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चीनी मिलों पर 155 करोड़ रुपये बकाया, भुगतान के लिए प्रदर्शन
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चीनी मिलों पर 155 करोड़ रुपये बकाया, भुगतान के लिए प्रदर्शन
बुलंदशहर। किसानों के करीब 155 करोड़ गन्ने का बकाया भुगतान न करने के खिलाफ मंगलवार को भाकियू महाशक्ति के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में मांगें पूरी न हुई तो किसान उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
मंगलवार दोपहर भाकियू महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमत और किसानों के बकाया का भुगतान न होने के कारण किसान बर्बादी की कगार पर आ चुका है। पेराई बंद होने के बाद भी किसानों का करीब पौने दो करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा गेहूं खरीद का भुगतान भी अभी तक लंबित है। डीजल की कीमत बढ़ने से पहले 40 फीसदी किसान ऐसे हैं, जो डीजल इंजन के माध्यम से सिंचाई करते हैं। गन्ना समर्थन मूल्य पिछले पांच वर्षों से नहीं बढ़ाया गया है। जिसके चलते अब गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 800 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। इसके अलावा धान समर्थन मूल्य सात हजार और मक्का समर्थन मूल्य छह हजार रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। कुल 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री संजय शर्मा, वीरेंद्र सिंह लोधी, संजय सिरोही, रिंकू राघव, ताहिर अली, बिट्टू ठाकुर, सुधीर चौधरी मौजूद रहे।
किसानों से आठ चीनी मिलों ने खरीदा था 797 करोड़ रुपये का गन्ना
बुलंदशहर। जनपद के 1.18 लाख से अधिक किसानों का आठ चीनी गन्ना खरीद करती हैं। इनमें चार मिल गैर जनपद और चार मिल जनपद की शामिल हैं। जिले की चीनी मिलों की बात की जाए तो अभी भी उन पर किसानों का 155 करोड़ रुपये बकाया गन्ना भुगतान चल रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार चारों चीनी मिलों ने 797 करोड़ से अधिक की राशि का गन्ना खरीदा था। इसमें से 641 करोड़ से अधिक की राशि का किसानों को भुगतान किया जा चुका है। जबकि अभी भी चीनी मिलों पर 155 करोड़ से अधिक की राशि का बकाया गन्ना भुगतान चल रहा है। जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी ने बताया कि जिले की चीनी मिल मेरठ मंडल में गन्ना भुगतान में पहले नंबर पर हैं। चीनी मिलों से बकाया गन्ना भुगतान करवाने के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है। किसानों की एक-एक पाई का जल्द ही बकाया गन्ना भुगतान करवा दिया जाएगा।
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इस तरह है गन्ना खरीद, भुगतान और बकाया राशि का ब्योरा
चीनी मिल का नाम कुल खरीदा गया गन्ना किया गया भुगतान शेष चल रहा भुगतान
साबितगढ़ 36245.72 करोड़ 34085.46 करोड़ 2160.26 करोड़
अनामिका़ 20951.77 करोड़ 15911.21 करोड़ 5040.56 करोड़
वेव 11102.83 करोड़ 6463.49 करोड़ 4639.34 करोड़
अनूपशहर 11469.83 करोड़ 7715.69 करोड़ 3754.14 करोड़
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बुलंदशहर। किसानों के करीब 155 करोड़ गन्ने का बकाया भुगतान न करने के खिलाफ मंगलवार को भाकियू महाशक्ति के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में मांगें पूरी न हुई तो किसान उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
मंगलवार दोपहर भाकियू महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमत और किसानों के बकाया का भुगतान न होने के कारण किसान बर्बादी की कगार पर आ चुका है। पेराई बंद होने के बाद भी किसानों का करीब पौने दो करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा गेहूं खरीद का भुगतान भी अभी तक लंबित है। डीजल की कीमत बढ़ने से पहले 40 फीसदी किसान ऐसे हैं, जो डीजल इंजन के माध्यम से सिंचाई करते हैं। गन्ना समर्थन मूल्य पिछले पांच वर्षों से नहीं बढ़ाया गया है। जिसके चलते अब गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 800 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। इसके अलावा धान समर्थन मूल्य सात हजार और मक्का समर्थन मूल्य छह हजार रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। कुल 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री संजय शर्मा, वीरेंद्र सिंह लोधी, संजय सिरोही, रिंकू राघव, ताहिर अली, बिट्टू ठाकुर, सुधीर चौधरी मौजूद रहे।
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किसानों से आठ चीनी मिलों ने खरीदा था 797 करोड़ रुपये का गन्ना
बुलंदशहर। जनपद के 1.18 लाख से अधिक किसानों का आठ चीनी गन्ना खरीद करती हैं। इनमें चार मिल गैर जनपद और चार मिल जनपद की शामिल हैं। जिले की चीनी मिलों की बात की जाए तो अभी भी उन पर किसानों का 155 करोड़ रुपये बकाया गन्ना भुगतान चल रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार चारों चीनी मिलों ने 797 करोड़ से अधिक की राशि का गन्ना खरीदा था। इसमें से 641 करोड़ से अधिक की राशि का किसानों को भुगतान किया जा चुका है। जबकि अभी भी चीनी मिलों पर 155 करोड़ से अधिक की राशि का बकाया गन्ना भुगतान चल रहा है। जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी ने बताया कि जिले की चीनी मिल मेरठ मंडल में गन्ना भुगतान में पहले नंबर पर हैं। चीनी मिलों से बकाया गन्ना भुगतान करवाने के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है। किसानों की एक-एक पाई का जल्द ही बकाया गन्ना भुगतान करवा दिया जाएगा।
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इस तरह है गन्ना खरीद, भुगतान और बकाया राशि का ब्योरा
चीनी मिल का नाम कुल खरीदा गया गन्ना किया गया भुगतान शेष चल रहा भुगतान
साबितगढ़ 36245.72 करोड़ 34085.46 करोड़ 2160.26 करोड़
अनामिका़ 20951.77 करोड़ 15911.21 करोड़ 5040.56 करोड़
वेव 11102.83 करोड़ 6463.49 करोड़ 4639.34 करोड़
अनूपशहर 11469.83 करोड़ 7715.69 करोड़ 3754.14 करोड़