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आयुर्वेद अस्पतालों में बनेगी हर्बल वाटिका
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आयुर्वेद अस्पतालों में बनेगी हर्बल वाटिका
बुलंदशहर। कोरोना काल में आयुर्वेदिक इलाज काफी कारगर साबित रहा है। अब संभावित चौथी लहर में बीमारों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर शासन सतर्क हो गया है। वहीं, शासन द्वारा जिले के छह आयुर्वेदिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर हर्बल वाटिका बनाने के निर्देश दिए है। शासन के निर्देश पर आयुष विभाग तैयारी में जुट गया है। वहीं, वाटिका में अलग-अलग किस्म के 20 औषधीय पौधे रोपे जाएंगे। साथ ही लोगों को इन औषधियों की उपयोगिता बताई जाएगी।
कोरोना काल में आयुर्वेद के माध्यम से भी इलाज किया गया। इस दौरान आयुर्वेदिक दवाओं से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी। जिसे देखते हुए जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित छह आयुर्वेद अस्पतालों में औषधि पौधों की वाटिका लगाने की योजना बनाई गई है। जल्द ही आयुर्वेद अस्पतालों में औषधि पौधों की वाटिका लगाई जाएगी। इस वाटिका में रोपित पौधों के बारे में लोगों को बताने के साथ लाभ की भी जानकारी दी जाएगी।
इन अस्पतालों में बनेगी वाटिका
जिले में संचालित आयुर्वेदिक अस्पतालों में सुरजावली, अरनियां, सरायघासी, रौंडा, फिरोजपुर और अटेरना को हर्बल वाटिका बनाने के लिए चिन्हित किया गया है। जल्द ही सभी जगह हर्बल वाटिका बनकर तैयार हो जाएगी। इसमें आंवला, गिलोय, नीम, अश्वगंधा व एलोवेरा समेत 20 किस्म के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। आयुर्वेदिक अफसरों के अनुसार कोरोना काल में यही पौधे संजीवनी साबित हुए हैं।
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जिले के छह आयुर्वेदिक अस्पतालों में हर्बल वाटिका बनाने का काम शुरू कर दिया है। इससे लोगों को आयुर्वेदिक औषधियों की उपयोगिता के बारें में भी जानकारी मिल सकेगी। - डॉ. महेश कौशिक, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
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बुलंदशहर। कोरोना काल में आयुर्वेदिक इलाज काफी कारगर साबित रहा है। अब संभावित चौथी लहर में बीमारों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर शासन सतर्क हो गया है। वहीं, शासन द्वारा जिले के छह आयुर्वेदिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर हर्बल वाटिका बनाने के निर्देश दिए है। शासन के निर्देश पर आयुष विभाग तैयारी में जुट गया है। वहीं, वाटिका में अलग-अलग किस्म के 20 औषधीय पौधे रोपे जाएंगे। साथ ही लोगों को इन औषधियों की उपयोगिता बताई जाएगी।
कोरोना काल में आयुर्वेद के माध्यम से भी इलाज किया गया। इस दौरान आयुर्वेदिक दवाओं से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी। जिसे देखते हुए जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित छह आयुर्वेद अस्पतालों में औषधि पौधों की वाटिका लगाने की योजना बनाई गई है। जल्द ही आयुर्वेद अस्पतालों में औषधि पौधों की वाटिका लगाई जाएगी। इस वाटिका में रोपित पौधों के बारे में लोगों को बताने के साथ लाभ की भी जानकारी दी जाएगी।
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इन अस्पतालों में बनेगी वाटिका
जिले में संचालित आयुर्वेदिक अस्पतालों में सुरजावली, अरनियां, सरायघासी, रौंडा, फिरोजपुर और अटेरना को हर्बल वाटिका बनाने के लिए चिन्हित किया गया है। जल्द ही सभी जगह हर्बल वाटिका बनकर तैयार हो जाएगी। इसमें आंवला, गिलोय, नीम, अश्वगंधा व एलोवेरा समेत 20 किस्म के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। आयुर्वेदिक अफसरों के अनुसार कोरोना काल में यही पौधे संजीवनी साबित हुए हैं।
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जिले के छह आयुर्वेदिक अस्पतालों में हर्बल वाटिका बनाने का काम शुरू कर दिया है। इससे लोगों को आयुर्वेदिक औषधियों की उपयोगिता के बारें में भी जानकारी मिल सकेगी। - डॉ. महेश कौशिक, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी