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10 केद्रों पर आलू खरीदेगी सरकार
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
Updated Tue, 11 Apr 2017 10:56 PM IST
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आलू के दाम गिरने से किसान परेशान
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में आलू खरीद का खाका तैयार कर लिया गया है। आलू खरीद के लिए 10 क्रय केंद्र खोलने की तैयारी उद्यान विभाग ने की है। आलू का रेट 487 रुपये प्रति क्विंटल होगा। खरीद एजेंसियों को ही आलू के दाम किसानों को चुकाने होंगे।
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जिले में सात हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की फसल बोई गई है। आलू की बंपर उत्पादन होने से किसानों को दाम सही नहीं मिल रहे हैं। किसानों को दाम सही मिले इसलिए उद्यान विभाग जिले में 10 केंद्र खुलवाकर आलू की सीधी खरीद किसानों से करेगा।
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आलू का रेट 487 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया गया है। आलू खरीद के लिए यूपी एग्रो, पीसीएफ और यूपी उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड को नामित किया गया है। जिला उद्यान अधिकारी एसके गुप्ता ने बताया कि बुधवार को डीएम के साथ मीटिंग है।
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मीटिंग के बाद गेहूं खरीद का रास्ता निर्धारित हो जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी एसके गुप्ता ने बताया कि आलू खरीद में किसानों को कोई दिक्कत न हो इसलिए विभागीय अफसर निगरानी रखेंगे। किसानों को आलू का दाम चेक से दिया जाएगा।
बाजार में आलू का रेट कम होने से जिले के सभी कोल्ड स्टोर फुल हो चुके हैं। इसलिए आने वाले महीनों में आलू के रेट में नरमी बनी रहेगी। आलू का रेट कम होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
- एसके गुप्ता, जिला उद्यान अधिकारी
आलू किसानों को 60 करोड़ का नुकसान
आलू मंदी की सीधी मार किसानों की जेब पर पड़ रही है। आलू के दामों में गिरावट आने से किसानों को एक माह में 60 करोड़ रुपये का फटका लग चुका है। आगे भी आलू के दामों में बढ़ोतरी हो, ऐसी उम्मीद कम है। गत् वर्ष मौजूदा समय में आलू का रेट कम से कम 300 रुपये प्रति बोरा (50 किग्रा.) था।
जबकि अब किसान सब्जी मंडियों में 150 रुपये के हिसाब से आलू बेचने को मजबूर हैं। सीजन में आलू की फसल सात हजार हेक्टेयर में बोई गई थी। जिसमें आलू का उत्पादन 20 लाख क्विंटल से अधिक हुआ है। जिले में 13 लाख क्विंटल आलू मिलों में भंडारित हो चुका है।
कोल्ड स्टोर फुल होने की स्थिति में आलू की खेप हापुड़ और अलीगढ़ के कोल्ड स्टोर में भेजी जा रही है। आलू का मौजूदा रेट 150 रुपये प्रति बोरा रह गया है। इस हिसाब से 20 लाख क्विंटल आलू की कीमत 60 करोड़ रुपये बैठती है। पिछले साल भी कमोबेश इतना ही आलू जिले में पैदा हुआ था।
हालांकि रेट अब से दोगुना थे। पिछले साल इन दिनों में आलू का रेट 300 रुपये प्रति बोरा था। कुल मिलाकर आलू की कीमत 120 करोड़ रुपये थी, जो इस बार 60 करोड़ रुपये रह गई है। इसका सीधा सीधा असर किसानों की जेब पर पड़ा है।
एक माह के भीतर किसानों को 60 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। उद्यान विभाग के मुताबिक आलू का बंपर उत्पादन होने के कारण मई जून जुलाई में आलू का रेट बढ़ना मुश्किल नजर आ रहा है।