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गरीबी से हार गई दिव्यांग की जिंदगी
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गरीबी से हार गई दिव्यांग की जिंदगी
चोला। गरीबी ने एक हंसते खेलते परिवार की खुशियों में ग्रहण लगा दिया। पैसे की व्यवस्था नहीं होने के कारण इलाज के अभाव में मकान के मलबे में दबने से घायल हुई दिव्यांग महिला ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने मृतका के परिवार को 20 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की। सूचना पर पुलिस के अलावा हल्का लेखपाल, कानूनगो ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। ग्रामीणों ने बिना पोस्टमार्टम कराए मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया।
बता दें कि ग्राम अलियाबाद निवासी दिव्यांग मेघश्याम पुत्र सुखपाल अपनी दिव्यांग पत्नी संजना व दो बच्चों के साथ जर्जर मकान में रह रहे थे। परिवार के पालन पोषण को वह ठेके पर जमीन लेकर मजदूरों से खेती कराता था। गरीबी के चलते दिव्यांग दंपती मकान का पुनर्निर्माण नहीं करा पा रहा था। मकान के जर्जर होने के कारण वह अपने दोनों बच्चों को सोने के लिए बड़े भाई के मकान में भेज देते थे। बृहस्पतिवार की सुबह अचानक मकान भरभराकर गिर गया था। मकान में सो रहा दिव्यांग दंपती मलबे में दब गया था। मकान गिरने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने दंपती को मलबे से निकाला था। संजना की हालत गंभीर होने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से चिकित्सकों ने उसे मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया था। बताया गया कि उपचार के लिए पैसे नहीं होने के कारण परिजन रविवार को उसे घर पर ले आए थे। हालत गंभीर होने और इलाज के अभाव में सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई। संजना की मौत की सूचना से ग्रामीणों में शोक व्याप्त हो गया। सूचना पर पुलिस व तहसील कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दंपती को ग्राम आवास योजना के तहत कोई सहायता नहीं दिलाने का आरोप लगाया और पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
मृतका के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए रिपोर्ट आलाधिकारियों को भेजी जाएगी। - रविंद्र कुमार, कानूनगो
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चोला। गरीबी ने एक हंसते खेलते परिवार की खुशियों में ग्रहण लगा दिया। पैसे की व्यवस्था नहीं होने के कारण इलाज के अभाव में मकान के मलबे में दबने से घायल हुई दिव्यांग महिला ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने मृतका के परिवार को 20 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की। सूचना पर पुलिस के अलावा हल्का लेखपाल, कानूनगो ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। ग्रामीणों ने बिना पोस्टमार्टम कराए मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया।
बता दें कि ग्राम अलियाबाद निवासी दिव्यांग मेघश्याम पुत्र सुखपाल अपनी दिव्यांग पत्नी संजना व दो बच्चों के साथ जर्जर मकान में रह रहे थे। परिवार के पालन पोषण को वह ठेके पर जमीन लेकर मजदूरों से खेती कराता था। गरीबी के चलते दिव्यांग दंपती मकान का पुनर्निर्माण नहीं करा पा रहा था। मकान के जर्जर होने के कारण वह अपने दोनों बच्चों को सोने के लिए बड़े भाई के मकान में भेज देते थे। बृहस्पतिवार की सुबह अचानक मकान भरभराकर गिर गया था। मकान में सो रहा दिव्यांग दंपती मलबे में दब गया था। मकान गिरने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने दंपती को मलबे से निकाला था। संजना की हालत गंभीर होने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से चिकित्सकों ने उसे मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया था। बताया गया कि उपचार के लिए पैसे नहीं होने के कारण परिजन रविवार को उसे घर पर ले आए थे। हालत गंभीर होने और इलाज के अभाव में सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई। संजना की मौत की सूचना से ग्रामीणों में शोक व्याप्त हो गया। सूचना पर पुलिस व तहसील कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दंपती को ग्राम आवास योजना के तहत कोई सहायता नहीं दिलाने का आरोप लगाया और पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
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मृतका के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए रिपोर्ट आलाधिकारियों को भेजी जाएगी। - रविंद्र कुमार, कानूनगो