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Bulandshahar News: तीन दिन की धेवती की हत्या करने वाली नानी को 22 माह बाद आजीवन कारावास
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बुलंदशहर। स्याना कोतवाली क्षेत्र में अस्पताल में जन्मी तीन दिन की नवजात की हत्या करने वाली नानी मीना को 22 माह बाद न्यायालय ने दोषी करार दिया है। आजीवन कारावास के साथ दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
दानिश निवासी मोहल्ला कैथवाला थाना स्याना ने 14 जुलाई 2023 को स्याना कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि पत्नी आयशा गर्भवती थी। 11 जुलाई को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी शाम आपरेशन के बाद एक पुत्री को जन्म दिया था। देखभाल के लिए पत्नी की मां मीना निवासी छोटा हसनपुर थाना भावनपुर जिला मेरठ को बुलाया था।
13 जुलाई को अस्पताल में ही रात करीब साढ़े नौ बजे नवजात बच्ची को दूध पिलाकर मां ने सुला दिया था। तभी सास बच्ची को उठाकर ले गई और अस्पताल के रिसेप्शन के पास ले जाकर बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। पुलिस ने जांच में जब अस्पताल का सीसीटीवी खंगाला तो आरोपी महिला बच्ची को ले जाते और लाते हुए दिखाई दी। यह वीडियो भी उस दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
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जांच के बाद पुलिस ने आरोपी महिला मीना के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश कर दी थी। बीते दिनों आरोपी महिला व वादी पक्ष के बीच समझौता हो गया था। पुलिस की प्रभावी पैरवी और अभियोजन पक्ष की ओर से की गई कार्रवाई के चलते एडीजे एफटीसी तृतीय शिवानंद की न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त नानी मीना को दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास व दस हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है।
गवाह मुकरे, अस्पताल की गवाही पर मिला न्याय
मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद वादी दानिश व उसकी पत्नी आयशा ने गवाही बदल दी थी। संबंधित अस्पताल के चिकित्सक व अन्य लोगों की गवाही पुख्ता रही। उनकी गवाही की वजह से ही नानी को सजा हुई है। न्यायालय ने इस मामले में गवाही से मुकरने पर वादी दानिश के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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दानिश निवासी मोहल्ला कैथवाला थाना स्याना ने 14 जुलाई 2023 को स्याना कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि पत्नी आयशा गर्भवती थी। 11 जुलाई को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी शाम आपरेशन के बाद एक पुत्री को जन्म दिया था। देखभाल के लिए पत्नी की मां मीना निवासी छोटा हसनपुर थाना भावनपुर जिला मेरठ को बुलाया था।
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13 जुलाई को अस्पताल में ही रात करीब साढ़े नौ बजे नवजात बच्ची को दूध पिलाकर मां ने सुला दिया था। तभी सास बच्ची को उठाकर ले गई और अस्पताल के रिसेप्शन के पास ले जाकर बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। पुलिस ने जांच में जब अस्पताल का सीसीटीवी खंगाला तो आरोपी महिला बच्ची को ले जाते और लाते हुए दिखाई दी। यह वीडियो भी उस दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
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जांच के बाद पुलिस ने आरोपी महिला मीना के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश कर दी थी। बीते दिनों आरोपी महिला व वादी पक्ष के बीच समझौता हो गया था। पुलिस की प्रभावी पैरवी और अभियोजन पक्ष की ओर से की गई कार्रवाई के चलते एडीजे एफटीसी तृतीय शिवानंद की न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त नानी मीना को दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास व दस हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है।
गवाह मुकरे, अस्पताल की गवाही पर मिला न्याय
मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद वादी दानिश व उसकी पत्नी आयशा ने गवाही बदल दी थी। संबंधित अस्पताल के चिकित्सक व अन्य लोगों की गवाही पुख्ता रही। उनकी गवाही की वजह से ही नानी को सजा हुई है। न्यायालय ने इस मामले में गवाही से मुकरने पर वादी दानिश के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।