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बुलडोजर चलवाने वाले अफसरों से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
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बुलडोजर चलवाने वाले अफसरों से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
बुलंदशहर। ककोड़ क्षेत्र में बने लोगों के आशियाने पर बुलडोजर चलवाने वाले अफसरों से हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया है। बताया जा रहा है कि कोर्ट के स्टे के बाद भी यीडा के अधिकारियों ने लोगों को नोटिस देकर अवैध निर्माण हटाने का भी समय नहीं दिया। बुलडोजर चलवाकर ध्वस्तीकरण करवा दिया था।
पिछले दिनों ककोड़-झाझर क्षेत्र में यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और सिकंदराबाद तहसील प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया था। एक निजी रेजिडेंसी के लीगल एडवाइजर योगेश कुमार राजौरा ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर बताया कि यमुना विकास प्राधिकरण की यह कार्रवाई पूरी तरह अवैध थी। कार्रवाई के दौरान यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को कोर्ट का आदेश दिखाने का प्रयास किया था, लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। बुलडोजर चलाकर मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने उनकी रिट स्वीकार करते हुए यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ अरुण वीर सिंह, ओएसडी शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम सिकंदराबाद राकेश कुमार, डीजीएम राजेन्द्र कुमार भाटी, तहसीलदार विनय भदौरिया और सीनियर मैनेजर विकास कुमार से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी। मामले में सिकंदराबाद एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि अभी तक कोर्ट से इस संबंध में कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं। जैसे ही कोई पत्र मिलेगा, आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीडीए की टीम ने अवैध कालोनियां की ध्वस्त
बीडीए की टीम ने सचिव संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में शहर की अवैध कालोनियों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान गांव खेतलपुर भांसौली, खुर्जा रोड, गांव सुनहरा रोड, गांव गंगेरुआ क्षेत्र में करीब 20 बीघा जमीन पर अवैध रूप से काटी जा रही कालोनियों को ध्वस्त किया गया।
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बुलंदशहर। ककोड़ क्षेत्र में बने लोगों के आशियाने पर बुलडोजर चलवाने वाले अफसरों से हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया है। बताया जा रहा है कि कोर्ट के स्टे के बाद भी यीडा के अधिकारियों ने लोगों को नोटिस देकर अवैध निर्माण हटाने का भी समय नहीं दिया। बुलडोजर चलवाकर ध्वस्तीकरण करवा दिया था।
पिछले दिनों ककोड़-झाझर क्षेत्र में यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और सिकंदराबाद तहसील प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया था। एक निजी रेजिडेंसी के लीगल एडवाइजर योगेश कुमार राजौरा ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर बताया कि यमुना विकास प्राधिकरण की यह कार्रवाई पूरी तरह अवैध थी। कार्रवाई के दौरान यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को कोर्ट का आदेश दिखाने का प्रयास किया था, लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। बुलडोजर चलाकर मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने उनकी रिट स्वीकार करते हुए यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ अरुण वीर सिंह, ओएसडी शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम सिकंदराबाद राकेश कुमार, डीजीएम राजेन्द्र कुमार भाटी, तहसीलदार विनय भदौरिया और सीनियर मैनेजर विकास कुमार से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी। मामले में सिकंदराबाद एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि अभी तक कोर्ट से इस संबंध में कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं। जैसे ही कोई पत्र मिलेगा, आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बीडीए की टीम ने अवैध कालोनियां की ध्वस्त
बीडीए की टीम ने सचिव संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में शहर की अवैध कालोनियों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान गांव खेतलपुर भांसौली, खुर्जा रोड, गांव सुनहरा रोड, गांव गंगेरुआ क्षेत्र में करीब 20 बीघा जमीन पर अवैध रूप से काटी जा रही कालोनियों को ध्वस्त किया गया।
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