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Bulandshahar News: तीन दिन से नहीं उठा कूड़ा, शहर में पसरी गंदगी
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सिकंदराबाद नगर के बड़ा बाजार में पड़ा कूड़ा। संवाद
सिकंदराबाद। नगर में पिछले तीन दिन से कूड़ा नहीं उठने से हालात बदतर होते जा रहे हैं। सड़क से लेकर गली-मोहल्लों और बाजार में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इसके कारण नगर की करीब एक लाख आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोगों में नाराजगी है।
नगरवासियों का कहना है कि गंदगी के कारण उनका जीना मुश्किल हो गया है और संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। नगरवासियों ने पालिका प्रशासन, स्थानीय प्रशासन से कूड़ा उठाने की मांग की है। एसडीएम ने भी कूड़ा डालने का विरोध कर रहे क्षेत्र के ग्रामीणों, किसान संगठनों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान तलाशने का प्रयास किया।
नगर पालिका ने नगर का कूड़ा डालने के लिए जेवर-ककोड़ मार्ग पर गांव महताबनगर में कूड़े का डंपिंग ग्राउंड बनाया था। वहां पर कूड़े के ढेर लग गए और पालिका प्रशासन कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं कर पाया। करीब एक सप्ताह पूर्व पालिका के डंपिंग ग्राउंड के कूड़े में आग लग गई थी, जिसके कारण क्षेत्र में प्रदूषण फैल गया था। प्रदूषण की रोकथाम और फसलों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र के ग्रामीण डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध करने लगे।
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उन्होंने डंपिंग ग्राउंड को स्थानांतरित करने के लिए धरना शुरू कर दिया। किसान संगठन भी ग्रामीणों के समर्थन में उनके साथ धरने पर बैठ गए थे। एसडीएम ने चार दिन पहले धरना समाप्त करा दिया था। अब ग्रामीणों ने फिर से कूड़ा डालने का विरोध किया। इसको देखते हुए नगर पालिका के कर्मचारियों ने नगर से कूड़ा उठाना बंद कर दिया।
कूड़ा उठान नहीं होने से नगर के मोहल्लों, कॉलोनियों, मुख्य मार्गों, बाजार में कूड़े के ढेर लग गए है। कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध,गंदगी, मक्खी, मच्छरों के प्रकोप से परेशान नगर की एक लाख की आबादी में आक्रोश है। लोगों ने कूड़ा उठाने की मांग को लेकर पालिका प्रशासन,स्थानीय प्रशासन तक शिकायत की और कूड़ा नहीं उठने पर आंदोलन की चेतावनी तक दे डाली। हालात बेकाबू होता देख एसडीएम दीपक कुमार ने कमान संभाली।
समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कूड़ा डालने का विरोध कर रहे क्षेत्र के लोगों, किसान संगठनों के साथ बैठक की। ग्रामीणों, किसान संगठनों ने डंपिंग ग्राउंड में लगी आग का हवाला देते हुए दोबारा कूड़ा डालने पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि इससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
एसडीएम ने आश्वासन दिया कि पालिका द्वारा नए डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह की तलाश की जा रही है और जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। फिलहाल कूड़ा अस्थाई रूप से पुराने स्थान महताबनगर के डंपिंग ग्राउंड में ही डाला जाएगा।
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नगरवासियों का कहना है कि गंदगी के कारण उनका जीना मुश्किल हो गया है और संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। नगरवासियों ने पालिका प्रशासन, स्थानीय प्रशासन से कूड़ा उठाने की मांग की है। एसडीएम ने भी कूड़ा डालने का विरोध कर रहे क्षेत्र के ग्रामीणों, किसान संगठनों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान तलाशने का प्रयास किया।
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नगर पालिका ने नगर का कूड़ा डालने के लिए जेवर-ककोड़ मार्ग पर गांव महताबनगर में कूड़े का डंपिंग ग्राउंड बनाया था। वहां पर कूड़े के ढेर लग गए और पालिका प्रशासन कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं कर पाया। करीब एक सप्ताह पूर्व पालिका के डंपिंग ग्राउंड के कूड़े में आग लग गई थी, जिसके कारण क्षेत्र में प्रदूषण फैल गया था। प्रदूषण की रोकथाम और फसलों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र के ग्रामीण डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध करने लगे।
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उन्होंने डंपिंग ग्राउंड को स्थानांतरित करने के लिए धरना शुरू कर दिया। किसान संगठन भी ग्रामीणों के समर्थन में उनके साथ धरने पर बैठ गए थे। एसडीएम ने चार दिन पहले धरना समाप्त करा दिया था। अब ग्रामीणों ने फिर से कूड़ा डालने का विरोध किया। इसको देखते हुए नगर पालिका के कर्मचारियों ने नगर से कूड़ा उठाना बंद कर दिया।
कूड़ा उठान नहीं होने से नगर के मोहल्लों, कॉलोनियों, मुख्य मार्गों, बाजार में कूड़े के ढेर लग गए है। कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध,गंदगी, मक्खी, मच्छरों के प्रकोप से परेशान नगर की एक लाख की आबादी में आक्रोश है। लोगों ने कूड़ा उठाने की मांग को लेकर पालिका प्रशासन,स्थानीय प्रशासन तक शिकायत की और कूड़ा नहीं उठने पर आंदोलन की चेतावनी तक दे डाली। हालात बेकाबू होता देख एसडीएम दीपक कुमार ने कमान संभाली।
समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कूड़ा डालने का विरोध कर रहे क्षेत्र के लोगों, किसान संगठनों के साथ बैठक की। ग्रामीणों, किसान संगठनों ने डंपिंग ग्राउंड में लगी आग का हवाला देते हुए दोबारा कूड़ा डालने पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि इससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
एसडीएम ने आश्वासन दिया कि पालिका द्वारा नए डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह की तलाश की जा रही है और जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। फिलहाल कूड़ा अस्थाई रूप से पुराने स्थान महताबनगर के डंपिंग ग्राउंड में ही डाला जाएगा।