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बावरिया गैंग से खुद निपटेंगे ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:40 PM IST
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बावरिया गैंग
- फोटो : अमर उजाला
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ककोड़। थाना क्षेत्र में बावरिया गैंग की दस्तक से पुलिस भी खौफ खा रही है, इसलिए उसने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है। बुधवार चार-पांच गांवों में रात बावरिया गिरोह के सदस्य देखे जाने की सूचना से ग्रामीणों में ही नहीं पुलिस में भी हड़कंप मचा गया। बृहस्पतिवार दोपहर एसओ ककोड़ की मौजूदगी थाना क्षेत्र के 40 गांवों की महापंचायत हुई।
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जिसमें एसओ ने ग्रामीणों से टोली बनाकर रात में पहरा देने और कोई भी सूचना मिलने पर फौरन ही पुलिस को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। साथ उन्होंने गांवों में गश्त बढ़ाने की भी बात कही। थाना ककोड़ में करीब 40 गांव हैं। बुधवार रात गांव धनौरा, सूबरा, भोपतपुर, सलेमपुर जाट समेत पांच गांवों में बावरिया गिरोह के लोग देखे गए। लोगों ने फौरन ही सूचना पुलिस को दी।
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पुलिस ने रात में गश्त की, लेकिन गैंग का कोई भी सदस्य हाथ नहीं लगा। गनीमत रही कि कोई बड़ी वारदात क्षेत्र में नहीं हुई। क्षेत्र में बावरिया की आहट को भांपते हुए एसओ ककोड़ कौशलेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार दोपहर 40 गांवों के प्रधान, पूर्व प्रधान, बीडीसी और जिम्मेदार 400-500 लोगों को थाने पर बुलाकर महापंचायत कराई।
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जिसमें कौशलेंद्र यादव ने कहा कि प्रत्येक गांव के लोग रात में 5-6 लोगों टोलियां बनाकर रात में पहरा दें। यह टोली रात में 10 बजे से एक बजे तक और रात में एक से सुबह चार बजे तक पहरा दें। जिससे की जान-माल की सुरक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि बावरिया गिरोह लूटपाट के दौरान हत्या, रेप और खून बहाने से भी नहीं चूकता। ऐसे में लोग पुलिस की सहायता से बावरिया गिरोह पर काबू पा सकते हैं। इस दौरान सुभाष, शशि, सुषमा, नरेश, प्रवेश, मनवीर, दानवीर, राकेश, सोनू, अमित मौजूद रहे।