्य की ओर बढ़े।
त्योहार पर घर जाने वालों के लिए बसें पड़ गई कम
होली पर यात्रियों को सुविधा देने के रोडवेज के दावे महज हवाई साबित हुए। बसों की किल्लत के चलते यात्री दिन भर हलकान रहे। वहीं यात्रियों को जान जोखिम में डालकर प्राइवेट बसों की छत पर बैठकर सफर करना पड़ा। सिकंदराबाद में औद्योगिक इकाईयां और खुर्जा में पॉटरी उद्योग होने के कारण यहा अन्य जनपदों,प्रदेशों के लोग बड़ी संख्या में काम करते हैं। होली का त्यौहार अपनों के बीच मनाने के लिए वर्कर छुट्टी लेकर अपने घरों को जा रहे हैं। बुलंदशहर, खुर्जा और सिकंदराबाद डिपो ने यात्रियों को राहत देने के लिए डिपो की सभी 200 बसों को चलाने का दावा किया। बावजूद इसके बसों की किल्लत रही।
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डग्गामार वाहनों ने लिया मनमाना किराया
बसों में भीड़ बढ़ने का फायदा डग्गामार वाहनों ने उठाया। उन्होंने यात्रियों से मनमाना किराया वसूल किया। इसके बाद लोग डग्गामार वाहन में जान जोखिम डालकर यात्रा करते नजर आए। कई लोगों वाहनों के पीछे लटककर घर पहुंचे। वहीं, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली जाने के लिए डग्गामार वाहन चालकों ने मनमाना किराया वसूल किया।
बोले यात्री
दादरी से बुलंदशहर तक बस मिली थी। भूड़ चौराहे पर करीब दो घंटा हो गए, लेकिन अभी तक कासगंज जाने के लिए न तो बस मिली है और न ही कोई वाहन। अब चिंता इस बात की है कि शाम तक घर पहुंच पाऊंगी या नहीं। - मीरा।
दिल्ली से सुबह करीब चार बजे चला था। वहां से बुलंदशहर तक बस मिली और शाम के पांच बज चुके हैं, लेकिन अभी तक सहसवान के लिए बस नहीं मिल रही है। जो भी बस आ रही है वह पूरी तरह भरी होने के साथ छत पर भी सवारी बैठकर जा रही हैं। - संतोष कुमार।
- नोएडा से अपने घर खुर्जा जा रहा हूं। किसी तरह भूड़ चौराहे पर पहुंचा, लेकिन यहां से भी खुर्जा के लिए बस नहीं मिल रही है। डग्गामार वाहन चालक भी मनमाना किराया मांग रहे हैं। - सुनील कुमार।
निगम की बसों का संचालन निरंतर जारी है। रोडवेज बस अड्डे पर आने के बाद बसों को तत्काल रवाना किया जा रहा है। कुछ रूटों पर रोडवेज बसों की कमी हो सकती है। प्रयास है यात्रियों को परेशानी न हो। - धीरज सिंह पंवार, एआरएम बुलंदशहर डिपो
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बुलंदशहर। होली पर घर जाने के लिए लोगों का खासी दिक्कत उठानी पड़ी। यात्रियों को प्राइवेट बसों की छत और खिड़कियों पर लटकर यात्रा करनी पड़ी। ऐसे में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बेहद परेशानी हुई।
बुधवार का दिन यात्रियों के लिए मुश्किल भरा रहा। भारी भीड़ के कारण जगह न मिलने से यात्री बसों की छत पर बैठ कर या खिड़की पर लटक कर सफर करते दिखाई दिए। नगर के रोडवेज बस अड्डे से लेकर सदर तहसील स्थित नया बस अड्डा, शिकारपुर बाईपास, भूड़ चौराहा, अनूपशहर अड्डा, स्याना बस अड्डा, खुर्जा बाईपास आदि स्थानों पर यात्री सुबह से शाम तक रोडवेज बसों का इंतजार करने के लिए खड़े नजर आए। इसके चलते यात्रियों का बैरंग वापस लौटना पड़ा या फिर डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कई स्थानों पर सुबह से लेकर शाम तक यात्रियों की घर जाने के लिए भीड़ दिखाई दी। किसी तरह उन्हें वाहन मिला और उसके बाद ही वह अपने गंतव्य की ओर बढ़े।
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त्योहार पर घर जाने वालों के लिए बसें पड़ गई कम
होली पर यात्रियों को सुविधा देने के रोडवेज के दावे महज हवाई साबित हुए। बसों की किल्लत के चलते यात्री दिन भर हलकान रहे। वहीं यात्रियों को जान जोखिम में डालकर प्राइवेट बसों की छत पर बैठकर सफर करना पड़ा। सिकंदराबाद में औद्योगिक इकाईयां और खुर्जा में पॉटरी उद्योग होने के कारण यहा अन्य जनपदों,प्रदेशों के लोग बड़ी संख्या में काम करते हैं। होली का त्यौहार अपनों के बीच मनाने के लिए वर्कर छुट्टी लेकर अपने घरों को जा रहे हैं। बुलंदशहर, खुर्जा और सिकंदराबाद डिपो ने यात्रियों को राहत देने के लिए डिपो की सभी 200 बसों को चलाने का दावा किया। बावजूद इसके बसों की किल्लत रही।
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डग्गामार वाहनों ने लिया मनमाना किराया
बसों में भीड़ बढ़ने का फायदा डग्गामार वाहनों ने उठाया। उन्होंने यात्रियों से मनमाना किराया वसूल किया। इसके बाद लोग डग्गामार वाहन में जान जोखिम डालकर यात्रा करते नजर आए। कई लोगों वाहनों के पीछे लटककर घर पहुंचे। वहीं, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली जाने के लिए डग्गामार वाहन चालकों ने मनमाना किराया वसूल किया।
बोले यात्री
दादरी से बुलंदशहर तक बस मिली थी। भूड़ चौराहे पर करीब दो घंटा हो गए, लेकिन अभी तक कासगंज जाने के लिए न तो बस मिली है और न ही कोई वाहन। अब चिंता इस बात की है कि शाम तक घर पहुंच पाऊंगी या नहीं। - मीरा।
दिल्ली से सुबह करीब चार बजे चला था। वहां से बुलंदशहर तक बस मिली और शाम के पांच बज चुके हैं, लेकिन अभी तक सहसवान के लिए बस नहीं मिल रही है। जो भी बस आ रही है वह पूरी तरह भरी होने के साथ छत पर भी सवारी बैठकर जा रही हैं। - संतोष कुमार।
- नोएडा से अपने घर खुर्जा जा रहा हूं। किसी तरह भूड़ चौराहे पर पहुंचा, लेकिन यहां से भी खुर्जा के लिए बस नहीं मिल रही है। डग्गामार वाहन चालक भी मनमाना किराया मांग रहे हैं। - सुनील कुमार।
निगम की बसों का संचालन निरंतर जारी है। रोडवेज बस अड्डे पर आने के बाद बसों को तत्काल रवाना किया जा रहा है। कुछ रूटों पर रोडवेज बसों की कमी हो सकती है। प्रयास है यात्रियों को परेशानी न हो। - धीरज सिंह पंवार, एआरएम बुलंदशहर डिपो