Bulandshahr: गुरु के निधन के बाद श्रद्धांजलि देने पहुंचे केरल के राज्यपाल, शास्त्री को याद कर हुए भावुक
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद गुरु पूरन चंद शास्त्री के निधन के बाद गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचे। शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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अब मुझे गुरु का आशीर्वाद नहीं मिल सकेगा, मेरी प्राथमिक शिक्षा के गुरु द्वारा दिए गए संस्कारों के दम पर ही मैं आज इस मुकाम पर पहुंच पाया हूं। इतना कहकर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान फफक कर रो पड़े। नौ मई की रात को राज्यपाल के गुरू सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक पूरन चंद शास्त्री का निधन हो गया था। शुक्रवार को आरिफ मोहम्मद खान उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
शुक्रवार को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद अपने शिक्षा गुरु पूरन चंद शास्त्री के निधन के बाद अपने गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचे। वहां मौजूद सभी लोगों को हाथ जोड़कर नमस्कार करते हुए अपने गुरू पूरन चंद शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। जब गुरू मां शारदा देवी राज्यपाल के गले लगकर रोने लगीं तो आरिफ मोहम्मद खान भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने गुरु को ढांढस बंधाया। राज्यपाल ने कहा कि वह आजीवन गुरू के ऋणी रहेंगे। इसके बाद आरिफ मोहम्मद खान ने नरसेना पहुंचकर अमर सिंह और मंगल सेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
वहीं फिल्म 'द केरला स्टोरी' पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए खान ने कहा कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है और देखा कि राज्य में विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच सौहार्द और भाईचारे का माहौल है। केरल के राज्यपाल यहां अपने 'गुरु' पूरन चंद शास्त्री को श्रद्धांजलि देने आए थे। उन्होंने कहा कि केरल में लोग एक ही तरह के कपड़े पहनते हैं, एक ही तरह का खाना खाते हैं और एक ही भाषा बोलते हैं। आप वहां किसी को यह कहते हुए नहीं पाएंगे कि यह एक मुस्लिम या हिंदू भाषा है। कोई भी यह नहीं कहेगा कि यह व्यक्ति उत्तर केरल या दक्षिण केरल से है लेकिन, पिछले एक या दो दशकों में इसे बनाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए गए हैं। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य जयप्रकाश माहुर, जितेंद्र राणा, राफे खान, राजू राणा, कैलाश राणा, बिल्लू मौजूद रहे।