फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   highway jam for exumption

ऋण माफी के लिए हाईवे जाम

Tue, 22 Nov 2016 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर Updated Tue, 22 Nov 2016 01:18 AM IST
विज्ञापन
highway jam for exumption
jam - फोटो : अमर उजाला
नोट बंदी के चलते निजी कंपनियों द्वारा ऋण वसूली के लिए किए जा रहे उत्पीड़न के विरोध में महिलाओं ने हाइवे पर जाम लगाया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस और एसडीएम ने महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया।
विज्ञापन


एसडीएम ने महिलाओं को समस्या समाधान का आश्वासन दिया। उधर, कलक्ट्रेट में गुलावठी क्षेत्र के गांव चिड़ावक निवासी महिलाओं ने डीएम से शिकायत की है।


नोट बंदी के चलते निजी फाइनेंस कंपनियों द्वारा दिए गए ऋण की वसूली में पुरानी करेंसी न लेने से गांव की महिलाएं परेशान हैं। इसे लेकर सोमवार को फिर से महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। क्षेत्र के गांव वाजिदपुर, रोहिंदा, नगला हजरतपुर आदि गांवों की महिलाएं तहसील पहुंच गईं और हंगामा करना शुरू कर दिया।
विज्ञापन


इसके बाद ऋण माफी की मांग करते हुए महिलाओं ने तहसील के सामने हाइवे पर जाम लगा दिया। इसके चलते हाइवे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। महिलाओं ने कहा कि निजी फाइनेंस कंपनी से स्वरोजगार के लिए उन्होंने लोन लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


नोट बंदी के कारण वह किस्त नहीं दे पा रही हैं। नई करेंसी की मांग करते हुए संस्था के कर्मचारी उन्हें परेशान कर रहे हैं। उधर जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह महिलाओं को समझाकर वहां से हटाया। करीब 20 मिनट तक जाम लगने से लोग फंसे रहे। एसडीएम राहुल यादव ने महिलाओं को आश्वासन दिया है कि वह उनकी समस्या का जल्द समाधान कराएंगे।

सलमा, गुलिस्ता, राजेश्वरी, बबिता, नन्हीं आदि महिलाए रहीं। वहीं गुलावठी क्षेत्र के गांव चिड़ावक निवासी महिलाओं ने डीएम से शिकायत कर बताया है कि फाइनेंसर उनसे किश्त के रूप में नई करेंसी की मांग कर रहा है। शिकायत करने वाली महिलाओं में रेशमा, सायना, तबस्सुम, सुल्ताना, फमीद, जरीफा, फरजाना, रुकसाना आदि रहे।वहीं स्याना में सैकड़ों महिलाओं ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।


वह निजी फाइनेेंस कंपनियों द्वारा रिकवरी को स्थगित करने की मांग कर रही थीं। महिला रिजवाना, महेन्द्री देवी, नीता, रामबती, शाइस्ता आदि का कहना है कि नोट बंदी के कारण सारी व्यवस्था चौपट हो गई है। महिलायें रोजगार के अभाव में परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed